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भारत के साथ सीमा पर तनाव के बीच चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने मध्य हुबेई प्रांत के ऊंचाई वाले उत्तर पश्चिमी इलाके में हजारों पैराट्रूपर्स और बख्तरबंद वाहनों के साथ युद्धाभ्यास किया। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह पूरा ऑपरेशन चंद घंटों में पूरा कर लिया गया। दरअसल इसका मकसद भारत के साथ लगती सीमा पर जल्द से जल्द भारी हथियार और साजो सामान पहुंचाने की तैयारियों का परखना था। 

चीन के सेंट्रल टेलीविजन की रिपोर्ट के मुताबिक, युद्धाभ्यास में जरूरत से समय पर सीमा सुरक्षा को जल्द से जल्द मजबूत करने की चीन की क्षमता का प्रदर्शन किया गया। शनिवार को भारत से लगती सीमा के पास एक अज्ञात स्थान पर चीनी वायुसेना के एयरबोर्न ब्रिगेड ने कई हजारों सैनिकों और सिविल एयरलाइंस, लॉजिस्टिक ट्रांसपोर्टेशन और ट्रेनों के जरिये यहां तैनात किया गया।

गौरतलब है कि हुबेई प्रांत में कोरोना का प्रकोप सबसे अधिक था, लेकिन अब यह इससे पूरी तरह उबर चुका है। इसलिए सेना को यहां युद्धाभ्यास के लिए तैनात किया गया। चीन की थलसेना ने रविवार को युद्धाभ्यास में सैकड़ों बख्तरबंद वाहन, टैंक, तोप और मिसाइल ब्रिगेड को एक स्थान से दूसरे स्थान पर तैनात किया गया।

युद्धाभ्यास का हिस्सा रहे चीनी सेना के अधिकारी ने बताया, रविवार को चीनी सेना ने जिस क्षमता का प्रदर्शन किया है, उससे पता चलता कि चीन कहीं भी कम समय में अपनी ताकत को दर्शा सकता है। चाहे वह ऊंचाई वाला इलाका हो या कठिन वातावरण वाला दूरदराज का इलाका। यह बात न सिर्फ पैराट्रूपर्स बल्कि थलसेना और युद्धक विमानों पर भी लागू होती है।  

तिब्बत में भी कर चुका है युद्धाभ्यास 

इससे पहले, चीनी सेना एक जून को भी तिब्बत के ऊंचाई वाले इलाके में आधी रात के घने अंधेरे में युद्धाभ्यास कर चुकी है। चीन की तिब्बत मिलिट्री कमांड ने सोमवार देर रात 4,700 मीटर की ऊंचाई पर सेना भेजी और कठिन हालात में अपनी क्षमता का परीक्षण किया था।

भारत के साथ सीमा पर तनाव के बीच चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने मध्य हुबेई प्रांत के ऊंचाई वाले उत्तर पश्चिमी इलाके में हजारों पैराट्रूपर्स और बख्तरबंद वाहनों के साथ युद्धाभ्यास किया। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह पूरा ऑपरेशन चंद घंटों में पूरा कर लिया गया। दरअसल इसका मकसद भारत के साथ लगती सीमा पर जल्द से जल्द भारी हथियार और साजो सामान पहुंचाने की तैयारियों का परखना था। 

चीन के सेंट्रल टेलीविजन की रिपोर्ट के मुताबिक, युद्धाभ्यास में जरूरत से समय पर सीमा सुरक्षा को जल्द से जल्द मजबूत करने की चीन की क्षमता का प्रदर्शन किया गया। शनिवार को भारत से लगती सीमा के पास एक अज्ञात स्थान पर चीनी वायुसेना के एयरबोर्न ब्रिगेड ने कई हजारों सैनिकों और सिविल एयरलाइंस, लॉजिस्टिक ट्रांसपोर्टेशन और ट्रेनों के जरिये यहां तैनात किया गया।

गौरतलब है कि हुबेई प्रांत में कोरोना का प्रकोप सबसे अधिक था, लेकिन अब यह इससे पूरी तरह उबर चुका है। इसलिए सेना को यहां युद्धाभ्यास के लिए तैनात किया गया। चीन की थलसेना ने रविवार को युद्धाभ्यास में सैकड़ों बख्तरबंद वाहन, टैंक, तोप और मिसाइल ब्रिगेड को एक स्थान से दूसरे स्थान पर तैनात किया गया।

युद्धाभ्यास का हिस्सा रहे चीनी सेना के अधिकारी ने बताया, रविवार को चीनी सेना ने जिस क्षमता का प्रदर्शन किया है, उससे पता चलता कि चीन कहीं भी कम समय में अपनी ताकत को दर्शा सकता है। चाहे वह ऊंचाई वाला इलाका हो या कठिन वातावरण वाला दूरदराज का इलाका। यह बात न सिर्फ पैराट्रूपर्स बल्कि थलसेना और युद्धक विमानों पर भी लागू होती है।  

तिब्बत में भी कर चुका है युद्धाभ्यास 

इससे पहले, चीनी सेना एक जून को भी तिब्बत के ऊंचाई वाले इलाके में आधी रात के घने अंधेरे में युद्धाभ्यास कर चुकी है। चीन की तिब्बत मिलिट्री कमांड ने सोमवार देर रात 4,700 मीटर की ऊंचाई पर सेना भेजी और कठिन हालात में अपनी क्षमता का परीक्षण किया था।

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