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मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के सामने खड़े विस्फोटक भरे वाहन के मामले में एनआईए ने बड़ी गिरफ्तारी की है। एनआईए ने मुंबई पुलिस के अधिकारी सचिन वाजे को गिरफ्तार किया है। वाजे ने गिरफ्तारी से बचने के लिए शुक्रवार को ही जिला सत्र न्यायालय ठाणे में अग्रिम जमानत की अर्जी दी थी। अदालत ने इस मामले की सुनवाई 19 मार्च को तय की थी।

बता दें कि मुंबई अपराध शाखा के सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन वाजे का तबादला नागरिक सुविधा केंद्र (सीएफसी) में कर दिया गया था। सीएफसी शहर पुलिस की एक इकाई है। मनसुख हिरेन की मौत के मामले में वाजे का नाम सामने आने के बाद उनका तबादला किया गया था।

ये है पूरा मामला…
उद्योगपति मुकेश अंबानी के दक्षिण मुंबई स्थित घर ‘एंटीलिया’ के बाहर 25 फरवरी को एक वाहन में विस्फोटक पदार्थ मिला था। वह वाहन हिरेन का था। ठाणे में हिरेन का शव मिलने के बाद मामले में रहस्य और गहरा गया था। हिरेन की पत्नी ने दावा किया था कि उनके पति ने नवंबर में वाजे को अपनी कार दी थी।

इस कार को मुंबई अपराध शाखा में तैनात रहे अधिकारी ने फरवरी के पहले सप्ताह में लौटाया था।  

मामले की जांच कर रहे महाराष्ट्र एटीएस ने इस सप्ताह की शुरुआत में वाजे का बयान दर्ज किया था। वाजे को 2004 में ख्वाजा यूनुस की कथित तौर पर हिरासत में मौत के मामले में निलंबित भी किया गया था। 2020 में उनकी सेवाएं बहाल की गई और वह मुम्बई अपराध शाखा की सीआईयू इकाई का नेतृत्व कर रहे थे।

एटीएस ने बताया था कि वाजे ने हिरेन की स्कॉर्पियो का उपयोग करने से इनकार किया है। वहीं, राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा था कि वाजे को अपराध खुफिया इकाई से तब तक के लिए हटा दिया गया है जब तक कि ऑटोमोबाइल पार्ट्स के व्यवसायी मनसुख हिरेन की मौत की जांच पूरी नहीं हो जाती है।
 

मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के सामने खड़े विस्फोटक भरे वाहन के मामले में एनआईए ने बड़ी गिरफ्तारी की है। एनआईए ने मुंबई पुलिस के अधिकारी सचिन वाजे को गिरफ्तार किया है। वाजे ने गिरफ्तारी से बचने के लिए शुक्रवार को ही जिला सत्र न्यायालय ठाणे में अग्रिम जमानत की अर्जी दी थी। अदालत ने इस मामले की सुनवाई 19 मार्च को तय की थी।


बता दें कि मुंबई अपराध शाखा के सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन वाजे का तबादला नागरिक सुविधा केंद्र (सीएफसी) में कर दिया गया था। सीएफसी शहर पुलिस की एक इकाई है। मनसुख हिरेन की मौत के मामले में वाजे का नाम सामने आने के बाद उनका तबादला किया गया था।

ये है पूरा मामला…

उद्योगपति मुकेश अंबानी के दक्षिण मुंबई स्थित घर ‘एंटीलिया’ के बाहर 25 फरवरी को एक वाहन में विस्फोटक पदार्थ मिला था। वह वाहन हिरेन का था। ठाणे में हिरेन का शव मिलने के बाद मामले में रहस्य और गहरा गया था। हिरेन की पत्नी ने दावा किया था कि उनके पति ने नवंबर में वाजे को अपनी कार दी थी।

इस कार को मुंबई अपराध शाखा में तैनात रहे अधिकारी ने फरवरी के पहले सप्ताह में लौटाया था।  

मामले की जांच कर रहे महाराष्ट्र एटीएस ने इस सप्ताह की शुरुआत में वाजे का बयान दर्ज किया था। वाजे को 2004 में ख्वाजा यूनुस की कथित तौर पर हिरासत में मौत के मामले में निलंबित भी किया गया था। 2020 में उनकी सेवाएं बहाल की गई और वह मुम्बई अपराध शाखा की सीआईयू इकाई का नेतृत्व कर रहे थे।

एटीएस ने बताया था कि वाजे ने हिरेन की स्कॉर्पियो का उपयोग करने से इनकार किया है। वहीं, राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा था कि वाजे को अपराध खुफिया इकाई से तब तक के लिए हटा दिया गया है जब तक कि ऑटोमोबाइल पार्ट्स के व्यवसायी मनसुख हिरेन की मौत की जांच पूरी नहीं हो जाती है।

 

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