न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 03 Sep 2020 11:12 PM IST

विदेश मंत्री एस जयशंकर (फाइल फोटो)
– फोटो : पीटीआई

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भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद से उपजे तनाव को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि इसका हल कूटनीतिक दायरे में निकालना होगा। उन्होंने अपनी पुस्तक के विमोचन के अवसर पर कहा, हकीकत यह है कि सीमा पर जो होता है, उससे भारत-चीन रिश्तों पर असर पड़ेगा।

जयशंकर ने कहा, ‘मेरा पूरा यकीन है कि कूटनीति के दायरे में समाधान निकालना होगा। विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के लिए एक समझौते पर पहुंचना महत्वपूर्ण है, यह केवल उनके लिए (भारत और चीन) अहम नहीं है बल्कि पूरी दुनिया के लिए भी यह मायने रखता है।

उन्होंने कहा कि यह भारत और चीन के संबंधों का सबसे आसान समय नहीं है। विदेश मंत्री ने कहा कि उन्होंने ‘द इंडिया वे : स्ट्रैटेजीज फॉर एन अनसर्टेन वर्ल्ड’ किताब गलवां घाटी में 15 जून को हुए संघर्ष से पहले लिखी थी। इस झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे।

जयशंकर ने यह भी कहा कि भारत और चीन दो ऐसे राज्य हैं जो चौथी औद्योगिक क्रांति में प्रवेश करने जा रहे हैं। वो भी ऐसे समय में जब अधिकांश अन्य बड़े देश ऐसा नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंधों का परिणाम पूरी दुनिया पर पड़ेगा। 

भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद से उपजे तनाव को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि इसका हल कूटनीतिक दायरे में निकालना होगा। उन्होंने अपनी पुस्तक के विमोचन के अवसर पर कहा, हकीकत यह है कि सीमा पर जो होता है, उससे भारत-चीन रिश्तों पर असर पड़ेगा।

जयशंकर ने कहा, ‘मेरा पूरा यकीन है कि कूटनीति के दायरे में समाधान निकालना होगा। विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के लिए एक समझौते पर पहुंचना महत्वपूर्ण है, यह केवल उनके लिए (भारत और चीन) अहम नहीं है बल्कि पूरी दुनिया के लिए भी यह मायने रखता है।

उन्होंने कहा कि यह भारत और चीन के संबंधों का सबसे आसान समय नहीं है। विदेश मंत्री ने कहा कि उन्होंने ‘द इंडिया वे : स्ट्रैटेजीज फॉर एन अनसर्टेन वर्ल्ड’ किताब गलवां घाटी में 15 जून को हुए संघर्ष से पहले लिखी थी। इस झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे।

जयशंकर ने यह भी कहा कि भारत और चीन दो ऐसे राज्य हैं जो चौथी औद्योगिक क्रांति में प्रवेश करने जा रहे हैं। वो भी ऐसे समय में जब अधिकांश अन्य बड़े देश ऐसा नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंधों का परिणाम पूरी दुनिया पर पड़ेगा। 

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