• कमीशन फॉर एग्रीकल्चरल कॉस्ट्स एंड प्राइसेज ने 17 फसलों की एमएसपी में बढ़ोतरी का प्रस्ताव सौंपा
  • अब कैबिनेट करेगा प्रस्ताव पर विचार, पिछले साल के मुकाबले 53 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ जाएगी धान की कीमत

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 01:03 PM IST

नई दिल्ली. कोरोनावायरस संक्रमण के बीच किसानों के लिए यह राहत की खबर है। केंद्र सरकार खरीफ फसल की खरीदारी के लिए मिनिमम सपोर्ट प्राइस (एमएसपी) बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इस संबंध में कमीशन फॉर एग्रीकल्चरल कॉस्ट्स एंड प्राइसेज (सीएसीपी) ने अपनी सिफारिशें सौंप दी हैं। अब इन सिफारिशों को मंजूरी के लिए केंद्रीय कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा। यदि सीएसीपी की सिफारिशों पर अमल होता है तो किसानों को फसल पर ज्यादा मुनाफा होगा और उसकी आय में वृद्धि होगी।

धान की एमएसपी 53 रुपए बढ़ाने की सिफारिश

ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सीएसीपी ने खरीफ की 17 फसलों की एमएसपी बढ़ाने की सिफारिश की है। इसमें धान की फसल सबसे प्रमुख है। सीएसीपी ने धान (ग्रेड-ए) की एमएसपी को 2.9 फीसदी बढ़ाकर 1888 रुपए प्रति क्विंटल करने की सिफारिश की है। यदि सीएसीपी की सिफारिश को मान लिया जाता है तो धान की एमएसपी में 53 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हो जाएगी। इसी प्रकार से सामान्य धान की एमएसपी को 1815 रुपए से बढ़ाकर 1868 रुपए प्रति क्विंटल करने की सिफारिश की है।

कॉटन की कीमत 260 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाने की सिफारिश

सीएसीपी ने कॉटन की एमएसपी 260 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाने की सिफारिश की है। मौजूदा समय में कॉटन (मीडियम स्टेपल) की एमएसपी 5255 रुपए प्रति क्विंटल है और इसे बढ़ाकर 5515 रुपए प्रति क्विंटल करने की सिफारिश की गई है। इसी प्रकार से कॉटन (लॉन्ग स्टेपल) की एमएसपी को 5550 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 5825 रुपए प्रति क्विंटल करने की सिफारिश की है।

दालों की एमएसपी भी बढ़ेगी

सीएसीपी ने खरीफ की प्रमुख दालों तूर, उड़द और मूंग दाल की एमएसपी बढ़ाने की सिफारिश की है। रिपोर्ट के मुताबिक, सीएसीपी ने तूर दाल की एमएसपी 5800 रुपए से बढ़ाकर 6000 रुपए प्रति क्विंटल, उड़द दाल की एमएसपी 5700 से 6000 रुपए प्रति क्विंटल और मूंग दाल की एमएसपी 7050 रुपए से बढ़ाकर 7196 रुपए प्रति क्विंटल करने की सिफारिश की जाती है।

संबंधित मंत्रालयों से चल रहा विचार विमर्श

कृषि विभाग के अधिकारी के मुताबिक, सीएसीपी के प्रस्ताव को लेकर फूड एवं अन्य संबंधित मंत्रालयों के सात विचार विमर्श चल रहा है। इसके बाद ही इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। अधिकारी का कहना है कि सामान्य तौर पर सीएसीपी की सिफारिशों को पूरी तरह से मान लिया जाता है।

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