ऑनलाइन शॉपिंग
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गुजरात पुलिस ने क्रेडिट और डेबिट कार्ड डाटा खरीदकर दो करोड़ रुपये की ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले तीन लोग दबोचे हैं। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि तीनों ने डार्क वेब (इंटरनेट का अंडरवर्ल्ड) पर मौजूद अमेरिका और कनाडा के नागरिकों का यह कार्ड डाटा पाकिस्तानी नागरिकों से बिटक्वॉइन के बदले खरीदा था।

अपराध शाखा के एक अधिकारी के मुताबिक, पुलिस ने हर्षवर्धन परमार, कल्पेश सिंहा और मोहिल लालवानी को गिरफ्तार किया है। इन्होंने कराची के दो लोगों से कार्डों की जानकारियां हासिल कीं और इसके बाद एक ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफार्म से सोने के सिक्के, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रानिक आइटम आदि की शॉपिंग कर दी।

बाद में उन्होंने यही सामान एक अन्य ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफार्म पर मोटे मुनाफे में बेच दिया। पुलिस के मुताबिक, चोरी के क्रेडिट व डेबिट कार्ड डाटा की मदद से परमार व सिंहा ने 70-70 लाख और लालवानी ने 60 लाख रुपये की खरीदारी की थी। पुलिस के मुताबिक, तीनों को आईपीसी की धारा 406, धारा 420 और धारा 120बी के साथ ही आईटी एक्ट के प्रावधानों के तहत आरोपी बनाया गया है।

टेलीग्राम एप पर हुआ था सौदा
पुलिस के मुताबिक, इस फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड हर्षवर्धन परमार था, जिसने टेलीग्राम एप के जरिये कराची के जिया मुस्तफा और सद्दाम एचवी से संपर्क कर कार्ड डाटा खरीदने का सौदा किया था। मुस्तफा और सद्दाम ने बिटक्वॉइन में भुगतान लेकर उसे डार्क वेब पर मौजूद डाटा तक पहुंच देने वाली आईडी व पासवर्ड मुहैया कराई थी। इसके बाद परमार ने डार्क वेब से कई क्रेडिट व डेबिट कार्डों का नंबर, उनके सीवीवी नंबर और एक्सपायरी डेट आदि जानकारियां हासिल करने के बाद अपने दोनों साथियों के साथ साझा की।

फर्जी पते पर लिए सिमकार्ड से की खरीदारी
तीनों आरोपियों ने ऑनलाइन खरीदारी करने के लिए दूसरे राज्यों से फर्जी पते पर तीन सिमकार्ड भी खरीदे। परमार ने ओडिशा से खरीदे गए सिमकार्ड के जरिये ऑनलाइन खरीदारी की।

विस्तार

गुजरात पुलिस ने क्रेडिट और डेबिट कार्ड डाटा खरीदकर दो करोड़ रुपये की ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले तीन लोग दबोचे हैं। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि तीनों ने डार्क वेब (इंटरनेट का अंडरवर्ल्ड) पर मौजूद अमेरिका और कनाडा के नागरिकों का यह कार्ड डाटा पाकिस्तानी नागरिकों से बिटक्वॉइन के बदले खरीदा था।

अपराध शाखा के एक अधिकारी के मुताबिक, पुलिस ने हर्षवर्धन परमार, कल्पेश सिंहा और मोहिल लालवानी को गिरफ्तार किया है। इन्होंने कराची के दो लोगों से कार्डों की जानकारियां हासिल कीं और इसके बाद एक ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफार्म से सोने के सिक्के, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रानिक आइटम आदि की शॉपिंग कर दी।

बाद में उन्होंने यही सामान एक अन्य ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफार्म पर मोटे मुनाफे में बेच दिया। पुलिस के मुताबिक, चोरी के क्रेडिट व डेबिट कार्ड डाटा की मदद से परमार व सिंहा ने 70-70 लाख और लालवानी ने 60 लाख रुपये की खरीदारी की थी। पुलिस के मुताबिक, तीनों को आईपीसी की धारा 406, धारा 420 और धारा 120बी के साथ ही आईटी एक्ट के प्रावधानों के तहत आरोपी बनाया गया है।

टेलीग्राम एप पर हुआ था सौदा

पुलिस के मुताबिक, इस फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड हर्षवर्धन परमार था, जिसने टेलीग्राम एप के जरिये कराची के जिया मुस्तफा और सद्दाम एचवी से संपर्क कर कार्ड डाटा खरीदने का सौदा किया था। मुस्तफा और सद्दाम ने बिटक्वॉइन में भुगतान लेकर उसे डार्क वेब पर मौजूद डाटा तक पहुंच देने वाली आईडी व पासवर्ड मुहैया कराई थी। इसके बाद परमार ने डार्क वेब से कई क्रेडिट व डेबिट कार्डों का नंबर, उनके सीवीवी नंबर और एक्सपायरी डेट आदि जानकारियां हासिल करने के बाद अपने दोनों साथियों के साथ साझा की।

फर्जी पते पर लिए सिमकार्ड से की खरीदारी

तीनों आरोपियों ने ऑनलाइन खरीदारी करने के लिए दूसरे राज्यों से फर्जी पते पर तीन सिमकार्ड भी खरीदे। परमार ने ओडिशा से खरीदे गए सिमकार्ड के जरिये ऑनलाइन खरीदारी की।

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