बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Updated Fri, 22 May 2020 07:16 AM IST

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास
– फोटो : PTI

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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास आज सुबह 10 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इस दौरान वह बड़े एलान कर सकते हैं।

बता दें कि हाल ही में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की एक शोध रिपोर्ट आई थी। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि देशव्यापी लॉकडाउन को 31 मई तक बढ़ाने के चलते भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) कर्ज अदायगी पर जारी ऋण स्थगन को और तीन महीनों के लिए बढ़ा सकता है।

बता दें कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने बीते रविवार को कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप को रोकने के लिए जारी लॉकडाउन को 31 मई तक बढ़ाने की घोषणा की थी। कोविड-19 महामारी का मुकाबला करने के लिए देश में 24 मार्च को 21 दिनों के लिए लॉकडाउन लागू किया गया था।

इसे पहले तीन मई तक और फिर 17 मई तक बढ़ाया गया था। वहीं आरबीआई ने 1 मार्च 2020 से 31 मई 2020 के बीच सभी सावधि ऋणों के भुगतान पर तीन महीने की मोहलत दी थी।

20 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज नाकाफी : पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन
बता दें कि गुरुवार को ही भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कोविड-19 से प्रभावित अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए केंद्र सरकार की ओर से दिए गए 20.9 लाख करोड़ रुपये के पैकेज को नाकाफी बताया था। राजन ने कहा था कि प्रवासी मजदूरों को पैकेज के तहत मुफ्त खाद्यान्न दिया गया है, लेकिन लॉकडाउन की वजह से वे (मजदूर) बेरोजगार हो गए हैं। उन्हें दूध, सब्जी, खाद्य तेल खरीदने और किराया चुकाने के लिए पैसे की जरूरत है।
 

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास आज सुबह 10 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इस दौरान वह बड़े एलान कर सकते हैं।

बता दें कि हाल ही में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की एक शोध रिपोर्ट आई थी। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि देशव्यापी लॉकडाउन को 31 मई तक बढ़ाने के चलते भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) कर्ज अदायगी पर जारी ऋण स्थगन को और तीन महीनों के लिए बढ़ा सकता है।

बता दें कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने बीते रविवार को कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप को रोकने के लिए जारी लॉकडाउन को 31 मई तक बढ़ाने की घोषणा की थी। कोविड-19 महामारी का मुकाबला करने के लिए देश में 24 मार्च को 21 दिनों के लिए लॉकडाउन लागू किया गया था।

इसे पहले तीन मई तक और फिर 17 मई तक बढ़ाया गया था। वहीं आरबीआई ने 1 मार्च 2020 से 31 मई 2020 के बीच सभी सावधि ऋणों के भुगतान पर तीन महीने की मोहलत दी थी।

20 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज नाकाफी : पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन
बता दें कि गुरुवार को ही भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कोविड-19 से प्रभावित अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए केंद्र सरकार की ओर से दिए गए 20.9 लाख करोड़ रुपये के पैकेज को नाकाफी बताया था। राजन ने कहा था कि प्रवासी मजदूरों को पैकेज के तहत मुफ्त खाद्यान्न दिया गया है, लेकिन लॉकडाउन की वजह से वे (मजदूर) बेरोजगार हो गए हैं। उन्हें दूध, सब्जी, खाद्य तेल खरीदने और किराया चुकाने के लिए पैसे की जरूरत है।
 

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