हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला
Updated Mon, 08 Jun 2020 12:34 AM IST

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दोहा एशियाई चैंपियनशिप में निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ 800 मीटर का स्वर्ण पदक जीतने वाली एथलीट एम गोमती पर वर्ल्ड एथलेटिक्स की एथलीट इंटिग्रिटी यूनिट (एआईयू) ने चार साल का प्रतिबंध लगा दिया है। गोमती अपने बचाव में सैंपलों के साथ की गई छेड़छाड़ की बात को साबित नहीं कर पाईं। उन पर यह प्रतिबंध अस्थाई प्रतिबंध की तिथि 17 मई 2019 से लगाया गया है, जो 16 मई 2023 को खत्म होगा। इसके साथ ही गोमती से बीते वर्ष एशियाई चैंपियनशिप में जीता गया स्वर्ण पदक छीना जाना तय हो गया है।

तकरीबन एक लाख रुपये देना होगा हर्जाना
यही नहीं उन पर एक हजार पाउंड तकरीबन एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जो उन्हें एआईयू को हर्जाने के रूप में देने होंगे।

एक नहीं चार सैंपल पाए गए पॉजिटिव
खास बात यह है कि गोमती का एक नहीं बल्कि चार सैंपल स्टेरायड 19 नॉर एंड्रोस्टेरॉन के लिए पॉजिटिव पाए गए हैं। अप्रैल में दोहा एशियाई चैंपियनशिप में सैंपल लिए जाने से पहले उनका 18 मार्च को पटियाला में फेडरेशन कप के दौरान और उसके बाद दो सैंपल चयन ट्रायल के दौरान लिए गए थे। इनमें से उन्होंने पहले, तीसरे और चौथे के लिए बी सैंपल टेस्ट कराया, जो सभी पॉजिटिव पाए गए। पहले तीनों सैंपल नाडा ने लिए थे। जिनकी रिपोर्ट देर से आने के चलते गोमती दोहा खेलने भेज दी गईं और देश को शर्मिंदगी उठानी पड़ी।

एनडीटीएल पर खड़े किए सवाल
गोमती की ओर से बचाव में वाडा से प्रतिबंधित चल रही एनडीटीएल लैब को घेरे में लिया गया। गोमती के  एनडीटीएल में तीन और दोहा लैब में एक सैंपल टेस्ट हुआ। एनडीटीएल में गए दो सैंपलों में उन्होंने सैंपल की मात्रा को लेकर सवाल उठाए, जबकि दोहा में सैंपल के तापमान को लेकर सवालिया निशान लगाए। उन्होंने बतौर विशेषज्ञ चेन्नई के एक प्रोफेसर को एआईयू के समक्ष पेश किया। हालांकि उनके तर्क उन्हें प्रतिबंधित होने से नहीं बचा पाए।

सार

  • सैंपल से छेड़छाड़ की बात साबित नहीं कर पाईं

विस्तार

दोहा एशियाई चैंपियनशिप में निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ 800 मीटर का स्वर्ण पदक जीतने वाली एथलीट एम गोमती पर वर्ल्ड एथलेटिक्स की एथलीट इंटिग्रिटी यूनिट (एआईयू) ने चार साल का प्रतिबंध लगा दिया है। गोमती अपने बचाव में सैंपलों के साथ की गई छेड़छाड़ की बात को साबित नहीं कर पाईं। उन पर यह प्रतिबंध अस्थाई प्रतिबंध की तिथि 17 मई 2019 से लगाया गया है, जो 16 मई 2023 को खत्म होगा। इसके साथ ही गोमती से बीते वर्ष एशियाई चैंपियनशिप में जीता गया स्वर्ण पदक छीना जाना तय हो गया है।

तकरीबन एक लाख रुपये देना होगा हर्जाना

यही नहीं उन पर एक हजार पाउंड तकरीबन एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जो उन्हें एआईयू को हर्जाने के रूप में देने होंगे।

एक नहीं चार सैंपल पाए गए पॉजिटिव
खास बात यह है कि गोमती का एक नहीं बल्कि चार सैंपल स्टेरायड 19 नॉर एंड्रोस्टेरॉन के लिए पॉजिटिव पाए गए हैं। अप्रैल में दोहा एशियाई चैंपियनशिप में सैंपल लिए जाने से पहले उनका 18 मार्च को पटियाला में फेडरेशन कप के दौरान और उसके बाद दो सैंपल चयन ट्रायल के दौरान लिए गए थे। इनमें से उन्होंने पहले, तीसरे और चौथे के लिए बी सैंपल टेस्ट कराया, जो सभी पॉजिटिव पाए गए। पहले तीनों सैंपल नाडा ने लिए थे। जिनकी रिपोर्ट देर से आने के चलते गोमती दोहा खेलने भेज दी गईं और देश को शर्मिंदगी उठानी पड़ी।

एनडीटीएल पर खड़े किए सवाल
गोमती की ओर से बचाव में वाडा से प्रतिबंधित चल रही एनडीटीएल लैब को घेरे में लिया गया। गोमती के  एनडीटीएल में तीन और दोहा लैब में एक सैंपल टेस्ट हुआ। एनडीटीएल में गए दो सैंपलों में उन्होंने सैंपल की मात्रा को लेकर सवाल उठाए, जबकि दोहा में सैंपल के तापमान को लेकर सवालिया निशान लगाए। उन्होंने बतौर विशेषज्ञ चेन्नई के एक प्रोफेसर को एआईयू के समक्ष पेश किया। हालांकि उनके तर्क उन्हें प्रतिबंधित होने से नहीं बचा पाए।

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