वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Updated Thu, 28 May 2020 09:00 PM IST

डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)
– फोटो : पीटीआई

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कोरोना वायरस के मुद्दे पर चीन पर लगातार हमला बोल रहे हैं। उन्होंने वायरस को लेकर एक बार फिर चीन को निशाने पर लिया है। ट्रंप ने एक ट्वीट किया है जिसमें उन्होंने इस वायरस को चीन का ‘उपहार’ बताया है। 

डोनाल्ड ट्रंप ने इस ट्वीट में कहा, ‘पूरी दुनिया में कोरोना वायरस, जो कि चीन की ओर से दिया गया बेहद खराब उपहार है, बढ़ रहा है। यह ठीक नहीं है।’ बता दें कि ट्रंप और अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो शुरू से ही आरोप लगाते आए हैं कि कोरोना वायरस चीन की ही प्रयोगशाला से निकला है। इस मुद्दे पर दोनों ओर से टकराव जारी है। अमेरिका के जवाब में चीन ने उसे संयम बरतने और इस तरह के आरोप नहीं लगाने की नसीहत दे चुका है। 
 

इससे पहले आज चीन के प्रधानमंत्री ली केंगियांग ने ट्रंप प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा था कि दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को प्रभावित करने का कोई भी प्रयास किसी के लिए भी अच्छा नहीं होगा। चीन और अमेरिका को अपने मतभेदों का निपटारा करना चाहिए और एक-दूसरे के मूल हितों का सम्मान करना चाहिए। 

 

सार

  • कोरोना वायरस को लेकर एक बार फिर साथा चीन पर निशाना
  • कहा, दुनिया में तेजी से फैल रहा है कोविड-19, यह ठीक नहीं 
  • कोरोना की उत्पत्ति को लेकर पहले भी लगाते रहे हैं चीन पर आरोप

विस्तार

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कोरोना वायरस के मुद्दे पर चीन पर लगातार हमला बोल रहे हैं। उन्होंने वायरस को लेकर एक बार फिर चीन को निशाने पर लिया है। ट्रंप ने एक ट्वीट किया है जिसमें उन्होंने इस वायरस को चीन का ‘उपहार’ बताया है। 

डोनाल्ड ट्रंप ने इस ट्वीट में कहा, ‘पूरी दुनिया में कोरोना वायरस, जो कि चीन की ओर से दिया गया बेहद खराब उपहार है, बढ़ रहा है। यह ठीक नहीं है।’ बता दें कि ट्रंप और अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो शुरू से ही आरोप लगाते आए हैं कि कोरोना वायरस चीन की ही प्रयोगशाला से निकला है। इस मुद्दे पर दोनों ओर से टकराव जारी है। अमेरिका के जवाब में चीन ने उसे संयम बरतने और इस तरह के आरोप नहीं लगाने की नसीहत दे चुका है। 

 

इससे पहले आज चीन के प्रधानमंत्री ली केंगियांग ने ट्रंप प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा था कि दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को प्रभावित करने का कोई भी प्रयास किसी के लिए भी अच्छा नहीं होगा। चीन और अमेरिका को अपने मतभेदों का निपटारा करना चाहिए और एक-दूसरे के मूल हितों का सम्मान करना चाहिए। 

 

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