न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 28 May 2020 09:49 PM IST

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देशभर में गर्मी अपने चरम पर है, साथ ही लोग लू के थपेड़ों से भी बेहद परेशान हैं। हालांकि गर्म मौसम से जल्दी ही लोगों को राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक चक्रवाती स्थिति बनने की वजह से दक्षिण पश्चिम मानसून केरल में एक जून को दस्तक दे सकता है।

विभाग ने 15 मई को जारी अपने पूर्वानुमान में कहा था कि मानसून पांच जून को दक्षिणी राज्य में आ सकता है। यह मानसून की सामान्य तिथि से चार दिन बाद की तारीख है। केरल में आमतौर पर एक जून को मानसून दस्तक दे देता है। बहरहाल, बंगाल की खाड़ी पर चक्रवाती स्थिति बनने के कारण मानसून की प्रगति में मदद मिलने की संभावना है।

विभाग ने कहा, ‘दक्षिण पूर्व और सटे हुए पूर्व मध्य अरब सागर में 31 मई से चार जून के दौरान कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है। यह स्थिति केरल में एक जून को मानसून लाने के लिए अनुकूल है।’ मौसम विभाग के मुताबिक देश में इस साल सामान्य बारिश होने की संभावना है।

उधर, मौसम विज्ञान ने कहा कि भीषण गर्मी की चपेट में आए उत्तर भारत में अधिकतम तापमान में कमी आने की संभावना है। उत्तर और मध्य भारत में पिछले कई दिनों से लू का प्रकोप जारी है और साथ ही कई जगहों पर तापमान 47 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया जा रहा है।

विभाग ने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ से 28 से 30 मई तक कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। इस दौरान, उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में धूल भरी आंधी और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना भी है।

इसके अलावा पुणे स्थित आईएमडी वैज्ञानिक डॉ. अनुपम कश्यपी के मुताबिक महाराष्ट्र में 8 जून तक मॉनसून पहुंचने और 30 मई तक प्री-मॉनसून गतिविधियां शुरू होने की उम्मीद है।

 

देशभर में गर्मी अपने चरम पर है, साथ ही लोग लू के थपेड़ों से भी बेहद परेशान हैं। हालांकि गर्म मौसम से जल्दी ही लोगों को राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक चक्रवाती स्थिति बनने की वजह से दक्षिण पश्चिम मानसून केरल में एक जून को दस्तक दे सकता है।

विभाग ने 15 मई को जारी अपने पूर्वानुमान में कहा था कि मानसून पांच जून को दक्षिणी राज्य में आ सकता है। यह मानसून की सामान्य तिथि से चार दिन बाद की तारीख है। केरल में आमतौर पर एक जून को मानसून दस्तक दे देता है। बहरहाल, बंगाल की खाड़ी पर चक्रवाती स्थिति बनने के कारण मानसून की प्रगति में मदद मिलने की संभावना है।

विभाग ने कहा, ‘दक्षिण पूर्व और सटे हुए पूर्व मध्य अरब सागर में 31 मई से चार जून के दौरान कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है। यह स्थिति केरल में एक जून को मानसून लाने के लिए अनुकूल है।’ मौसम विभाग के मुताबिक देश में इस साल सामान्य बारिश होने की संभावना है।


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