न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 03 Sep 2020 10:00 PM IST

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें

कोरोना संकट के बीच संसद में शुरू होने वाले मानसून सत्र के लिए बड़ा फैसला किया गया। काफी विरोध के बाद अब यह तय किया गया है कि इस आगामी सत्र में 30 मिनट का प्रश्नकाल रखा जाएगा। इस दौरान सिर्फ unstarred प्रश्न (ऐसे सवाल जिनके सिर्फ लिखित जवाब मांगे गए हों) ही उठाए जाएंगे।
 

उल्लेखनीय है कि बुधवार को, लोकसभा और राज्यसभा सचिवालयों की तरफ से सूचित किया गया था कि संसद के मानसून सत्र के दौरान प्रश्नकाल नहीं होगा। कोविड-19 की वजह से इस बार दोनों सदनों में शून्यकाल प्रतिबंधित होगा। विपक्षी सांसदों ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि वे सरकार पर सवाल उठाने का अधिकार खो देंगे। 

क्या होता है प्रश्नकाल?
प्रश्नकाल के दौरान सदन के सदस्य (जनता का प्रतिनिधि) प्रशासन और सरकारी गतिविधि के हर पहलू पर प्रश्न पूछ सकते हैं। राष्ट्रीय के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय क्षेत्रों में सरकार की नीतियों पर भी चर्चा होती है क्योंकि सदस्य प्रश्नकाल के दौरान प्रासंगिक जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं।

क्या होते हैं unstarred प्रश्न?
सदन सत्र के दौरान होने वाले प्रश्नकाल में यह प्रश्न पूछने का एक तरीका होता है। इसमें लिखित उत्तर सदस्य द्वारा वांछित होता है और उसे मंत्री द्वारा सदन के पटल पर रखा जाना समझा जाता है। इस प्रकार सदन में मौखिक जवाब के लिए नहीं बुलाया जाता है और कोई भी पूरक प्रश्न नहीं पूछा जा सकता है।

कोरोना संकट के बीच संसद में शुरू होने वाले मानसून सत्र के लिए बड़ा फैसला किया गया। काफी विरोध के बाद अब यह तय किया गया है कि इस आगामी सत्र में 30 मिनट का प्रश्नकाल रखा जाएगा। इस दौरान सिर्फ unstarred प्रश्न (ऐसे सवाल जिनके सिर्फ लिखित जवाब मांगे गए हों) ही उठाए जाएंगे।

 

उल्लेखनीय है कि बुधवार को, लोकसभा और राज्यसभा सचिवालयों की तरफ से सूचित किया गया था कि संसद के मानसून सत्र के दौरान प्रश्नकाल नहीं होगा। कोविड-19 की वजह से इस बार दोनों सदनों में शून्यकाल प्रतिबंधित होगा। विपक्षी सांसदों ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि वे सरकार पर सवाल उठाने का अधिकार खो देंगे। 

क्या होता है प्रश्नकाल?
प्रश्नकाल के दौरान सदन के सदस्य (जनता का प्रतिनिधि) प्रशासन और सरकारी गतिविधि के हर पहलू पर प्रश्न पूछ सकते हैं। राष्ट्रीय के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय क्षेत्रों में सरकार की नीतियों पर भी चर्चा होती है क्योंकि सदस्य प्रश्नकाल के दौरान प्रासंगिक जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं।

क्या होते हैं unstarred प्रश्न?
सदन सत्र के दौरान होने वाले प्रश्नकाल में यह प्रश्न पूछने का एक तरीका होता है। इसमें लिखित उत्तर सदस्य द्वारा वांछित होता है और उसे मंत्री द्वारा सदन के पटल पर रखा जाना समझा जाता है। इस प्रकार सदन में मौखिक जवाब के लिए नहीं बुलाया जाता है और कोई भी पूरक प्रश्न नहीं पूछा जा सकता है।

.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *