• कहा- नौकरी गंवाने वालों को 50 से 75 फीसदी सैलरी के बराबर पैसा दिया जाना चाहिए
  • खराब वित्तीय हालातों से निपटने के लिए मोराटोरियम अवधि का ब्याज माफ किया जाए

दैनिक भास्कर

Jun 07, 2020, 12:12 PM IST

नई दिल्ली. कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) के अध्यक्ष उदय कोटक ने शनिवार को कहा कि कोरोनावायरस महामारी ने नौकरीपेशा लोगों को बड़ा झटका दिया है। उन्होंने का कि कोरोना के कारण जिनकी नौकरी पर खतरा बना हुआ है और जिनकी सैलरी 25 हजार से कम है, सरकार को उनको नकद पैसा देना चाहिए।

50 से 75 फीसदी सैलरी के बराबर पैसा दिया जाए

उदय कोटक ने एएनआई से बातचीत में कहा कि सरकार को नौकरी गंवाने वालों और 25 हजार से कम सैलरी वालों को उनकी सैलरी के 50 से 75 फीसदी तक पैसा नकद देना चाहिए। इसके अलावा कोरोना के कारण खराब हुए वित्तीय सिस्टम को देखते हुए 6 महीने का मोराटोरियम लेने वालों की ब्याज माफ की जानी चाहिए। देश के प्रमुख बैंकरों में शुमार उदय कोटक ने कहा कि सरकार को लैंड एंड लेबर रिफॉर्म और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर फोकस करना चाहिए। ताकि अमेरिका से चल रहे ट्रेड वॉर के कारण चीन छोड़ने वाली कंपनियों को रिझाया जा सके।

महामारी से भारत के लिए बड़े अवसर पैदा हुए

उदय कोटक ने कहा कि महामारी के कारण भारत के सामने अवसरों का एक ताजा सेट पैदा हुआ है। केंद्र पहले ही आत्म निर्भर भारत प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा कर चुका है। इससे पहले कॉरपोरेट टैक्स भी घटाया जा चुका है। अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर चल रहा है। दूसरे देशों को चीन से भारत लाने का यह सही समय है, लेकिन उनको लाने के लिए लैंड और लेबर रिफॉर्म करना होगा। इसके अलावा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देना होगा। 

हाल ही में सीआईआई के अध्यक्ष बने हैं उदय कोटक

निजी क्षेत्र के प्रमुख बैंक कोटक महिंद्रा बैंक के एमडी और सीईओ उदय कोटक हाल ही में कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) के अध्यक्ष बने हैं। सीआईआई भारतीय इंडस्ट्रीज का एक गैर लाभकारी संगठन है। इसका मुख्यालय दिल्ली में है। इस संगठन के 9 हजार प्रत्यक्ष और 3 लाख अप्रत्यक्ष सदस्य हैं।  

वित्त वर्ष 2021 में रहेगी नकारात्मक ग्रोथ

सीआईआई का अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार मीडिया से बातचीत में उदय कोटन के कहा था कि कोराना के कारण चालू वित्त वर्ष के पहले दो महीनों में कोई आर्थिक गतिविधि नहीं हुई है। इस कारण वित्त वर्ष 2021 में नकारात्मक ग्रोथ रह सकत है। इसके अलावा कई अन्य स्वतंत्र विश्लेषकों ने भी वित्त वर्ष 2021 में अर्थव्यवस्था में गिरावट का अनुमान जताया है। 

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