• पूर्व ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर शेन वॉर्न ने कहा- क्रिकेट बॉल को टेनिस या लॉन बॉल की तरह एक तरफ से भारी करना चाहिए
  • ऑस्ट्रेलिया की कूकाबूरा कंपनी गेंदबाज को चमकाने के लिए जल्द ही वैक्स एप्लीकेटर (मोम से बना कैमिकल) आ रही है।

दैनिक भास्कर

05 मई, 2020, 11:28 PM IST

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व स्पिनर शेन वार्न भी अब कोरोनावायरस के बाद क्रिकेट में गेंद को चमकाने के लिए लार या पसीने का इस्तेमाल करने या नहीं करने की बहस में शामिल हो गए हैं। उन्होंने सभी से हटकर बॉल का एक साइड से वजन बढ़ाने की सलाह दी है। वार्न ने कहा है कि ऐसा करने से तेज गेंदबाज को फ्लैट विकेट पर भी लगातार स्विंग मिलती रहेगी और गेंद टेम्परिंग भी जड़ से खत्म हो जाएगी। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया की कूकाबूरा कंपनी ने कहा था कि वह गेंद को चमकाने के लिए जल्द ही वैक्स एप्लीकेटर (मोम से बना कैमिकल) के बारे में आ रही है।

शेन वार्न ने स्काय स्पोर्ट्स क्रिकेट पोटास्ट पर कहा, ‘गेंद क्यों हम गेंदबाज को एक तरफ से भारी नहीं बना सकते, जिससे उसकी हमेशा स्विंग होती रहे? यह टेप हुआ टेनिस या लॉन बॉल की तरह हो सकता है। मुझे ऐसा नहीं लगता कि आप वसीम अकरम और वर्कर यूनुस की तरह गेंद को स्विंग करने की इच्छा करेंगे, लेकिन इससे तेज गेंदबाजों को टेस्ट के दूसरे और तीसरे दिन भी फ्लैट विकेट पर स्विंग मिलेगी। ”

में अब तक बल्लेबाजी में काफी बदलाव आए, अब गेंद में बदलाव हो गए ’
पूर्व स्पिनर ने कहा, ‘में क्रिकेट में आगे बढ़ने का यह सही तरीका रहेगा। इससे पहलवान के साथ छेड़छाड़ भी नहीं करनी चाहिए। कई सालों में लड़ाई को लेकर कितने बदलाव किए गए हैं। 80 के दशक में खिलाड़ियों ने अपना करियर किया, जिसमें बल्ले के साथ शुरुआत और फिर बाद में अंत किया। उन दोनों बुल्लों में काफी अंतर है। तब से अब तक बल्ले का आकार घटता-बढ़ता रहा है, लेकिन गेंद में कोई बदलाव नहीं हुआ है। बॉल का वजन बढ़ाने से बल्ले के साथ इसका संतुलन स्थापित हो सकता है। ”

नए बदलावों के लिए युवा खिलाड़ी सक्षम हों: लुबाशाने
ऑस्ट्रेलिया के अलराउंडर मार्नस लबुशाने भी महामारी के बाद गेंद को लार से चमकाने की आदत को छोड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि सभी का उद्देश्य जल्द ही मैदान पर लौटना है, इसके लिए जो भी बदलाव करना पड़ता है, करना चाहिए। युवा खिलाड़ियों को भी इसके लिए सक्षम होना चाहिए। लबुशाने ने कहा कि खिलाड़ी मैदान पर होते हैं, तो गेंद पर लार लगाना उनकी आदत रहती है। ऐसे में नए बदलाव काफी अटपटे रहेंगे।

एक महीने में तैयार वैक्स एप्लीकेटर होगा
हालात को देखते हुए कूकाबूरा वैक्स एप्लीकेटर तैयार कर रही है। ये एक महीने में बाजार में आ सकते हैं। कंपनी के एमडी ब्रेट इलियट ने कहा, “हम गेंद चमकाने के पारंपरिक तरीकों को बदलने के लिए एक वैक्स एप्लीकेटर पर काम कर रहे हैं। अंपायरों की निगरानी में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।]

कैसे होगा एप्लीकेटर?
ब्रेट के मुताबिक, “स्पंज के ऊपरी हिस्से पर विशेष तरह के मोम की परत होगी। इसे प्लेयर्स या अंपायर्स आसानी से जेब में रख सकते हैं।]बता दें कि टाइपियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट ने साफ कर दिया है कि भविष्य में गेंद चमकाने के लिए थूक, पसीने या लार का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।

आईसीसी भी कर रही है विचार
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईसीसी इस बात पर विचार कर रहा है कि क्रिकेट फिर से शुरू होने पर बॉल शाइनिंग के पारंपरिक तरीकों पर रोक लगाई जाएगी। इससे संक्रमण का बेहद खतरा है। विकल्प की खोज जारी है। माना जा रहा है कि कृत्रिम पदार्थ (कृत्रिम पदार्थ) को मंजूरी दी जा सकती है। इसके इस्तेमाल पर अंपायर नजर रखेंगे।





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