न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 25 May 2020 04:22 PM IST

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पाबंदियों और कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक ईद-उल-फितर की रौनक है। इस दौरान भारतीय सेना की कोशिश रहती है कि वो पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के साथ भी खुशियां बांटे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। सरहद की रक्षा के जिम्मेदार सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ के अधिकारियों ने कहा कि इस बार पाकिस्तान के साथ मिठाई नहीं बांटी गईं। दोनों देशों के बीच मौजूदा तनावपूर्ण हालातों को देखते हुए यह फैसला लिया गया।

हालांकि भारतीय सेना ने पूर्व की ओर बांग्लादेशी सेना के साथ जरूर मित्रवत व्यव्हार करते हुए एक दूसरे का मुंह मीठा किया। अधिकारियों ने कहा कि पश्चिमी सीमा पार से आतंकवाद की घटनाएं लगातार जारी हैं और इसलिए, जम्मू से गुजरात तक भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर किसी भी स्थान पर मिठाई का आदान-प्रदान नहीं हुआ।

पिछले दिवाली भी भारत ने नहीं भेजी थी मिठाई

पाकिस्तान ने पिछले साल दिवाली के दिन भी सीजफायर का उल्लंघन किया था। जम्मू कश्मीर में एलओसी के पास राजौरी जिले के सुंदरबन सेक्टर में फायरिंग की गई थी, बावजूद इसके दिवाली और गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तानी रेंजर्स को मिठाई देने के लिए संदेश भिजवाया था, लेकिन सीमा के उस पार से कोई सकारात्मक जवाब नहीं आया। पाकिस्तानी रेंजर ने बीएसएफ को संदेश भेजा था कि वह इस बार दिवाली की मिठाई स्वीकार नहीं करेंगे, जिसके बाद भारत ने भी पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर और एलओसी पर बीएसएफ के जवानों की ओर से कोई मिठाई नहीं भिजवाई।

बांग्लादेश के साथ हुआ मिठाई आदान-प्रदान

बीएसएफ ने पूर्वी मोर्चे पर तैनात बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के साथ मिठाई का आदान-प्रदान किया। भारत और बांग्लादेश 4,096 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करते हैं। बीएसएफ के दक्षिण बंगाल फ्रंटियर की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, ‘दोनों देश और सीमा-सुरक्षा बलों के बीच गर्मजोशी बरकरार है। ईद के दौरान त्यौहारों की खुशी भी बांटी गई। बीएसएफ और बीजीबी सौहार्दपूर्ण संबंध साझा करते हैं। दोनों देश एक समान संस्कृति, परंपराओं और त्यौहार मनाते हैं।’

सार

  • सेना और बीएसएफ ने बॉर्डर पर पाकिस्तान को मिठाई नहीं भिजवाई
  • एलओसी पर भारत-पाक के बीच होती थी मिठाई की अदला-बदली

विस्तार

पाबंदियों और कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक ईद-उल-फितर की रौनक है। इस दौरान भारतीय सेना की कोशिश रहती है कि वो पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के साथ भी खुशियां बांटे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। सरहद की रक्षा के जिम्मेदार सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ के अधिकारियों ने कहा कि इस बार पाकिस्तान के साथ मिठाई नहीं बांटी गईं। दोनों देशों के बीच मौजूदा तनावपूर्ण हालातों को देखते हुए यह फैसला लिया गया।

हालांकि भारतीय सेना ने पूर्व की ओर बांग्लादेशी सेना के साथ जरूर मित्रवत व्यव्हार करते हुए एक दूसरे का मुंह मीठा किया। अधिकारियों ने कहा कि पश्चिमी सीमा पार से आतंकवाद की घटनाएं लगातार जारी हैं और इसलिए, जम्मू से गुजरात तक भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर किसी भी स्थान पर मिठाई का आदान-प्रदान नहीं हुआ।


पिछले दिवाली भी भारत ने नहीं भेजी थी मिठाई

पाकिस्तान ने पिछले साल दिवाली के दिन भी सीजफायर का उल्लंघन किया था। जम्मू कश्मीर में एलओसी के पास राजौरी जिले के सुंदरबन सेक्टर में फायरिंग की गई थी, बावजूद इसके दिवाली और गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तानी रेंजर्स को मिठाई देने के लिए संदेश भिजवाया था, लेकिन सीमा के उस पार से कोई सकारात्मक जवाब नहीं आया। पाकिस्तानी रेंजर ने बीएसएफ को संदेश भेजा था कि वह इस बार दिवाली की मिठाई स्वीकार नहीं करेंगे, जिसके बाद भारत ने भी पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर और एलओसी पर बीएसएफ के जवानों की ओर से कोई मिठाई नहीं भिजवाई।

बांग्लादेश के साथ हुआ मिठाई आदान-प्रदान

बीएसएफ ने पूर्वी मोर्चे पर तैनात बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के साथ मिठाई का आदान-प्रदान किया। भारत और बांग्लादेश 4,096 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करते हैं। बीएसएफ के दक्षिण बंगाल फ्रंटियर की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, ‘दोनों देश और सीमा-सुरक्षा बलों के बीच गर्मजोशी बरकरार है। ईद के दौरान त्यौहारों की खुशी भी बांटी गई। बीएसएफ और बीजीबी सौहार्दपूर्ण संबंध साझा करते हैं। दोनों देश एक समान संस्कृति, परंपराओं और त्यौहार मनाते हैं।’

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