• देशभर में अब तक इस ऐप को 11.5 करोड़ लोग डाउनलोड कर चुके हैं
  • कई बड़े एथिकल हैकर्स ने ऐप की प्राइवेसी पर उठा चुके हैं सवाल

दैनिक भास्कर

May 27, 2020, 07:40 PM IST

नई दिल्ली. कोरोना वायरस से सुरक्षा व संक्रमितों की ट्रेसिंग के लिए बनाए गए आरोग्य सेतु ऐप को दुनियाभर में काफी पॉपुलैरिटी मिली है। देशभर में अब तक इस ऐप को 11.5 करोड़ लोग डाउनलोड कर चुके हैं। हालांकि, बीते दिनों इस ऐप की प्राइवेसी पर काफी सवाल उठे थे। कई बड़े एथिकल हैकर्स ने भी ऐप की प्राइवेसी पर सवाल उठा चुके हैं। लोगों की मांग पर इस ऐप के सोर्स कोड को अब पब्लिक किया जा चुका है। फिलहाल आरोग्य सेतु ऐप के एंड्रॉयड वर्जन को ओपन सोर्स किया गया है। इसके बाद iOS और KaiOS वर्जन का भी सोर्स कोड जारी किया जाएगा। इसकी जानकारी नीति आयोग ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए दी है।

कोड में सुधार का सुझाव देने वाले को भी इनाम मिलेगा
सरकार ने ऐप में बग को खोजने के लिए बग बाउंटी प्रोग्राम भी लॉन्च किया है जिसके तहत आरोग्य सेतु ऐप में कोई बग खोजने पर एक लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा। सरकार ने सभी डेवलपर्स का स्वागत करते हुए कहा कि ऐप को लेकर अगर किसी के मन में कोई सवाल है, कोई कमी है या फिर कोई सुझाव है तो उसका स्वागत है। इस ऐप में तकनीकी गड़बड़ी खोजने वालों के लिए चार कैटेगरी में प्राइज मनी रखे गए हैं। आरोग्य सेतु में सुरक्षा की तीन कैटेगरी में 1-1 लाख रुपए का इनाम रखा गया है जबकि कोड में सुधार का सुझाव देने वाले को भी 1 लाख रुपए का इनाम मिलेगा। बता दें कि इस ऐप के सोर्स कोड को पब्लिक किए जाने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इस ऐप की सुरक्षा व्यवस्था को और भी बेहतर किया जा सकेगा।

आरोग्य सेतु ऐप करता है कोरोना संक्रमित को ट्रैस
बता दें कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए भारत में 2 अप्रैल 2020 को नीति आयोग द्वारा आरोग्य सेतु ऐप लांच किया गया था, जो यूजर्स को यह बताता है कि उसके आसपास कोई कोरोना संक्रमित व्यक्ति तो नहीं है। इस ऐप में कोरोना से जुड़े कई महत्वपूर्ण अपडेट दिए गए हैं और अब इस एप की मदद से ऑनलाइन माध्यम से चिकित्सक की सलाह भी ली जा सकती है। ऐप में जोड़ी गई आरोग्य सेतु मित्र नामक सुविधा का उपयोग कर टेलीमेडिसन (फोन के जरिए चिकित्सक से परामर्श) की सुविधा का लाभ लिया जा सकता है। आरोग्य सेतु एप 12 भाषाओं में उपलब्ध है।

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