• जल्द ही आईपीओ के लिए मर्चेंट बैंकर्स की नियुक्ति होगी
  • दिसंबर में एनएसई के अधिकारी वित्त मंत्रालय से मिले थे

दैनिक भास्कर

09 मई, 2020, 12:04 PM IST

मुंबई। नेशनल स्टॉक एक्सिस (एनएसई) के आईपीओ में देरी हो सकती है। खबर है कि अनलिस्टेड मार्केट में इसके वेल्यूएशन में 10 प्रतिशत की गिरावट पिछले कुछ समय में आई है।

50,000 करोड़ का वेल्यूएशन है

निवेशकों से मिली जानकारी के मुताबिक अनीस्टेड मार्केट में एनएसई के शेयरों की कीमत 950 रुपए के भाव पर कारोबार कर रहे हैं। इस तरह से इसका वेल्यूएशन 50,000 करोड़ रुपए लगाया गया है। पहले अप्रैल में यह शेयर 1,050 रुपए पर कारोबार कर रहा था। कई घरेलू और विदेशी निवेशकों ने हाल के महीनों में एनएसई के शेयर को 1,200 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से खरीदा है। इस भाव पर इसका वेल्यूएशन 60,000 करोड़ रुपए आंका गया है।

ढेर सारे ब्लू स्टिक स्टॉक में आई है गिरावट

सोने के बारे में ढेर सारे ब्लू चिप स्टॉक्स के वेल्यूएशन में इसलिए गिरावट आई है क्योंकि बाजार में आईपीओ की समय सीमा को लेकर बड़े पैमाने पर अनिश्चितता बनी हुई है। साथ ही मार्केट का सेंटीमेंट भी इस समय ठीक नहीं है। इस तरह की ज्यादा मांग संस्थागत और अल्ट्रा एचएनआई ग्राहकों से आती है, पर यह मांग अभी तक है। एनएसई के वेल्यूएशन में कमी की दूसरी वजह सेकेंडरी मार्केट में लगातार गिरावट भी है। बेंचमार्क सेंसेक्स इस साल में अब तक 24 प्रतिशत गिरा है। इसलिए क्योंकि निवेशकों ने सुरक्षित रास्ता अपनाया है और साथ ही कोविड -19 की महामारी और लॉकडाउन से आर्थिक आंदोलनों के ठप हैं।

2021 की दूसरी पीढ़ी में आईपीओ आने की उम्मीद है

वैसे एनएसई में एक निवेश होने की प्रक्रिया भी बहुत जटिल है। अगर आप इसके शेयर खरीदते या खरीदते हैं तो आपको NSE के शेयरहोल्डर कमिटी में एक औसत प्रपोजल भेजना होगा। यहां से आपकी डील को मंजूरी मिलेगी। हकीकत में एफआईआई और घरेलू निवेशकों का हिस्सा अलग-अलग किया जाता है, जहां पर दोनों एक दूसरे के शेयर नहीं खरीद सकते हैं। एनएसई के आईपीओ के बारे में अनुमान है कि यह वित्तीय वर्ष 2021 की दूसरी तिमाही में आ सकता है। हालांकि पिछले तीन वर्षों से इसका आईपीओ अटका पड़ा है। इसका कारण यह है कि सेबी लगातार एनएसई और इसके शीर्ष अधिकारियों की जांच कर रहा था।

31 अक्टूबर तक सेबी ने लगाई है रोक

सेबी ने आरोप लगाया कि एनएसई के कुछ अधिकारी कुछ व्यवसायों और ब्रोकरों को को-लोकेशन की सुविधा दे रहे थे। यह सुविधा एक विशेष शुल्क पर दी जा रही थी। अप्रैल में सेबी ने एनएसई और उसके अधिकारियों के खिलाफ एक नंबर पास किया है, जिसमें 31 अठ्ठारह तक ये दोनों पूंजी बाजार में भाग नहीं ले पाए हैं। खबर है कि इनवेस्टमेंट बैंकर्स जल्द ही नियुक्त किए जा सकते हैं। दिसंबर में एनएसई ने इस संबंध में वित्त मंत्रालय से संपर्क किया था। हाल में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने एनएसई के 50 लाख शेयर 1,000 रुपए के मूल्य पर कनाडा के अरबपति प्रेम वात्सा को बेचा था।





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