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जनसंख्या घनत्व से लेकर जीडीपी तक कई मामलों में यूपी से बेहतर स्थिति में होने के बावजूद कोरोना के संक्रमण और उससे मौतों को रोकने के लिहाज से पाकिस्तान बहुत पिछड़ा हुआ है। 

यूपी के मुकाबले वहां संक्रमण 10 गुना तो मौतों का आंकड़ा 8 गुना ज्यादा है। इन आंकड़ों को उठाकर पाकिस्तान के प्रमुख अखबार ‘डान’ ने अपनी ही सरकार को घेरा है। ‘डॉन’ के संपादक फहद हुसैन ने यूपी और पाकिस्तान की तुलना करते हुए ट्वीट कर अपने देश में मृत्युदर अधिक होने पर सवाल उठाए हैं।

फहद ने ट्वीट में अपनी सरकार व जनता से पूछा है कि पाकिस्तान में संक्रमित मरीजों की इतनी अधिक संख्या में मौतें क्यों हो रही हैं, जबकि यूपी का जनसख्ंया घनत्व पाकिस्तान से करीब तीन गुना ज्यादा है। घनी आबादी कोरोना संक्रमण रोकने में बड़ी बाधा है, फिर भी यूपी में संक्रमण और मौतें बेहद कम हैं। 

फहद ने लिखा कि 5 जून तक पाकिस्तान में करीब 2 हजार लोगों की जान गई जबकि यूपी में यह काफी कम महज 257 है। जबकि 7 जून के आंकड़े की तुलना करें तो पाकिस्तान में संक्रमण का आंकड़ा एक लाख पार कर गया, जबकि यूपी में साढ़े 10 हजार है। 

वहीं, मौतों का आंकड़ा पाक में 2032 और यूपी में 275 है। वे स्पष्ट कहते हैं कि हम लॉकडाउन में उतनी कड़ाई नहीं कर सके, जितनी यूपी ने की। प्रति व्यक्ति आय में भी पाकिस्तान यूपी से बेहतर है, लेकिन हमारी सरकार लॉकडाउन खोलने को सही ठहराने के लिए यूपी का उदाहरण देती है। 

मैं अपनी जनता से पूछना चाहता हूं कि पाकिस्तान में इतनी मौतें क्यों हुई हैं, जबकि यूपी  में इतनी कम? गौरतलब है कि कोरोना का पहला केस पाकिस्तान में 29 मार्च को जबकि यूपी में 15 अप्रैल को मिला था।

सार

  • पाकिस्तानी अखबार डॉन के संपादक ने अपनी सरकार से पूछा कि बेहतर स्थिति में होने के बावजूद हमारे यहां मौतें ज्यादा क्यों

विस्तार

जनसंख्या घनत्व से लेकर जीडीपी तक कई मामलों में यूपी से बेहतर स्थिति में होने के बावजूद कोरोना के संक्रमण और उससे मौतों को रोकने के लिहाज से पाकिस्तान बहुत पिछड़ा हुआ है। 

यूपी के मुकाबले वहां संक्रमण 10 गुना तो मौतों का आंकड़ा 8 गुना ज्यादा है। इन आंकड़ों को उठाकर पाकिस्तान के प्रमुख अखबार ‘डान’ ने अपनी ही सरकार को घेरा है। ‘डॉन’ के संपादक फहद हुसैन ने यूपी और पाकिस्तान की तुलना करते हुए ट्वीट कर अपने देश में मृत्युदर अधिक होने पर सवाल उठाए हैं।

फहद ने ट्वीट में अपनी सरकार व जनता से पूछा है कि पाकिस्तान में संक्रमित मरीजों की इतनी अधिक संख्या में मौतें क्यों हो रही हैं, जबकि यूपी का जनसख्ंया घनत्व पाकिस्तान से करीब तीन गुना ज्यादा है। घनी आबादी कोरोना संक्रमण रोकने में बड़ी बाधा है, फिर भी यूपी में संक्रमण और मौतें बेहद कम हैं। 

फहद ने लिखा कि 5 जून तक पाकिस्तान में करीब 2 हजार लोगों की जान गई जबकि यूपी में यह काफी कम महज 257 है। जबकि 7 जून के आंकड़े की तुलना करें तो पाकिस्तान में संक्रमण का आंकड़ा एक लाख पार कर गया, जबकि यूपी में साढ़े 10 हजार है। 

वहीं, मौतों का आंकड़ा पाक में 2032 और यूपी में 275 है। वे स्पष्ट कहते हैं कि हम लॉकडाउन में उतनी कड़ाई नहीं कर सके, जितनी यूपी ने की। प्रति व्यक्ति आय में भी पाकिस्तान यूपी से बेहतर है, लेकिन हमारी सरकार लॉकडाउन खोलने को सही ठहराने के लिए यूपी का उदाहरण देती है। 

मैं अपनी जनता से पूछना चाहता हूं कि पाकिस्तान में इतनी मौतें क्यों हुई हैं, जबकि यूपी  में इतनी कम? गौरतलब है कि कोरोना का पहला केस पाकिस्तान में 29 मार्च को जबकि यूपी में 15 अप्रैल को मिला था।

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