• इस वर्ष में बैंक के शेयर 39.40 प्रति लुढ़के, अप्रैल में 24.28 प्रतिशत की रिकवरी
  • 6296.94 करोड़ रुपये चुकाने से 2629 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ

दैनिक भास्कर

07 मई, 2020, रात 02:16 बजे IST

नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2019-20 की चौथी (जनवरी-मार्च) तिमाही में मुनाफे से यस बैंक के निवेशकों का उत्साह बढ़ा है। यही कारण है कि गुरुवार को बैंक के शेयरों में बीएसई में इंट्रा-डे में 20 प्रति तक का उछाल दर्ज किया गया। बैंक के शेयर 31.60 रुपये प्रति शेयर तक पहुंच गए। हालांकि, यह तेजी ज्यादा देर नहीं रह सकी और शेयर का भाव कम हो गया। दोपहर लगभग 1 बजे बैंक के शेयर 8.16 प्रति की तेजी के साथ 28.50 रुपये प्रति शेयर कारोबार कर रहे हैं।

इस साल यस बैंक के शेयर 39.40 फीसदी तक लुढ़के
यस बैंक के शेयर इस साल अब तक 39.40 फीसदी तक लुढ़क चुके हैं। अप्रैल महीने में बैंक के शेयरों में 24.28 प्रति की रिकवरी दर्ज की गई है। हालांकि, बैंक के शेयर अपने ऑल टाइम हाई लेवल (18 अगस्त 2018) 404 रुपए प्रति शेयर के मुकाबले 92.98 फीसदी नीचे कारोबार कर रहे हैं। इस समय बिसाई में बैंक का बाज़ार कैपिटलाइजेशन 35,643 करोड़ रुपये के लगभग है।

एडिशनल टियर -1 बॉन्ड की वजह से चौथी तिमाही में मुनाफा

यस बैंक को वित्त वर्ष 2020 की चौथी तिमाही में 2629 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है। यह मुनाफा राहत योजना के तहत मिली मदद की वजह से हुआ है। दरअसल, बैंक को एडिशनल टियर -1 बॉन्ड की वजह से 6296.94 करोड़ रुपए की राशि को चुकाने की मंजूरी मिली थी। इस कारण यह राशि बैंक के बहीखाते से हट गई और चौथी तिमाही में मुनाफा हुआ। यदि ऐसा नहीं होता तो बैंक को 3668 करोड़ रुपये का घाटा होता है।

पूरे वित्त वर्ष में 16,418 करोड़ रुपये का घाटा
यस बैंक की ओर से एयरलाइंस को दी गई जानकारी में कहा गया है कि उसे वित्त वर्ष 2020 में 16,418 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। जबकि वित्त वर्ष 2018-19 में बैंक को 1720.27 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। बैंक का 63 प्रतिशत निवेश नॉन-परफॉर्मिंग निवेश में बदल चुका है। वित्त वर्ष 2020 के दौरान बैंक का कुल एनपीए 32788.59 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो उसके कुल ऋण वितरण का 16.9 प्रतिशत है।

आरबीआई ने 6 मार्च को कई प्रतिबंध लगाए थे
रिजर्व की कमी मने आने के बाद भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 6 मार्च को यस बैंक पर कई प्रतिबंध लगा दिए थे। इससे बैंक के शेयर अचानक गिर गए थे और निवेशकों के साथ खाताधारकों में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया था। इसके बाद आरबीआई ने 13 मार्च को राहत योजना घोषित की। इस योजना के तहत यस बैंक लिमिटेड रीकंस्ट्रक्शन स्कीम 2020 जारी की गई थी। इस स्कीम के तहत एसबीआई सहित कई बैंकों ने यस बैंक में 10 हजार करोड़ रुपये की पूंजी का निवेश किया था।





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