• कुछ समय में शॉपिंग मॉल्स में स्टोर बंद करने पर आंकलन किया जाएगा
  • हाई स्ट्रीट में फूटफॉल की कोई बहुत ज्यादा दिक्कत नहीं होती है

दैनिक भास्कर

May 28, 2020, 06:09 PM IST

मुंबई. कोविड-19 के कारण भारत के मॉडर्न रिटेल की पिक्चर बदल रही है। वर्ष 2000 में कई टॉप के रेस्टोरेंट ब्रांड स्ट्रीट छोड़कर मॉल में चले गए थे। मॉल कब खुलेगा, यह तय नहीं है। इसलिए रेस्टोरेंट अब मॉल से निकलकर उसी स्ट्रीट का रास्ता पकड़ने की तैयारी में हैं।

शॉपिंग मॉल्स के जल्दी खुलने की संभावना नहीं 

कई लोकप्रिय डाइनिंग और क्यूएसआर चेन जैसे मैकडोनॉल्ड्स, स्पेशियालिटी रेस्टोरेंट, डीगस्टीबस और लाइट बाइट फूड्स में रिवर्स मूवमेंट देखने को मिल रहा है। इसके पीछे हालांकि कई कारण जिम्मेदार हैं। इसमें पहला कारण यह है कि बड़े शॉपिंग मॉल्स के खुलने से पहले हाई स्ट्रीट खुलने की संभावना है। दूसरा कारण मॉल्स में भीड़-भाड़ होने की वजह से बड़ी जगह की जरूरत होगी। यह एक तरह से जोखिम भरा है।

ग्राहकों की सुविधा पर किया जा रहा है फोकस

इसी तरह जब भी शॉपिंग मॉल्स खुलेंगे, उसमें बिजनेस करने में काफी कुछ नियम होंगे और ग्राहक इसका पालन करने में परेशानी महसूस करेंगे। साथ ही किराये की दृष्टि से भी स्ट्रीट काफी सस्ता पड़ता है।कई रेस्टोरेंट चेन को उम्मीद है कि कई स्थान पर स्टैंडअलोन स्टोर्स को ड्राइव थ्रू की मंजूरी मिल सकती है। इससे होम डिलिवरी की जगह एक और विकल्प मिल सकता है।

बिजनेस वोल्युम 30-40 प्रतिशत तक रहने की उम्मीद

उत्तर और पूर्व में 155 मैकडोनाल्डस रेस्टोरेंट का संचालन करनेवाले सीपीआरएल के चेयरमैन संजीव अग्रवाल इस तर्क से सहमत हैं। उद्योग के लोगों का कहना है कि रेस्टोरेंट्स में बिजनेस वोल्युम लॉकडाउन के पहले की तुलना में 30-40 प्रतिशत रहेगा। स्पेशियालिटी रेस्टोरेंट के डायरेक्टर अंजन चटर्जी कहते हैं की हाई स्ट्रीट स्टोर्स के मॉल फूटफॉल पर आधारित नहीं होते हैं। उनका कम किराया होता है। उस पर कॉमन एरिया मेंटीनेंस शुल्क भी नहीं लगता है। यह सभी चीजें मॉल्स में लगती हैं।

मॉल मालिकों से रेवेन्यू शेयर मॉडल अपनाने की अपील

स्पेशियालिटी रेस्टोरेंट मेनलैंड चाइना और ओह कलकत्ता का संचालन करता है। रेस्टोरेंट उद्योग के संगठन नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने बुधवार को मॉल मालिकों को पत्र लिखकर उनकी बिजनेस की चिंता को समझने की कोशिश की थी। इसके मुताबिक उनसे रेवेन्यू शेयर मॉडल अपनाने की अपील की गई थी। एनआरएआई के प्रेसीडेंट अनुराग कटियार ने बताया कि हम किसी भी ऑपरेशनल हाई रिस्क की जगह पर अब नहीं जाएंगे। वे इंडिगो और दक्षिण रसोई जैसे ब्रांड का संचालन करते हैं।

मॉल में स्टोर को बंद करने पर समीक्षा की जाएगी

पंजाब ग्रिल, स्ट्रीट फूड जैसे ब्रांड्स का संचालन करनेवाले लाइट बाइट फूड्स के डायरेक्टर रोहित अग्रवाल कहते हैं कि हम किसी भी मॉल में अपना स्टोर बंद कर देंगे। हम पहले किराया और अन्य खर्चों का आंकलन करेंगे। दिल्ली हाइट्स के सह संस्थापक शरद बत्रा कहते हैं कि हाई स्ट्रीट रेस्टोरेंट का संचालन काफी आसान और सस्ता होता है। इसलिए भविष्य में ऐसा करने पर विचार किया जा सकता है।

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