वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Updated Thu, 03 Sep 2020 04:58 PM IST

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें

इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने पाकिस्तान की जेल में बंद कुलभूषण जाधव को डिफेंस काउंसिल मुहैया करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने पाकिस्तान सरकार से कहा कि जाधव के लिए वकील नियुक्त करने के लिए भारत को एक और मौका दिया जाए। अपने फैसले के बाद न्यायालय ने इस मामले की आगे की सुनवाई 6 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दी।

इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने जाधव के लिए एक पाकिस्तानी सैन्य अदालत द्वारा दी गई मौत की सजा की समीक्षा के लिए वकील की नियुक्ति के आदेश दिए हैं। बता दें कि 50 वर्षीय सेवानिवृत्त भारतीय नौसेना अधिकारी जाधव को अप्रैल 2017 में जासूसी और आतंकवाद के आरोप में एक पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी।
 

अटॉर्नी जनरल खालिद जावेद खान ने अदालत को बताया कि अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) के आदेशों का पालन करने के लिए, पाकिस्तान ने भारत को कांसुलर एक्सेस प्रदान किया, हालांकि, उसने उसके लिए वकील नियुक्त करने के पाकिस्तान के प्रस्ताव का जवाब नहीं दिया है।

अंतरराष्ट्रीय कोर्ट के आदेश के बाद पाकिस्तान ने एक विशेष कानून पेश किया, जिसके तहत जाधव को अपनी सजा की समीक्षा करने की अनुमति मिल सके। इससे पहले भारत ने अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में जाधव को पाकिस्तान द्वारा वकील मुहैया नहीं कराने और मौत की सजा को चुनौती नहीं दे पाने के खिलाफ अपील की थी।

इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने पाकिस्तान की जेल में बंद कुलभूषण जाधव को डिफेंस काउंसिल मुहैया करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने पाकिस्तान सरकार से कहा कि जाधव के लिए वकील नियुक्त करने के लिए भारत को एक और मौका दिया जाए। अपने फैसले के बाद न्यायालय ने इस मामले की आगे की सुनवाई 6 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दी।

इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने जाधव के लिए एक पाकिस्तानी सैन्य अदालत द्वारा दी गई मौत की सजा की समीक्षा के लिए वकील की नियुक्ति के आदेश दिए हैं। बता दें कि 50 वर्षीय सेवानिवृत्त भारतीय नौसेना अधिकारी जाधव को अप्रैल 2017 में जासूसी और आतंकवाद के आरोप में एक पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी।

 

अटॉर्नी जनरल खालिद जावेद खान ने अदालत को बताया कि अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) के आदेशों का पालन करने के लिए, पाकिस्तान ने भारत को कांसुलर एक्सेस प्रदान किया, हालांकि, उसने उसके लिए वकील नियुक्त करने के पाकिस्तान के प्रस्ताव का जवाब नहीं दिया है।

अंतरराष्ट्रीय कोर्ट के आदेश के बाद पाकिस्तान ने एक विशेष कानून पेश किया, जिसके तहत जाधव को अपनी सजा की समीक्षा करने की अनुमति मिल सके। इससे पहले भारत ने अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में जाधव को पाकिस्तान द्वारा वकील मुहैया नहीं कराने और मौत की सजा को चुनौती नहीं दे पाने के खिलाफ अपील की थी।

.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *