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लिपुलेख दर्रे से मात्र 12 किलोमीटर दूर चीन की सेना सैन्य बेस बनाने की तैयारी में जुटी है। ऐसी जानकारी है कि बेस बनाने के लिए निर्माण सामग्री भी सीमा पर पहुंचाई जा रही है। साथ ही सीमा पर सैनिकों की संख्या में भी चीन इजाफा कर रहा है।  

मिलम क्षेत्र में भी भारतीय सुरक्षा बल अलर्ट, चीन सीमा के करीब 24 घंटे में फिर गरजे लड़ाकू विमान

पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग के दक्षिणी छोर पर 200 चीनी सैनिकों के भारतीय सीमा में घुसने के प्रयास नाकाम होने के बाद चीन अब पिथौरागढ़ जिले से लगी सीमा पर गतिविधियां बढ़ा रहा है। चीन लिपुलेख दर्रे से मात्र 12 किमी दूर पाला मैदान पर सैन्य बेस बनाने की तैयारी कर रहा है।

बता दें कि पाला वह स्थान है जहां पर वर्ष 2002-03 में विवाद बढ़ने के बाद भारत-चीन के अधिकारियों की कांफ्रेंस हुई थी। चीन की हर गतिविधि पर भारतीय सेना और आईटीबीपी के जवान पैनी नजर बनाए हुए है। 

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सीमा पर बढ़ रही चीनी सैनिकों की गतिविधियों के बीच भारतीय सुरक्षा बलों ने उत्तराखंड से लगी चीन सीमा के साथ नेपाल सीमा पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर कर दी है। सशस्त्र सीमा बल ने नेपाल से घुसपैठ रोकने के लिए नाकाबंदी शुरू कर दी है। 

लद्दाख से सटी चीन सीमा पर तनातनी को देखते हुए भारतीय सुरक्षा बलों ने मिलम से लिपुलेख तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के साथ नेपाल सीमा पर भी पहरा लगा दिया है। भारत-नेपाल की सीमा का विभाजन काली नदी करती है। दोनों देशों के बीच आवाजाही के लिए बनाए गए झूला पुल कोरोना संक्रमण को देखते हुए पांच माह से बंद हैं। कुछ स्थानों पर तार के जरिये नेपाल से अवैध रूप से आवागमन होता रहा है।

जब से भारत ने लिपुलेख तक सड़क पहुंचाई है नेपाल के तेवर बदल गए हैं और उसने भारतीय क्षेत्र लिपुलेख, लिम्पियाधुरा और कालापानी को अपने नक्शे में शामिल करने का दुस्साहस करने के साथ बार्डर आउट पोस्ट स्थापित कर सैन्य गतिविधियां बढ़ाई हैं।

इसे देखते हुए भारतीय सुरक्षा एजेंसियां नेपाल सीमा पर भी अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं। सूत्रों के अनुसार सुरक्षा बलों के सैनिक नेपाल से होने वाली संभावित घुसपैठ को रोकने के लिए चौबीस घंटे पहरा दे रहे हैं। चीन सीमा पर लिपुलेख में फौज और आईटीबीपी के जवानों की तैनाती बढ़ाई जा रही है। 
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तीसरे दिन भी भारतीय जेट फाइटर ने सीमा तक भरी उड़ान

पिथौरागढ़ जिले के लिपुलेख से लेकर मिलम तक सेना के जवान मुस्तैद हैं। इस सीमा पर सेना और अर्द्धसैनिक बलों के जवान चौबीस घंटे गश्त कर रहे हैं। साथ ही हवा से भी निगरानी की जा रही है। भारतीय सेना के जेट फाइटर विमान पिछले तीन दिनों से सीमा के निकट उड़ान भर रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी जेट फाइटर नजर आया।

लिपुलेख दर्रे से मात्र 12 किलोमीटर दूर चीन की सेना सैन्य बेस बनाने की तैयारी में जुटी है। ऐसी जानकारी है कि बेस बनाने के लिए निर्माण सामग्री भी सीमा पर पहुंचाई जा रही है। साथ ही सीमा पर सैनिकों की संख्या में भी चीन इजाफा कर रहा है।  

मिलम क्षेत्र में भी भारतीय सुरक्षा बल अलर्ट, चीन सीमा के करीब 24 घंटे में फिर गरजे लड़ाकू विमान

पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग के दक्षिणी छोर पर 200 चीनी सैनिकों के भारतीय सीमा में घुसने के प्रयास नाकाम होने के बाद चीन अब पिथौरागढ़ जिले से लगी सीमा पर गतिविधियां बढ़ा रहा है। चीन लिपुलेख दर्रे से मात्र 12 किमी दूर पाला मैदान पर सैन्य बेस बनाने की तैयारी कर रहा है।

बता दें कि पाला वह स्थान है जहां पर वर्ष 2002-03 में विवाद बढ़ने के बाद भारत-चीन के अधिकारियों की कांफ्रेंस हुई थी। चीन की हर गतिविधि पर भारतीय सेना और आईटीबीपी के जवान पैनी नजर बनाए हुए है। 

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