अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अद्यतित मंगल, 05 मई 2020 10:50 पूर्वाह्न IST

पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े
– फोटो: अमर उजाला

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शराब के बाद अब दिल्ली सरकार ने पेट्रोल-डीजल के दामों में भी बढ़ोतरी कर दी है। दिल्ली सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले वैट में तीस प्रतिशत तक की वृद्धि कर दी है।
दिल्ली सरकार ने पेट्रोल पर वैट 27% से बढ़ाकर 30% कर दिया है और डीजल पर वैट 16.75% से बढ़ाकर 30% कर दिया है। इसके चलते दिल्ली में आज से पेट्रोल 1.67 रुपये और डीजल 7.10 रुपये महंगा हो गया है।

सरकार ने ये कदम क्यों उठाया
सरकार द्वारा उपकर लगाने की वजह से तेल की कीमतों में इजाफा हुआ है। दरअसल, लॉकडाउन के चलते सरकार ने आमदनी इन्फ होने की वजह से राजस्व में आई कमी की पूर्ति के लिए पेट्रोलियम उत्पादों पर वैट बढ़ाने का फैसला लिया है।

खाने में कोरोना के कारण कच्चे तेल की गिरी हैं

कोरोना के कारण जन्म में लॉकडाउन की स्थिति है, ऐसे में कच्चे तेल की दुकानों गिरी हैं, ऐसे में माना जा रहा था कि देश में लोगों को इसका फायदा मिलेगा। लेकिन दिल्ली सरकार ने अपना राजस्व घाटा पूरा करने के लिए पेट्रोल-डीजल पर वैट बढ़ा दिया है।

कैसे तय होता है तेल की कीमत?
विदेशी मुद्रा दरों के साथ आंतरिक बाजार में कच्चे तेल की दुकानों क्या हैं, इस आधार पर रोज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में परिवर्तन होता है। इन मानकों के आधार पर गैस रेट और डीजल रेट रोज तय करने का काम तेल कंपनियां करती हैं। डीलर पेट्रोल पंप चलाने वाले लोग हैं। वे खुद को खुदरा कीमतों पर उपभोक्ताओं के अंत में करों और अपने स्वयं के मार्जिन को जोड़ने के बाद गैसोलीन हैं। पेट्रोल रेट और डीजल रेट में यह कॉस्ट भी जुड़ती है।

शराब के बाद अब दिल्ली सरकार ने पेट्रोल-डीजल के दामों में भी बढ़ोतरी कर दी है। दिल्ली सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले वैट में तीस प्रतिशत तक की वृद्धि कर दी है।

दिल्ली सरकार ने पेट्रोल पर वैट 27% से बढ़ाकर 30% कर दिया है और डीजल पर वैट 16.75% से बढ़ाकर 30% कर दिया है। इसके चलते दिल्ली में आज से पेट्रोल 1.67 रुपये और डीजल 7.10 रुपये महंगा हो गया है।

सरकार ने ये कदम क्यों उठाया

सरकार द्वारा उपकर लगाने की वजह से तेल की कीमतों में इजाफा हुआ है। दरअसल, लॉकडाउन के चलते सरकार ने आमदनी इन्फ होने की वजह से राजस्व में आई कमी की पूर्ति के लिए पेट्रोलियम उत्पादों पर वैट बढ़ाने का फैसला लिया है।

खाने में कोरोना के कारण कच्चे तेल की गिरी हैं

कोरोना के कारण जन्म में लॉकडाउन की स्थिति है, ऐसे में कच्चे तेल की दुकानों गिरी हैं, ऐसे में माना जा रहा था कि देश में लोगों को इसका फायदा मिलेगा। लेकिन दिल्ली सरकार ने अपना राजस्व घाटा पूरा करने के लिए पेट्रोल-डीजल पर वैट बढ़ा दिया है।

कैसे तय होता है तेल की कीमत?
विदेशी मुद्रा दरों के साथ आंतरिक बाजार में कच्चे तेल की दुकानों क्या हैं, इस आधार पर रोज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में परिवर्तन होता है। इन मानकों के आधार पर गैस रेट और डीजल रेट रोज तय करने का काम तेल कंपनियां करती हैं। डीलर पेट्रोल पंप चलाने वाले लोग हैं। वे खुद को खुदरा कीमतों पर उपभोक्ताओं के अंत में करों और अपने स्वयं के मार्जिन को जोड़ने के बाद गैसोलीन हैं। पेट्रोल रेट और डीजल रेट में यह कॉस्ट भी जुड़ती है।





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