न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Updated Thu, 21 May 2020 11:17 PM IST

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कोरोना महामारी की वजह से लगा देशव्यापी लॉकडाउन की वजह से कई उद्योगों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है, इसमें से एक है अखबार उद्योग जिसे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में अब द्रमुक ने इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद करने की अपील की है।

द्रमुक ने बृहस्पतिवार को पीएम मोदी से न्यूजप्रिंट पर सीमा शुल्क माफ करने, अखबारों को सरकारी विज्ञापन के बकाये के भुगतान के लिए कदम उठाने तथा विज्ञापन दरों में 100 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का आग्रह किया है।

द्रमुक ने कहा कि कोविड-19 के मद्देनजर लागू लॉकडाउन के चलते इस उद्योग को एक तगड़ा झटका लगा है। पार्टी अध्यक्ष एम के स्टालिन ने यहां इस सप्ताह समाचार पत्र प्रकाशकों के एक समूह के साथ हुई अपनी बातचीत का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले दो महीनों में आर्थिक गतिविधियां ठप होने के प्रभाव से इस उद्योग के अस्तित्व पर प्रश्नचिह्न लग गया है।

स्टालिन ने मोदी को लिखे एक पत्र में कहा, ‘विज्ञापन राजस्व में कमी और कोविड-19 महामारी के चलते सर्कुलेशन प्रभावित हुआ है और वे खर्च भी पूरा नहीं कर पा रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘न्यूजप्रिंट और आयात होने वाले अन्य कच्चे सामान पर लगने वाले सीमा शुल्क को वर्ष के बाकी समय के लिए माफ कर दिया जाए।’ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से समाचार उद्योग को राहत मुहैया कराने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया। 

कोरोना महामारी की वजह से लगा देशव्यापी लॉकडाउन की वजह से कई उद्योगों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है, इसमें से एक है अखबार उद्योग जिसे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में अब द्रमुक ने इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद करने की अपील की है।

द्रमुक ने बृहस्पतिवार को पीएम मोदी से न्यूजप्रिंट पर सीमा शुल्क माफ करने, अखबारों को सरकारी विज्ञापन के बकाये के भुगतान के लिए कदम उठाने तथा विज्ञापन दरों में 100 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का आग्रह किया है।

द्रमुक ने कहा कि कोविड-19 के मद्देनजर लागू लॉकडाउन के चलते इस उद्योग को एक तगड़ा झटका लगा है। पार्टी अध्यक्ष एम के स्टालिन ने यहां इस सप्ताह समाचार पत्र प्रकाशकों के एक समूह के साथ हुई अपनी बातचीत का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले दो महीनों में आर्थिक गतिविधियां ठप होने के प्रभाव से इस उद्योग के अस्तित्व पर प्रश्नचिह्न लग गया है।

स्टालिन ने मोदी को लिखे एक पत्र में कहा, ‘विज्ञापन राजस्व में कमी और कोविड-19 महामारी के चलते सर्कुलेशन प्रभावित हुआ है और वे खर्च भी पूरा नहीं कर पा रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘न्यूजप्रिंट और आयात होने वाले अन्य कच्चे सामान पर लगने वाले सीमा शुल्क को वर्ष के बाकी समय के लिए माफ कर दिया जाए।’ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से समाचार उद्योग को राहत मुहैया कराने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया। 

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