• किसी लोन की गारंटी देने वाला व्‍यक्ति भी लोन लेने वाले व्‍यक्ति के बराबर कर्जदार होता है
  • अगर आप पहले ही गारंटर हैं तो कर्ज लेने वाले व्‍यक्ति और कर्ज देने वाले बैंक से भी संपर्क में रहें

दैनिक भास्कर

Jun 08, 2020, 03:34 PM IST

नई दिल्ली. कोरोना वायरस के कारण लोगों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पद रहा है। हालांकि 6 महीने का मोरेटोरियम (लोन की ईएमआई के भुगतान पर रोक) के चलते लोगों को राहत मिली है। इससे कुछ समय के लिए लोन के डिफॉल्‍ट की समस्‍या टल गई है। लेकिन, खत्‍म नहीं हुई है। लोन का डिफॉल्‍ट होना उन लोगों के लिए भी बुरी खबर है जो अपने दोस्‍तों और रिश्‍तेदारों के कर्ज में गारंटर हैं।

क्या हैं नियम?
नियमों के मुताबिक किसी लोन की गारंटी देने वाला व्‍यक्ति भी लोन लेने वाले व्‍यक्ति के बराबर कर्जदार होता है। डिफॉल्ट की स्थिति में बैंक पहले कर्जदार को नोटिस भेजता है और उसका जवाब नहीं आने पर कर्जदार के साथ ही गारंटर को भी नोटिस भेजा जाता है। बैंक जितना हो सकेगा कर्जदार से ही वसूली की कोशिश करेगा, लेकिन असफल रहने पर गारंटर को भी डिफॉल्ट के लिए जिम्मेदार माना जाएगा।

कब जरूरी होता है गारंटर?
बैंक सभी लोन के लिए गारंटर पर जोर नहीं देते हैं। लेकिन, जब गारंटी पर्याप्‍त नहीं होती है और उन्‍हें कर्ज के चुकाए जाने पर संदेह होता है तो वे ऐसा करने के लिए कहते हैं। बड़ी राशि के लोन के लिए गारंटर का होना जरूरी है।

बिगड़ सकता है गारंटर का क्रेडिट स्कोर
आप अपने आप से पूछिए कि क्या आप अपनी क्षमता पर बैंक से लोन लेकर किसी और को उधार दे सकते हैं। जिस लोन पर आप गारंटी दे रहे हैं, उसमें कोई रिस्क तो नहीं है। सिबिल केवल कर्जदारों की सूचनाएं ही नहीं जुटाता है बल्कि गारंटी देने वालों का रिकॉर्ड भी रखता है। जिस लोन की आपने गारंटी दी है उसे आपके द्वारा लिया गया माना जाएगा। ऐसे में आपकी खुद की लोन लेने की क्षमता भी उसी हद तक घटा दी जाएगी, जितने लोन पर आपने गारंटी दी है। ऐसे में यदि आप पर्याप्त वेतन नहीं पाते हैं तो बैंक आपको लोन देने से इनकार भी कर सकता है। जिस व्यक्ति के लोन की गांरटी आपने दी है यदि वह डिफॉल्टर हो जाता है तो बैंक आपसे बकाया जमा करने का कह सकता है। यदि आप ऐसा नहीं करते हैं तो बैंक आपको डिफॉल्टर मान लेता है और इसकी सूचना सिबिल को भी दे दी जाती है।

किसी की गारंटी ले चुके हैं तो क्‍या करें? 
अगर आप पहले ही गारंटर हैं तो कर्ज लेने वाले व्‍यक्ति और कर्ज देने वाले बैंक से भी संपर्क में रहें। इसके अलावा अपना क्रेडिट स्‍कोर भी नियम‍ित रूप से चेक करें। अगर कोई परेशानी होगी, तो वह आपके स्‍कोर में दिखेगी। गारंटर को कर्ज लेने वाले से पर्याप्‍त लोन इंश्‍योरेंस कवर खरीदने पर जोर देना चाहिए। इससे कुछ अनहोनी होने पर लोन को अदा करने की जिम्‍मेदारी गारंटर पर नहीं आएगी। 

गारंटर से हटाने के लिए क्या करें ?
अगर आप किसी के गारंटर हैं और अब हटाना चाहते हैं तो इसके कई कारण हो सकते हैं। जैसे आप खुद लोन लेना चाहते हैं। हालांकि, बैंक इसकी अनुमति तब तक नहीं देते हैं जब तक कर्ज
लेने वाला व्‍यक्ति कोई और गारंटर नहीं तलाश लेता है। यहां तक कोई दूसरा गारंटर ढूंढ लेने के बावजूद यह बैंक पर निर्भर करता है कि वह इसकी अनुमति देता है कि नहीं।

डिफॉल्‍ट होने पर क्‍या करें? 
अगर कर्ज लेने वाला व्‍यक्ति नियमित रूप से इसका भुगतान नहीं कर रहा है और बैंक आपको कर्ज चुकाने के लिए कह रहा है तो कर्ज लेने वाले से बात करके आप लीन चुका सकते हैं। ऐसा
करने पर गारंटर कर्ज लेने वाले से बाद में पैसा वसूल सकता है।

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