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25 मिनट पहले

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अजीम रफीक ने इंग्लैंड के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 39 मैच खेलते हुए 873 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 72 विकेट भी लिए थे। -फाइल फोटो

  • अजीम रफीक बोले- हमेशा शिकायतों को नजरअंदाज किया गया, अब मानवता से विश्वास उठ गया
  • रफीक का अपने यॉर्कशायर क्लब पर नस्लवाद का आरोप, क्लब ने क्रिकेटर के खिलाफ कार्रवाई की बात कही

पाकिस्तानी मूल के क्रिकेटर अजीम रफीक (39) ने कहा है कि इंग्लैंड में वे कई बार नस्लभेद का शिकार हुए हैं। काउंटी क्लब यॉर्कशायर की ओर से खेलते हुए उन्होंने हर रोज प्रताड़ना का दुख झेला है। इंग्लैंड की अंडर-19 टीम के कप्तान रह चुके रफीक ने कहा कि भेदभाव के कारण कई बार उनके दिमाग में खुदकुशी करने के विचार भी आते थे।

कराची में जन्मे रफीक यॉर्कशायर के भी कप्तान रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि 2016 से 2018 के बीच 2 साल सबसे ज्यादा झेला। कई बार मैनेजमेंट से इस बारे में शिकायत की, लेकिन हमेशा नजरअंदाज ही किया गया। अब तो मानवता से ही विश्वास उठ गया है।

परिवार का सपना पूरा करते हुए मैं अंदर से मर रहा था
रफीक ने क्रिकेट वेबसाइट ईएसपीएनक्रिकइंफो से कहा, ‘‘मैं जानता हूं कि यॉर्कशायर की ओर से खेलने के दौरान मैं खुदकुशी करने के कितने करीब पहुंच गया था। मेरे परिवार का सपना था कि मैं बड़ा प्रोफेशनल क्रिकेट बनूं। इसी सपने के साथ मैं खेल रहा था, लेकिन सच कहूं तो अंदर से मैं मर रहा था। मैं काम पर जाते समय डरता था। मैं हर दिन दर्द में रहता था।’’

परिवार का सपना पूरा करते हुए मैं अंदर से मर रहा था
रफीक ने क्रिकेट वेबसाइट ईएसपीएनक्रिकइंफो से कहा, ‘‘मैं जानता हूं कि यॉर्कशायर की ओर से खेलने के दौरान मैं खुदकुशी करने के कितने करीब पहुंच गया था। मेरे परिवार का सपना था कि मैं बड़ा प्रोफेशनल क्रिकेट बनूं। इसी सपने के साथ मैं खेल रहा था, लेकिन सच कहूं तो अंदर से मैं मर रहा था। मैं काम पर जाते समय डरता था। मैं हर दिन दर्द में रहता था।’’

क्लब में संस्थागत नस्लभेद होता था
उन्होंने दावा किया कि क्लब में संस्थागत नस्लभेद होता था। रफीक ने कहा, ‘‘वहां स्टाफ में ऐसा कोई हमारे जैसा कोच नहीं था जो यह समझ सके कि हम क्या महसूस कर रहे हैं। समस्या इतनी आम थी कि कोई भी उसे आसानी से समझ सकता था। क्या मैं यह मानता हूं कि यह संस्थागत नस्लभेद था? तो मेरा मानना है कि यह उस समय अपने चरम पर था। यह पहले से कहीं ज्यादा खराब स्थिति में था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि क्लब में संस्थागत नस्लभेद होता था। मैं यह नहीं मानता कि वे यह बात स्वीकार करेंगे और इसमें सुधार की कोशिश करेंगे।’’ वहीं क्लब के एक सदस्य ने इन आरोपों के चलते रफीक से बात की और अब उनके खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराएंगे।

मृत बच्चा पैदा होने के बाद उन्हें क्लब से रिलीज किया
रफीक ने कहा, मैं अपने नवजात बच्चे (मृत) को अस्पताल से सीधे अंतिम संस्कार के लिए लेकर गया था। यॉर्कशायर ने मुझसे कहा कि वे प्रोफेशनली और पर्सनली तौर पर मेरी सहायता करेंगे। हालांकि बाद उन्होंने मुझे एक छोटा सा मेल किया और मुझे क्लब से रिलीज (बाहर करना) कर दिया। यह सब मेरे खिलाफ जो हुआ, वह भयानक था।

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