वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
Updated Fri, 04 Sep 2020 08:24 PM IST

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पूर्वी लद्दाख में जारी तनाव के बीच मॉस्को में राजनाथ सिंह और चीन के ररक्षामंत्री के बीच बैठक तय हो गई है। समाचार एजेंसी एएनआई को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, चीन के रक्षी मंत्री आज राज साढ़े नौ बजे भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात करेंगे। 
 

एलएलसी पर जारी विवाद के बीच दोनों देशों के नेताओं के बीच पहली मुलाकात
बता दें कि भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक के सिलसिले में रूस में हैं। इसमें चीन के रक्षा मंत्री वेई फेंग्हे भी हिस्सा ले रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन के रक्षा मंत्री ने राजनाथ से मुलाकात की इच्छा जताई थी। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक अब इसकी पुष्टि हो गई है। भारत और चीन के रक्षा मंत्रियों के बीच बैठक तय हो गई है। अगर यह बैठक हुई तो एलएलसी पर जारी विवाद के बीच यह दोनों देशों के नेताओं के बीच पहली मुलाकात होगी। गौरतलब है कि पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन की सेनाएं मई से आमने-सामने हैं।

शांति के लिए आक्रामक रवैया ठीक नहीं
वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर अक्सर उकसावे की हरकत करने वाले चीन पर निशाना साधते हुए भारत ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के मंच से दो टूक लहजे में कहा है कि शांति के लिए आक्रामक रवैया ठीक नहीं है। मतभेदों को दूर करने के लिए आपसी भरोसा जरूरी है। रूस के तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को चीन का नाम लिए बगैर कहा, एक-दूसरे के प्रति विश्वास, गैर-आक्रामकता और संवेदनशीलता का माहौल एससीओ क्षेत्र की शांति, स्थिरता और सुरक्षा के लिए अहम है।

दुनिया की 40 फीसदी से ज्यादा आबादी एससीओ में रहती है
मॉस्को में एससीओ के रक्षामंत्रियों की बैठक में चीन के रक्षामंत्री जनरल वेई फेंगहे की मौजूदगी में राजनाथ ने कहा, दुनिया की 40 फीसदी से ज्यादा आबादी एससीओ में रहती है। ऐसे में शांतिपूर्ण, स्थिर और सुरक्षित क्षेत्र का माहौल बनाने के लिए विश्वास और सहयोग, गैर-आक्रामकता, अंतरराष्ट्रीय नियम-कायदों के लिए सम्मान, एक दूसरे के हितों के प्रति संवेदनशीलता और मतभेदों के शांतिपूर्ण समाधान की जरूरत है। 

पूर्वी लद्दाख में जारी तनाव के बीच मॉस्को में राजनाथ सिंह और चीन के ररक्षामंत्री के बीच बैठक तय हो गई है। समाचार एजेंसी एएनआई को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, चीन के रक्षी मंत्री आज राज साढ़े नौ बजे भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात करेंगे। 

 


एलएलसी पर जारी विवाद के बीच दोनों देशों के नेताओं के बीच पहली मुलाकात

बता दें कि भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक के सिलसिले में रूस में हैं। इसमें चीन के रक्षा मंत्री वेई फेंग्हे भी हिस्सा ले रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन के रक्षा मंत्री ने राजनाथ से मुलाकात की इच्छा जताई थी। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक अब इसकी पुष्टि हो गई है। भारत और चीन के रक्षा मंत्रियों के बीच बैठक तय हो गई है। अगर यह बैठक हुई तो एलएलसी पर जारी विवाद के बीच यह दोनों देशों के नेताओं के बीच पहली मुलाकात होगी। गौरतलब है कि पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन की सेनाएं मई से आमने-सामने हैं।

शांति के लिए आक्रामक रवैया ठीक नहीं
वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर अक्सर उकसावे की हरकत करने वाले चीन पर निशाना साधते हुए भारत ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के मंच से दो टूक लहजे में कहा है कि शांति के लिए आक्रामक रवैया ठीक नहीं है। मतभेदों को दूर करने के लिए आपसी भरोसा जरूरी है। रूस के तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को चीन का नाम लिए बगैर कहा, एक-दूसरे के प्रति विश्वास, गैर-आक्रामकता और संवेदनशीलता का माहौल एससीओ क्षेत्र की शांति, स्थिरता और सुरक्षा के लिए अहम है।

दुनिया की 40 फीसदी से ज्यादा आबादी एससीओ में रहती है
मॉस्को में एससीओ के रक्षामंत्रियों की बैठक में चीन के रक्षामंत्री जनरल वेई फेंगहे की मौजूदगी में राजनाथ ने कहा, दुनिया की 40 फीसदी से ज्यादा आबादी एससीओ में रहती है। ऐसे में शांतिपूर्ण, स्थिर और सुरक्षित क्षेत्र का माहौल बनाने के लिए विश्वास और सहयोग, गैर-आक्रामकता, अंतरराष्ट्रीय नियम-कायदों के लिए सम्मान, एक दूसरे के हितों के प्रति संवेदनशीलता और मतभेदों के शांतिपूर्ण समाधान की जरूरत है। 

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