वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा
Updated Wed, 27 May 2020 08:22 PM IST

सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : पेक्सेल्स

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अंतरराष्ट्रीय श्रमिक संगठन (आईएलओ) ने एक हालिया अध्ययन में चेतावनी दी है कि नोवल कोरोना वायरस संकट ने युवाओं को बुरी तरह से प्रभावित किया है। संगठन ने कहा कि यह उनके नौकरी और करियर के अवसरों को आने वाले एक दशक से भी ज्यादा समय के लिए प्रभावित कर सकता है।

संगठन ने प्रमुख गाय राइडर ने कहा, जब हम महामारी से उबरेंगे, निश्चित तौर पर बड़ी संख्या में युवा पीछे छूट जाने वाले हैं। उन्होंने कहा, ‘असल में खतरा यह है कि युवाओं के लिए यह झटका एक दशक या उससे ज्यादा समय तक रह सकता है। महामारी के अभी के प्रभावों से लोग स्थायी रूप से प्रभावित होंगे।’ 

इस संकट से पहले वैश्विक युवा रोजगार की दर साल 2019 में 13.6 फीसदी थी। जबकि करीब 26 करोड़ 70 लाख युवाओं के पास न तो कोई रोजगार था और न ही उनके पास कोई शिक्षा या प्रशिक्षण था। आईएलओ का अध्ययन कहता है कि कोरोना संकट ने 2019 के अंतिम तिमाही की तुलना में 2020 की दूसरी तिमाही में 10.7 फीसदी कार्य समय कम किया है, जो कि 30 करोड़ 50 लाख नौकरियों के बराबर है।  

लेकिन, एक ओर जहां इस संकट से सभी आयु वर्ग के लोग प्रभावित हो रहे हैं, आईएलओ ने विभिन्न देशों के ताजा डाटा के बारे में बताया कि फरवरी के बाद युवाओं में बेरोजगारी बड़े स्तर पर बढ़ी है और युवा महिलाएं इससे विशेष तौर पर प्रभावित हुई हैं। उदाहरण के तौर पर कनाडा में फरवरी से अप्रैल तक कुल बेरोजगारी दर छह फीसदी बढ़ी है। लेकिन, युवा पुरुषों के लिए यह दर 27.1 तो युवा महिलाओं के लिए 28.4 फीसदी रही।    

कुछ ऐसी ही स्थिति अमेरिका और कुछ अन्य देशों की है। हालांकि, आईएलओ ने कहा कि अभी उसके पास यह तय करने के लिए पर्याप्त डाटा नहीं है कि कोरोना की संकट की शुरुआत से अब तक युवा बोरोजगारी की दर क्या रही है।

लेकिन, 29 साल और इससे कम आयु के लोगों पर किए गए एक सर्वे में सामने आया है कि पूरी दुनिया में 17 फीसदी ऐसे लोगों के पास अब काम नहीं है लेकिन संकट आने के समय उनके पास काम था। अध्ययन में यह भी सामने आया है कि जो लोग संकट के दौरान भी काम करते रहे हैं उनके काम के घंटों में भी 23 फीसदी तक कटौती हुई है। 

सार

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की वजह से दुनिया भर के अधिकांश देशों में लगाए गए लॉकडाउन ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को मंदी में ला दिया है। इसकी वजह से बेरोजगारी भी बढ़ रही है, इनमें भी सबसे ज्यादा युवा कर्मचारी प्रभावित हुए हैं। इस संबंध में संयुक्त राष्ट्र ने बुधवार को कहा कि 29 साल से कम आयु के कर्मचारियों में हर छह में से एक को काम छोड़ना पड़ा है। 

विस्तार

अंतरराष्ट्रीय श्रमिक संगठन (आईएलओ) ने एक हालिया अध्ययन में चेतावनी दी है कि नोवल कोरोना वायरस संकट ने युवाओं को बुरी तरह से प्रभावित किया है। संगठन ने कहा कि यह उनके नौकरी और करियर के अवसरों को आने वाले एक दशक से भी ज्यादा समय के लिए प्रभावित कर सकता है।

संगठन ने प्रमुख गाय राइडर ने कहा, जब हम महामारी से उबरेंगे, निश्चित तौर पर बड़ी संख्या में युवा पीछे छूट जाने वाले हैं। उन्होंने कहा, ‘असल में खतरा यह है कि युवाओं के लिए यह झटका एक दशक या उससे ज्यादा समय तक रह सकता है। महामारी के अभी के प्रभावों से लोग स्थायी रूप से प्रभावित होंगे।’ 


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युवा कामकाजी महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित

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