किसान ने बनाई इलेक्ट्रिक कार.

इलेक्ट्रिक कार सिंगल चार्ज में 300 km की रेंज देती है. उन्होंने इस में 850 वाट की मोटर लगाई है और इसे चलाने के लिए 100Ah/54 volts की बैटरी यूज की है. सुशील ने बताया कि इस कार की बैटरी सौर ऊर्जा से चार्ज होती है

नई दिल्ली. देश में पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के बीच इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की डिमांड तेजी से बढ़ रही है. ऐसे में सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल्स खरीदने पर सब्सिडी भी दे रही है. जिसके चलते नए वाहन खरीदने वाले लोग अपनी जरूरत के मुताबिक इलेक्ट्रिक व्हीकल्स खरीद रहे हैं. लेकिन ओडिशा के मयूरभंज जिले के किसान सुशील अग्रवाल ने अपनी जरूरत को पूरा करने के लिए इलेक्ट्रिक कार ही बना डाली और वो भी सिंगल चार्ज में 300 किमी तक चलने वाली. सुशील ने बताया कि इस कार को बनाने की शुरुआत उन्होंने लॉकडाउन के दौरान की थी. जो कि अब जाकर पूरी हुई है. आइए जानते है सुशील ने किस तरह इलेक्ट्रिक कार बनाई और इस कार की क्या खासियत है…

इतनी देर में होती है चार्ज – सुशील अग्रवाल के अनुसार उनकी इलेक्ट्रिक कार सिंगल चार्ज में 300 km की रेंज देती है. उन्होंने इस में 850 वाट की मोटर लगाई है और इसे चलाने के लिए 100Ah/54 volts की बैटरी यूज की है. सुशील ने बताया कि इस कार की बैटरी सौर ऊर्जा से चार्ज होती है और उसे पूरा चार्ज होने में 8 घंटे का समय लगता है. वहीं उन्होंने कहा- बेशक ये कार देर से चार्ज होती है लेकिन इसकी बैटरी लाइफ 10 साल है. इसलिए ये कार दूसरी कारों के मुकाबले ज्यादा बेहतर है.

लॉकडाउन में शुरू की थी इलेक्ट्रिक कार बनाना – सुशील अग्रवाल ने बताया कि, उन्होंने लॉकडाउन में इस कार को बनाना शुरू किया था. वहीं उन्होंने कहा- इस कार को बनाने के लिए दो मैकेनिक और उनके एक दोस्त ने मदद की जिनके सहयोग से मोटर वाइंडिंग, इलेक्ट्रिक फिटिंग और चेसिस वर्क किया. वहीं उन्होंने बताया कि, लॉकडाउन के दौरान मुझे अंदाजा हो गया था कि, अनलॉक होने के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमत में बढ़ोतरी होगी. इसलिए इलेक्ट्रिक कार का निर्माण शुरू किया और इसको बनाने के लिए किताब और YouTube की मदद भी ली.

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मयूरभंज आरटीओ के अधिकारी गोपाल कृष्ण दास ने कहा कि, ‘मुझे यह जानकर खुशी हुई कि लॉकडाउन अवधि के दौरान सौर-बैटरी से चलने वाले वाहन को तैयार किया गया. ऐसे वाहन पर्यावरण के अनुकूल होते हैं, और समाज को इस प्रकार के आविष्कार को प्रोत्साहित करना चाहिए.’




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