शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी के कुरान मजीद से 26 आयतों को हटाने के बयान और सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई याचिका के विरोध में रविवार को शिया व सुन्नी उलमा ने एक मंच पर आकर वसीम को इस्लाम और कुरान का दुश्मन और आतंकवादी करार देते हुये उसके सामाजिक बहिष्कार का एलान किया।

उलमा ने वसीम को मुरतद यानि दीन से खारिज बताते हुए कहा कि अब वह मुसलमान नहीं हैं, लिहाजा उन्हें मुस्लिम कब्रिस्तान में दफनाया भी नहीं जा सकता है। यहां तक कि कोई भी आलिम उसके जनाजे की नमाज भी न पढ़ाये। उलमा ने केन्द्र व राज्य सरकार को ज्ञापन प्रेषित कर वसीम को गिरफ्तार करने की मांग की। साथ ही मांग की गई कि सुप्रीम कोर्ट उसकी याचिका खारिज कर भारी जुर्माना लगाने और आतंकवाद फैलाने के जुर्म में मामला दर्ज करे। तय हुआ कि 19 मार्च को जुमे की नमाज के बाद दिल्ली की जामा मस्जिद पर शिया व सुन्नी समुदाय मिलकर बड़ी रैली करेंगे।

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