• फाइनेंशियल संस्थान या कमर्शियल व्हीकल मैन्यूफैक्चरर्स से कोई डील नहीं
  • काफी सारे ट्रक 2 महीनों से बंद पड़े हैं जिससे डायरेक्ट नुकसान हो रहा है

दैनिक भास्कर

May 22, 2020, 09:04 PM IST

मुंबई. कोविड-19 की महामारी से उत्पन्न हुई आर्थिक दिक्कतों पर कमर्शियल वेहिकल के मामले में एक बड़ा फैसला लिया गया है। ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने यह फैसला किया है कि उसके सदस्य वित्तीय वर्ष 2020-2021 के पूरे वर्ष में कोई नया ट्रक नहीं खरीदेंगे। इसका कारण यह है कि सरकार ने 21 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज में उन्हें कोई भी राहत नहीं दी है। इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से यह फैसला किया गया है।

सभी सदस्यों को दी गई सूचना

एसोसिएशन ने अपने सभी सदस्यों को जारी एक लेटर में कहा है कि फिलहाल हम बहुत ही बुरे दौर से गुजर रहे हैं। एसोसिएशन ने कहा है कि हम कई सारे सेक्टर में रोजगार पैदा कर रहे हैं। यह सेक्टर पूरी तरह से रिस्पांसिबल और एजुकेटेड हैं। लेकिन अफसोस है कि प्रधानमंत्री के राहत पैकेज से हमें कोई लाभ नहीं मिला है।

90 लाख ट्रक हैं भारत में 

एसोसिएशन ने कहा है कि पूरे भारत में करीबन 90 लाख ट्रक हैं। इसमें से ज्यादातर ट्रक पिछले दो महीनों से कई सारे कारणों की वजह से बंद पड़े हैं। यह हम सभी के लिए डायरेक्ट नुकसान है। बावजूद इसके ट्रक मालिक रोड टैक्स या तो दे रहे हैं या देंगे। साथ ही परमिट फीस आदि का भी उनको भुगतान करना होगा। एसोसिएशन ने कहा है कि चूंकि मांग नहीं है, उत्पादन में कमी है और एक्सपोर्ट तथा ट्रेड ट्रैवेल बंद हैं। इसलिए हमारा रोजगार बंद हैं। ऐसे में नए ट्रकों को लाना बहुत दिक्कत का काम है।

जिनके पास कम ट्रक है, वे बिलकुल दिक्कत न पालें

हम अपने सदस्यों को सलाह देते हैं कि रोड ट्रांसपोर्ट सेक्टर आनेवाले समय में भी ठीक नहीं रहेगा। इसलिए कोई भी सदस्य 2020-21 के दौरान पूरे वर्ष में कोई भी ट्रक नहीं खरीदे। खासकर वे सदस्य जिनके पास एक या दो ट्रक हैं। एसोसिएशन ने कहा है कि हमें नहीं लगता है कि किसी भी तरह से हमारी मदद हो पाएगी।

हमारा अब आगे का मंत्र यह होगा कि नो ट्रक फार मी, जिस पर सभी को काम करना है। साथ ही हमें किसी फाइनेंशियल संस्थान या कमर्शियल व्हीकल मैन्यूफैक्चरर्स से कोई डील नहीं करनी है। क्योंकि अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। 

.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *