• फ्रैंकलिन टेंपलटन ने जिन 6 स्कीम्स को बंद किया था, उनका एयूएम 28,000 करोड़ रुपये का था
  • निवेशकों को इन डेट स्कीम्स में फंसे पैसों का भुगतान करने में कंपनी को समय लगेगा

दैनिक भास्कर

08 मई, 2020, शाम 04:11 बजे

मुंबई। पूंजी बाजार परिचालन सेबी और म्यूचुअल फंड कंपनी फ्रेंकलिन टेंपल्टन के बीच विवाद ने जोरदार रूप ले लिया। हालात यहां तक ​​पहुंच गए कि फ्रैंकलिन टेम्पलटन को सार्वजनिक रूप से बिना शर्त सेबी से माफी मांगनी पड़ी। हालांकि इसके बाद भी मामला शांत होता है, पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

सेबी ने गुरुवार को कहा, तुरंत पैसा लौटाओ

दरअसल फ्रैंकलिन टेंपलटन की ग्लोबल प्रेसीडेंट जेनिफर जानसन ने कल एक कांफ्रेंस कॉल इन वर्ल्ड से कहा कि सेबी के एक नियम की वजह से उसे 6 स्कीम्स बंद करनी पड़ी। जैसे ही यह खबर आई, सेबी ने कल शाम को ही एक सर्कुलर जारी किया और कहा कि निवेशकों का पैसा फ्रैंकलिन ने तुरंत वापस कर दिया। सेबी के इस सर्कुलर ने फ्रैंकलिन टेम्पलटन को एक तरह से चेतावनी दी थी। इसका असर यह हुआ कि सुबह होते-होते फ्रैंकलिन ने फिर एक बयान जारी किया और सेबी से बिना शर्त माफी की मांग की। निधि हाउस ने शुक्रवार को नोटिस जारी कर कहा कि हमें किसी भी गैर इरादतन मामूली बात का गहरा अल है। हमने सेबी को हमेशा ही मान सम्मान दिया है। अगर सेबी को इससे कोई नुकसान नहीं होता है तो हम बिना शर्त इसके लिए माफी मांगते हैं।

हमारे बयान को मीडिया ने बदल दिया- फ्रैंकलिन

निधि हाउस ने कहा कि यह स्पष्ट किया जाता है कि भारत में कुछ मीडिया आउटलेट्स ने जॉनसन को आउट ऑफ कॉन्टेक्स्ट जोन किया।]इससे उनके कमेंट के अर्थ को बदल दिया गया। निधि हाउस ने कहा कि छपे हेडलाइंस और कलाकारों से यह लगता है कि जॉनसन ने कहा है कि अनिस्टेड सेक्युरिटी पर सेबी के दिशा-निर्देश स्कीम्स को बंद करने के फैसले का मुख्य कारण हैं। लेकिन ऐसा नहीं कहा गया था। यह गलत है।

कॉफ्रेंस कॉल इन बातों का कोई प्रमाण नहीं

फ्रैंकलिन टेंपलटन ने कहा, यह न तो व्यावसायिक रूप से सही है, न ही कॉन्फ्रेंस कॉल के दौरान की गई टिप्पणियों को प्रमाणित किया गया है। हालांकि इस माफी के बाद से भीबी फंड हाउस को माफ करेगा या आगे क्या कार्रवाई करेगा, यह अभी तक तय नहीं है। लेकिन सेबी के सर्कुलर पर जिस तरह फ्रैंकलिन म्यूचुअल फंड को खुलेआम माफी मांगनी पड़ी है, उससे भविष्य में फिर ऐसी गलती फंड हाउस नहीं कर पाएगी।

क्या है विवाद का मामला

दरअसल फ्रैंकलिन टेम्पलटन ने 24 अप्रैल को अपनी डेट की 6 स्कीम्स को बंद कर दिया था। इसका मतलब यह है कि न तो निवेशक पैसा निकाल सकते हैं और न ही पैसा लगा सकते हैं। स्कीम्स के बंद होने से निवेशकों का लगभग 28,000 करोड़ रुपए फंस गए हैं। गुरुवार को फ्रेंकलिन की प्रेसीडेंट ने कॉफ्रेंस कॉल में यह कहा कि अक्टूबर 2019 से सेबी के एक नियम से स्कीम्स बंद होना पड़ी। बाद में सेबी ने शुक्रवार को फ्रैंकलिन से कहा कि निवेशकों का तुरंत पैसा वापस कर दें। इसी के बाद यह माफी आई है।

सेबी ने क्या कहा

सेबी ने कहा कि फ्रैंकलिन टेंपलटन 25,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां अपने छह डेट स्कीम्स बंद करने के बाद निवेशकों को जल्द ही जल्द धन लौटाने पर ध्यान दे। सेबी ने कहा कि कुछ म्यूचुअल फंड स्कीम्स अभी भी उच्च जोखिमों वाली और अपारदर्शी डेट सिक्योरिटीज में निवेश कर रहे हैं।) सेबी ने कहा कि निवेश ढांचे की समीक्षा करने और अधिकारियों के मतभेद की रक्षा के लिए इसमें संशोधन किए जाने के बावजूद ऐसा किया जा रहा है।

सेबी का नियम क्या था

नियम के तहत सेबी ने अक्टूबर 2019 में सभी म्यूचुअल फंड्स के लिए अनिवार्य कर दिया था कि वह अनीस्टेड नॉन-कन्वर्टिबल डिबोंड (एनसीडी) के कुल पूंजी का 10 फीसदी पर कैप पाते हैं। बता दें कि अप्रैल में फ्रैंकलिन टेंपल्टन ने अपनी 6 डेट स्कीम्स को बंद कर दिया था। इस स्कीम्स में निवेशकों के पैसे फंसे हैं। हालांकि फ्रैंकलिन अभी भी निवेशकों को पैसे वापस करने के लिए कह रहा है।





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