न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 22 May 2020 05:38 PM IST

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दिल्ली उच्च न्यायालय की तरफ से झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को कोयला घोटाले की एक याचिका में निराशा हाथ लगी है। न्यायालय ने कोड़ा द्वारा दायर की गई एक याचिका में कोयला घोटाले में दोषसिद्धी पर रोक लगाने से इंकार करते हुए कहा कि उनके पूरी तरह निर्दोष साबित नहीं होने तक उन्हें किसी भी तरह के सार्वजनिक पद के लिये चुनाव लड़ने की अनुमति देना उचित नहीं होगा।

न्यायमूर्ति विभु बाखरु ने शुक्रवार को कहा कि व्यापक राय यह है कि अपराधों से जुड़े व्यक्तियों को सार्वजनिक पदों के लिये चुनाव लड़ने के अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए। ऐसे में कोड़ा के पाक-साफ होने तक दोषी करार दिये जाने पर रोक लगाना ठीक नहीं है।

कोड़ा ने 2019 के झारखंड विधानसभा चुनाव लड़ने के लिये अपनी दोषसिद्धी पर रोक लगाने का अनुरोध करते हुये याचिका दायर की थी। अदालत ने 19 मार्च को उनकी याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। लेकिन शुक्रवार को हुई सुनवाई में अदालत ने कहा, ‘याचिकाकर्ता को तब तक सार्वजनिक पदों के चुनाव लड़ने देने की अनुमति देना ठीक नहीं है, जब तक कि वह निर्दोष साबित न हो जाएं।’

एक निचली अदालत ने कोड़ा को झारखंड स्थित कोयला ब्लॉकों के कोलकाता स्थित कंपनी विनी आयरन एंड स्टील उद्योग लिमिटेड को आवंटन में 2017 में भ्रष्टाचार और षडयंत्र का दोषी पाया था।

दिल्ली उच्च न्यायालय की तरफ से झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को कोयला घोटाले की एक याचिका में निराशा हाथ लगी है। न्यायालय ने कोड़ा द्वारा दायर की गई एक याचिका में कोयला घोटाले में दोषसिद्धी पर रोक लगाने से इंकार करते हुए कहा कि उनके पूरी तरह निर्दोष साबित नहीं होने तक उन्हें किसी भी तरह के सार्वजनिक पद के लिये चुनाव लड़ने की अनुमति देना उचित नहीं होगा।

न्यायमूर्ति विभु बाखरु ने शुक्रवार को कहा कि व्यापक राय यह है कि अपराधों से जुड़े व्यक्तियों को सार्वजनिक पदों के लिये चुनाव लड़ने के अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए। ऐसे में कोड़ा के पाक-साफ होने तक दोषी करार दिये जाने पर रोक लगाना ठीक नहीं है।

कोड़ा ने 2019 के झारखंड विधानसभा चुनाव लड़ने के लिये अपनी दोषसिद्धी पर रोक लगाने का अनुरोध करते हुये याचिका दायर की थी। अदालत ने 19 मार्च को उनकी याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। लेकिन शुक्रवार को हुई सुनवाई में अदालत ने कहा, ‘याचिकाकर्ता को तब तक सार्वजनिक पदों के चुनाव लड़ने देने की अनुमति देना ठीक नहीं है, जब तक कि वह निर्दोष साबित न हो जाएं।’

एक निचली अदालत ने कोड़ा को झारखंड स्थित कोयला ब्लॉकों के कोलकाता स्थित कंपनी विनी आयरन एंड स्टील उद्योग लिमिटेड को आवंटन में 2017 में भ्रष्टाचार और षडयंत्र का दोषी पाया था।

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