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शोधकर्ताओं ने कोविड-19 रोगियों के रक्त में रोग की गंभीरता से जुड़े प्रोटीन की पहचान की है। यह प्रोटीन बीमारी की प्रगति के बारे में जानकारी प्रदान करता है। शोधकर्ताओं ने रक्त में मौजूद ऐसे 27 प्रोटीन का पता लगाया है, जिसके स्तर को जानकर कोविड-19 के रोगी की स्थिति के सुधरने और बिगड़ने का पता लगाया जा सकता है।

ब्रिटेन में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों सहित अन्य ने कहा कि लोग कोरोना वायरस, सार्स-कोव -2 नामक संक्रमण के लिए बहुत अलग तरीके से प्रतिक्रिया देते हैं। जबकि कुछ रोगियों में कोई लक्षण दिखाई नहीं देता हैं, उन्होंने कहा कि दूसरों को गंभीर बीमारी हो सकती है और यहां तक कि वे मर भी सकते हैं। शोधकर्ताओं ने ’बायोमार्कर’ डॉक्टरों के लिए कोविड-19 रोगियों में प्लाज्मा नामक रक्त घटक का आकलन किया, जो रोग की प्रगति और गंभीरता का अनुमान लगाने का एक विश्वसनीय तरीका हो सकता है।

ये प्रोटीन बायोमार्कर डॉक्टरों को ये बताने में मदद करेंगे कि मरीज को कोरोना का संक्रमण होने पर कितना बीमार होगा। यूके में फ्रांसिस क्रिक इंस्टीट्यूट के मार्कस राल्स्सर के नेतृत्व में वैज्ञानिकों ने अत्याधुनिक विश्लेषणात्मक तकनीकों का उपयोग करके कोविड-19 रोगी के रक्त के नमूनों के प्लाज्मा घटक में विभिन्न प्रोटीनों के स्तर को निर्धारित किया है। यह अध्ययन जर्नल सेल सिस्टम्स में प्रकाशित किया गया है।

शोधकर्ताओं ने कोविड-19 रोगियों के रक्त में रोग की गंभीरता से जुड़े प्रोटीन की पहचान की है। यह प्रोटीन बीमारी की प्रगति के बारे में जानकारी प्रदान करता है। शोधकर्ताओं ने रक्त में मौजूद ऐसे 27 प्रोटीन का पता लगाया है, जिसके स्तर को जानकर कोविड-19 के रोगी की स्थिति के सुधरने और बिगड़ने का पता लगाया जा सकता है।

ब्रिटेन में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों सहित अन्य ने कहा कि लोग कोरोना वायरस, सार्स-कोव -2 नामक संक्रमण के लिए बहुत अलग तरीके से प्रतिक्रिया देते हैं। जबकि कुछ रोगियों में कोई लक्षण दिखाई नहीं देता हैं, उन्होंने कहा कि दूसरों को गंभीर बीमारी हो सकती है और यहां तक कि वे मर भी सकते हैं। शोधकर्ताओं ने ’बायोमार्कर’ डॉक्टरों के लिए कोविड-19 रोगियों में प्लाज्मा नामक रक्त घटक का आकलन किया, जो रोग की प्रगति और गंभीरता का अनुमान लगाने का एक विश्वसनीय तरीका हो सकता है।

ये प्रोटीन बायोमार्कर डॉक्टरों को ये बताने में मदद करेंगे कि मरीज को कोरोना का संक्रमण होने पर कितना बीमार होगा। यूके में फ्रांसिस क्रिक इंस्टीट्यूट के मार्कस राल्स्सर के नेतृत्व में वैज्ञानिकों ने अत्याधुनिक विश्लेषणात्मक तकनीकों का उपयोग करके कोविड-19 रोगी के रक्त के नमूनों के प्लाज्मा घटक में विभिन्न प्रोटीनों के स्तर को निर्धारित किया है। यह अध्ययन जर्नल सेल सिस्टम्स में प्रकाशित किया गया है।

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