भारत और चीन की सेना (फाइल फोटो)
– फोटो : पीटीआई

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भारत ने गुरुवार को चीन के उन आरोपों को सिरे से नकार दिया जिनमें चीन ने कहा था कि भारतीय सैनिक लद्दाख और सिक्किम में सीमा पार करते हुए चीन की ओर आ गए थे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत सीमा प्रबंधन के प्रति जिम्मेदार रुख अपना रहा है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि चीन ने ही सीमा पर भारत की सामान्य गश्त में बाधा डालने की गतिविधियां शुरू की थीं। भारतीय सैनिक सीमा क्षेत्र से भली-भांति परिचित हैं, चीनी सैनिकों ने भारतीय बलों द्वारा की जा रही गश्त में बाधा डाली।
 

उन्होंने कहा, ऐसा कोई भी आरोप जिसमें यह कहा जा रहा है कि भारतीय सैनिकों ने पश्चिमी सेक्टर में या सिक्किम सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पार करने जैसी गतिविधि को अंजाम दिया है, वह सही नहीं है। 

चीन ने लगाया था भारत पर आरोप

बीतें दिनों हुई भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय सैनिक भारत की सीमा के भीतर की गतिविधियां कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने यह जवाब चीन के उस आरोप पर दिया है जिसमें उसने भारत पर झड़प शुरू करने का आरोप लगाया था। 

विदेश मंत्रालय ने दोनों देशों के बीच तनातनी को लेकर कहा कि भारतीय सैनिक सीमा सुरक्षा के लिए निर्धारित मानकों का सख्ती से पालन करते हैं। मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्ष बातचीत कर रहे हैं, हम चीन के साथ लगी सीमा पर शांति बनाए रखने को लेकर प्रतिबद्ध हैं।

चीन को है सड़क निर्माण पर आपत्ति

दरअसल, चीन ने लद्दाख में गलवां नदी के आसपास भारत की ओर से एक महत्वपूर्ण सड़क के निर्माण को लेकर अपनी आपत्ति जताई थी। सूत्रों के मुताबिक सड़क का निर्माण फिलहाल रोक दिया गया है। पांच मई को लगभग 250 भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच लोहे की छड़ों और डंडों के साथ झड़प हुई थी। इसमें दोनों तरफ के कई सैनिक घायल हो गए थे। 

सीमा पर सैनिकों की तैनाती भी बढ़ी

इसके बाद दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव बढ़ता ही गया। इसी वजह से गुरुवार को दोनों देशों ने सीमा पर अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती कर दी है। सैनिकों के बीच हुई तीखी झड़प के करीब दो सप्ताह बाद बुधवार को आक्रामक रुख अपनाते हुए लद्दाख में गलवां घाटी और पेंगोंग त्सो झील के आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती कर दी गई।

वार्ता से हल करेंगे नेपाल से विवाद

वहीं, नेपाल और भारत के हीच चल रहे नक्शा विवाद को लेकर श्रीवास्तव ने कहा कि नेपाल की ओर से नक्शे का संशोधन एकतरफा फैसला है। नेपाल से संबंधित सभी सीमा विवाद वार्ता से निपटाए जाएंगे। हमें उम्मीद है कि नेपाल का नेतृत्व वार्ता को लेकर सकारात्मक रुख दिखाएगा। 

सार

बीतें दिनों हुई भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प को लेकर अब विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारतीय सैनिक भारत की सीमा के भीतर ही गतिविधियां कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय सैनिक सीमा सुरक्षा के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन करते हैं। 

विस्तार

भारत ने गुरुवार को चीन के उन आरोपों को सिरे से नकार दिया जिनमें चीन ने कहा था कि भारतीय सैनिक लद्दाख और सिक्किम में सीमा पार करते हुए चीन की ओर आ गए थे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत सीमा प्रबंधन के प्रति जिम्मेदार रुख अपना रहा है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि चीन ने ही सीमा पर भारत की सामान्य गश्त में बाधा डालने की गतिविधियां शुरू की थीं। भारतीय सैनिक सीमा क्षेत्र से भली-भांति परिचित हैं, चीनी सैनिकों ने भारतीय बलों द्वारा की जा रही गश्त में बाधा डाली।

 

उन्होंने कहा, ऐसा कोई भी आरोप जिसमें यह कहा जा रहा है कि भारतीय सैनिकों ने पश्चिमी सेक्टर में या सिक्किम सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पार करने जैसी गतिविधि को अंजाम दिया है, वह सही नहीं है। 

चीन ने लगाया था भारत पर आरोप

बीतें दिनों हुई भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय सैनिक भारत की सीमा के भीतर की गतिविधियां कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने यह जवाब चीन के उस आरोप पर दिया है जिसमें उसने भारत पर झड़प शुरू करने का आरोप लगाया था। 

विदेश मंत्रालय ने दोनों देशों के बीच तनातनी को लेकर कहा कि भारतीय सैनिक सीमा सुरक्षा के लिए निर्धारित मानकों का सख्ती से पालन करते हैं। मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्ष बातचीत कर रहे हैं, हम चीन के साथ लगी सीमा पर शांति बनाए रखने को लेकर प्रतिबद्ध हैं।

चीन को है सड़क निर्माण पर आपत्ति

दरअसल, चीन ने लद्दाख में गलवां नदी के आसपास भारत की ओर से एक महत्वपूर्ण सड़क के निर्माण को लेकर अपनी आपत्ति जताई थी। सूत्रों के मुताबिक सड़क का निर्माण फिलहाल रोक दिया गया है। पांच मई को लगभग 250 भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच लोहे की छड़ों और डंडों के साथ झड़प हुई थी। इसमें दोनों तरफ के कई सैनिक घायल हो गए थे। 

सीमा पर सैनिकों की तैनाती भी बढ़ी

इसके बाद दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव बढ़ता ही गया। इसी वजह से गुरुवार को दोनों देशों ने सीमा पर अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती कर दी है। सैनिकों के बीच हुई तीखी झड़प के करीब दो सप्ताह बाद बुधवार को आक्रामक रुख अपनाते हुए लद्दाख में गलवां घाटी और पेंगोंग त्सो झील के आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती कर दी गई।

वार्ता से हल करेंगे नेपाल से विवाद

वहीं, नेपाल और भारत के हीच चल रहे नक्शा विवाद को लेकर श्रीवास्तव ने कहा कि नेपाल की ओर से नक्शे का संशोधन एकतरफा फैसला है। नेपाल से संबंधित सभी सीमा विवाद वार्ता से निपटाए जाएंगे। हमें उम्मीद है कि नेपाल का नेतृत्व वार्ता को लेकर सकारात्मक रुख दिखाएगा। 

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