• अगर कर्मचारी अपनी इनहैंड सैलरी को कम रखकर PF में योगदान बढ़ाता है तो इस विकल्प को VPF कहते हैं
  • इस स्कीम में अभी ईपीएफ के बराबर यानी 8.5 फीसदी ब्याज मिल रहा है

दैनिक भास्कर

May 28, 2020, 03:32 PM IST

नई दिल्ली. अधिकतर लोग इम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड (EPF) और पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) के बारे में तो जानते हैं लेकिन वॉलेंटरी प्रोविडेंट फंड (VPF) के बारे में कम ही लोग जानते हैं। EPF में बेसिक सैलरी का सिर्फ 12% ही कॉन्ट्रीब्यूट किया जा सकता है लेकिन VPF में निवेश करने की कोई सीमा नहीं होती। यानी अगर कर्मचारी अपनी इनहैंड सैलरी को कम रखकर भविष्य निधि में योगदान बढ़ाता है तो इस विकल्प को VPF कहते हैं। इस स्कीम में अभी EPF के बराबर और PPF से ज्यादा ब्याज मिल रहा है। पीपीएफ में जहां 7.1% ब्याज अभी मिल रहा है तो वहीं वीपीएफ में 8.5% ब्याज दिया जा रहा है। आज हम आपको VPF के बारे में बता रहे हैं।

कौन खोल सकता है वीपीएफ अकाउंट?
यह ईपीएफ का ही एक्सटेंशन है। इस कारण सिर्फ नौकरीपेशा ही इसे ओपन कर सकते हैं। असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारी इसका लाभ नहीं उठा सकते। इसमें बेसिक सैलरी का 100 परसेंट और डीए निवेश किया जा सकता है। VPF की ब्याज दर सरकार हर वित्तीय वर्ष में तय करती है।

कैसे ओपन करें अकाउंट?
इस अकाउंट को ओपन करना काफी आसान है। आपको अपनी कंपनी के एचआर या फाइनेंस टीम से संपर्क करना होगा और वीपीएफ में कॉन्ट्रीब्यूशन की रिक्वेस्ट करनी होगी। प्रॉसेस होते ही आपके EPF अकाउंट से VPF को जोड़ दिया जाएगा। VPF का अलग से कोई अकाउंट ओपन नहीं होता। VPF के योगदान को हर साल संशोधित किया जा सकता है। हालांकि VPF के तहत नियोक्ता पर यह बंदिश नहीं है कि वह भी कर्मचारी के बराबर ही EPF में उच्च योगदान करे।

क्या हैं इसके फायदे?

  • यह स्कीम सरकार की है, इसलिए पूरी तरह से सुरक्षित है और इसमें ब्याज भी ज्यादा मिलता है।
  • इसमें मिलने वाले ब्याज पर टैक्स नहीं देना होता। आप 100 परसेंट तक कॉन्ट्रीब्यूशन इसमें कर सकते हैं।
  • यदि आप जॉब चेंज करते हैं तो इस अकाउंट को आसानी से ट्रांसफर करवा सकते हैं। इस पर लोन भी लिया जा सकता है। बच्चों के एजुकेशन, होम लोन, बच्चों की शादी आदि के लिए भी इससे लोन लिया जा सकता है।
  • VPF खाते से रकम की आंशिक निकासी के लिए खाताधारक का 5 साल नौकरी करना जरूरी है, वर्ना टैक्स कटता है।
  • VPF की पूरी रकम केवल रिटायरमेंट पर ही निकाली जा सकती है।
  • नौकरी बदलने पर VPF फंड को भी EPF की तरह ट्रांसफर किया जा सकता है।

टैक्स छूट का मिलता है लाभ
VPF पर आयकर कानून के सेक्शन 80C के तहत टैक्स डिडक्शन का फायदा मिलता है। EPF की तरह ही VPF खाते में किय गया निवेश भी EEE कैटेगरी में आता है, यानी इसमें निवेश, उस पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पीरियड पूरा होने पर मिलने वाला पैसा पूरी तरह टैक्स फ्री है।

पैसा साढ़े 8 साल से पहले हो जाएगा डबल
फाइनेंस के रूल ऑफ 72 के तहत देखें तो इसमें पैसा साढ़े 8 साल से भी पहले डबल हो जाता है। VPF में अभी 8.5 परसेंट ब्याज मिल रहा है। 72/8.5=8.47 साल में पैसा डबल हो जाएगा। 

PPF के मुकाबले मिलता है ज्यादा ब्याज

PPF में फिलहाल 7.1 फीसदी व्याज मिल रहा है फाइनेंस के रूल ऑफ 72 के तहत देखें तो इसमें पैसा डबल होने में 10 साल से भी ज्यादा का समय लगेगा। यानी VPF से डेढ़ साल
पहले ही आपका पैसा डबल हो जाएगा।

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