न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 28 May 2020 05:53 PM IST

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कोरोना संकट के बीच कड़े दिशानिर्देशों और नियमों के साथ देशभर में प्रवासी मजदूरों को ले जाने के लिए रेल सेवाओं को चालू कर दिया गया है। हालांकि रेलवे में अभी भी कई सेवाओं की शुरुआत नहीं की जा सकी है। कोरोना के प्रभाव और खतरे को देखते हुए रेलवे स्टेशन पर अभी तक फूड वेंडर्स को नहीं खोला गया है। जहां-जहां कुछ फूड स्टॉल खुले थे, यात्रियों ने लूट लिए। इसे लेकर रेलवे फूड वेंडर्स एसोसिएशन ने अपनी दिक्कतें रेलवे के सामने रखीं। 

हालांकि इसे लेकर बृहस्पतिवार को रेलवे फूड वेंडर्स एसोसिएशन ने रेलवे के सामने अपनी समस्याएं रखीं और मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी। एसोसिएशन ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन से कहा, ‘स्टेशनों पर खाने के स्टाल खोलने को तैयार नहीं हैं, क्योंकि अधिकतर विक्रेता अपने गांव चले गए हैं। रेल सेवाएं पूरी तरह सामान्य नहीं हुई हैं, प्लेटफार्म से शायद कुछ ही यात्री खाना लें।’

एसोसिएशन ने विक्रेताओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए और कहा, ‘उनकी सुरक्षा के लिए कोई भी इंतजाम नहीं किए गए हैं जबकि श्रमिक ट्रेनों के यात्री सामान लूट रहे थे, प्लेटफॉर्म पर खुली हुईं स्टाल को तोड़ रहे थे, साथ ही ट्रेन के यात्री सामाजिक दूरी के नियम का कड़ाई से पालन नहीं कर रहे हैं और प्लेटफॉर्म स्टाल पर भीड़ लगा लेते हैं।’

कोरोना संकट के बीच कड़े दिशानिर्देशों और नियमों के साथ देशभर में प्रवासी मजदूरों को ले जाने के लिए रेल सेवाओं को चालू कर दिया गया है। हालांकि रेलवे में अभी भी कई सेवाओं की शुरुआत नहीं की जा सकी है। कोरोना के प्रभाव और खतरे को देखते हुए रेलवे स्टेशन पर अभी तक फूड वेंडर्स को नहीं खोला गया है। जहां-जहां कुछ फूड स्टॉल खुले थे, यात्रियों ने लूट लिए। इसे लेकर रेलवे फूड वेंडर्स एसोसिएशन ने अपनी दिक्कतें रेलवे के सामने रखीं। 

हालांकि इसे लेकर बृहस्पतिवार को रेलवे फूड वेंडर्स एसोसिएशन ने रेलवे के सामने अपनी समस्याएं रखीं और मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी। एसोसिएशन ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन से कहा, ‘स्टेशनों पर खाने के स्टाल खोलने को तैयार नहीं हैं, क्योंकि अधिकतर विक्रेता अपने गांव चले गए हैं। रेल सेवाएं पूरी तरह सामान्य नहीं हुई हैं, प्लेटफार्म से शायद कुछ ही यात्री खाना लें।’

एसोसिएशन ने विक्रेताओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए और कहा, ‘उनकी सुरक्षा के लिए कोई भी इंतजाम नहीं किए गए हैं जबकि श्रमिक ट्रेनों के यात्री सामान लूट रहे थे, प्लेटफॉर्म पर खुली हुईं स्टाल को तोड़ रहे थे, साथ ही ट्रेन के यात्री सामाजिक दूरी के नियम का कड़ाई से पालन नहीं कर रहे हैं और प्लेटफॉर्म स्टाल पर भीड़ लगा लेते हैं।’

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