• सर्वे देश के 695 कंपनियों के बीच किए गए बातचीत पर आधारित है
  • कंपनियों ने लॉकडाउन के बाद काम करना शुरू कर किया है

दैनिक भास्कर

Jun 09, 2020, 08:07 PM IST

नई दिल्ली. कोरोनावायरस महामारी और इसके चलते लागू लॉकडाउन का असर देश की अर्थव्यवस्था, रोजगार और कंपनियां की माली हालत पर पड़ा है। ऐसे में अब जबकि देश में आर्थिक गतिविधियां दोबारा शुरू होने लगी हैं भविष्य पर नजर रखते हुए जुलाई-सितंबर तिमाही में मात्र 5 प्रतिशत कंपनियां ही फिलहाल नए लोगों को भर्ती करने की योजना बना रही है। कंस्ट्रक्शन, फाइनेंस, इंश्योरेंस और रियल एस्टेट जैसे सेक्टर में रोजगार के अवसर बन सकते हैं। यह जानकारी मैनपावरग्रुप एंप्लायमेंट आउटलुक के एक सर्वे में दी गई है। बता दें कि यह सर्वे देश के 695 कंपनियों के बीच किए गए बातचीत पर आधारित है। 

पिछले 15 साल में सबसे खराब स्थिति 

सर्वेक्षण के मुताबिक, अच्छी बात यह है कि विश्व के 44 प्रमुख देशों में भारत उन टाॅप-4 देशों में शामिल है जहां रोजगार को लेकर सकारात्मक रुख बरकरार है। इसके अलावा सिर्फ जापान, चीन और ताइवान में ही रोजगार परिदृश्य सकारात्मक बना हुआ है। इन देशों में जुलाई- सितंबर के लिए नेट एम्पलाॅयमेंट की स्थिति क्रमश: 11 प्रतिशत, तीन प्रतिशत और तीन प्रतिशत है। 

आर्थिक नरमी के चलते कार्यबल में कमी

कंपनी के भारतीय परिचालन के समूह प्रबंध निदेशक संदीप गुलाटी ने कहा कि आर्थिक नरमी के चलते कंपनियां अपने कार्यबल को कम कर रही हैं। कंपनियों ने लॉकडाउन के बाद काम करना शुरू भर किया है। उन्हें मांग बढ़ने की उम्मीद है। वहीं नौकरी.कॉम के मुताबिक मई के महीने में देश में हायरिंग एक्टिविटीज में 61 प्रतिशत की कमी आई है। हायरिंग में गिरावट सबसे ज्यादा होटल, रेस्तरां, ट्रैवल और एयरलाइंस सेक्टर में आई है। इनमें करीब 91 फीसदी की गिरावट देखी गई है। 

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