न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 27 May 2020 03:06 PM IST

सेनाध्यक्ष मनोज मुकुंद नरवणे
– फोटो : pti

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सीमा पर चीन के साथ तनाव के बीच सेनाध्यक्ष मनोज मुकुंद नरवणे की अध्यक्षता में सेना प्रमुखों के सम्मेलन की शुरुआत हो गई है। इस बैठक में सेना के शीर्ष कमांडर शामिल हो रहे हैं। बैठक में लद्दाख में चीनी आक्रामकता सहित सभी सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। 
 

 

बता दें कि भारत पूर्वी लद्दाख सीमा पर चीन के साथ जारी तनातनी के बीच अपने सख्त रुख पर कायम है। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह चीन सीमा पर जारी निर्माण कार्य नहीं रोकेगा। इसके अलावा सीमा पर चीन के बराबर सैनिक भी तैनात किए जाएंगे।

सैन्य सूत्रों ने कहा है कि दो दिवसीय बैठक में शीर्ष सैन्य अधिकारी अन्य विषयों के अलावा सुरक्षा के मसले पर भी चर्चा करेंगे। लद्दाख क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर विभिन्न स्थानों पर चीन की ओर से 5,000 से ज्यादा सैनिकों की तैनाती की बराबरी करने के लिए सैन्य तादाद बढ़ाने को लेकर यह बैठक अहम मानी जा रही है।
 

सीमा पर चीन के साथ तनाव के बीच सेनाध्यक्ष मनोज मुकुंद नरवणे की अध्यक्षता में सेना प्रमुखों के सम्मेलन की शुरुआत हो गई है। इस बैठक में सेना के शीर्ष कमांडर शामिल हो रहे हैं। बैठक में लद्दाख में चीनी आक्रामकता सहित सभी सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। 

 

 

बता दें कि भारत पूर्वी लद्दाख सीमा पर चीन के साथ जारी तनातनी के बीच अपने सख्त रुख पर कायम है। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह चीन सीमा पर जारी निर्माण कार्य नहीं रोकेगा। इसके अलावा सीमा पर चीन के बराबर सैनिक भी तैनात किए जाएंगे।

सैन्य सूत्रों ने कहा है कि दो दिवसीय बैठक में शीर्ष सैन्य अधिकारी अन्य विषयों के अलावा सुरक्षा के मसले पर भी चर्चा करेंगे। लद्दाख क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर विभिन्न स्थानों पर चीन की ओर से 5,000 से ज्यादा सैनिकों की तैनाती की बराबरी करने के लिए सैन्य तादाद बढ़ाने को लेकर यह बैठक अहम मानी जा रही है।
 

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