नई दिल्ली: बीजेपी नेता कपिल मिश्रा (Kapil Mishra) का नाम एक बार फिर दिल्ली हिंसा से पहले उनके भाषण को लेकर चर्चा में है. फेसबुक ने अपनी हेट स्पीच पॉलिसी को समझाने के लिए कर्मचारियों के सामने उदाहरण के रूप में कपिल मिश्रा की स्पीच को रखा, जो उन्होंने दिल्ली हिंसा भड़कने से पहले दी थी.

हमारी सहयोगी वेबसाइट इंडिया डॉट कॉम की खबर के मुताबिक, फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग (Mark Zuckerberg) ने दिल्ली हिंसा से जुड़ी धमकियों को लेकर कपिल मिश्रा की आलोचना की. खबर के मुताबिक, जकरबर्ग अपने कर्मचारियों को फेसबुक की हेट स्पीच पॉलिसी समझा रहे थे जिस दौरान उन्होंने इस भाषण का जिक्र किया. इस मीटिंग का एक ऑडियो लीक हो गया है. जिसके बाद पूरी दुनिया के सामने कपिल मिश्रा की एक नकारात्मक छवि बन गई है. वहीं जिस भाषण का जिक्र जकरबर्ग ने अपने 25000 कर्मचारियों को संबोधित करते हुए किया, वो भाषण कपिल मिश्रा ने एंटी सीएए प्रोटेस्ट को लेकर दिया था. 

फेसबुक के सीईओ ने हेट स्पीच पॉलिसी को लेकर अपने कर्मचारियों को वीडियो कॉल के जरिए एड्रेस किया था. इसमें सबसे पहले उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के ट्वीट का जिक्र किया. ये ट्वीट राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका में चल रहे #BlackLivesMatter प्रदर्शनों को लेकर किया था. इसके बाद जकरबर्ग ने कपिल मिश्रा की स्पीच का उदाहरण दिया. हालांकि उन्होंने कपिल मिश्रा का नाम नहीं लिया. लेकिन उनके भाषण को सुनाते हुए कहा कि ये हेट स्पीच है. जकरबर्ग ने कहा कि एंटी सीएए प्रदर्शनकारियों को लेकर दिल्ली में दिया गया ये भाषण हिंसा और दंगों को भड़काने जैसा है. 

बता दें कि इससे पहले  फेसबुक के कुछ कर्मचारी सीईओ मार्क जकरबर्ग के विरोध में खड़े हो गए थे. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड के पोस्ट को न हटाने को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी थी. जकरबर्ग ने इस पोस्ट को फेसबुक से हटाने से मना कर दिया था. हालांकि बाद में जकरबर्ग ने कहा कि ट्रंप का ये पोस्ट बेहद अपमानजनक है.

जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद शुरू हुए विरोध प्रदर्शन के बाद ट्रंप ने कुछ ऐसे ट्वीट किए थे जिसे लेकर कर्मचारियों ने विरोध जताया था. उन्होंने ट्विटर पर इसके बारे में लिखा था. 
वहीं ट्विटर ने ट्रंप के ट्वीट को हिंसा को बढ़ावा देने वाला बताया था और इसे फ्लैग कर दिया था. ट्रंप ने इस ट्वीट में लिखा था, ‘when looting starts shooting starts. ‘ ये ट्वीट जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद  हो रहे प्रदर्शनों को लेकर था.

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वहीं जकरबर्ग ने कर्मचारियों से अपने संबोधन में जोर डालते हुए कहा कि इस पॉलिसी से कोई व्यक्ति नहीं छूट सकता.  राजनीतिज्ञ भी नहीं. ये सभी के लिए है. जकरबर्ग ने कहा कि हमारी करंट पॉलिसी है कि अगर कोई कंटेंट हिंसा को बढ़ावा देता हैं, उसे तुरंत हटा देना चाहिए. फ्लैग करने से कुछ नहीं होगा क्योंकि, उसके बाद भी लोग इसे देखेंगे.

ये वीडियो कॉल 2 जून को किया गया था. लेकिन अब इस संबोधन का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

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