• डायबिटीज, कैंसर, सड़क रोगों से होने वाली मौतों का आंकड़ा भी कोरोना से पीछे है
  • वैश्विक स्तर पर लगभग किसी भी चीज की तुलना में कोरोना से ही सबसे ज्यादा लोग मर रहे हैं

दैनिक भास्कर

05 मई, 2020, 06:03 AM IST

लंदन। चीनी शहर वुहान में 9 जनवरी को कोविड -19 से पहली मौत हुई थी। तब से लेकर लगभग ढाई लाख लोगों की मौत हो चुकी है। कायेराणा ने सार्स, निपाह, मर्स और इबोला महामारी से हुई कुल मौतों के कुल आंकड़े को तो पहले ही पार कर लिया है। अब इस तरह की अन्य प्रचलित बीमारियों से होने वाली मौतों को भी पीछे छोड़ दिया गया है।

एक रिसर्च में पता चला है कि वैश्विक स्तर पर लगभग किसी भी चीज की तुलना में कोरोना से ही सबसे ज्यादा लोग मर रहे हैं। ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज स्टडी के अनुसार हर सप्ताह डायबिटीज से 20 हजार, सड़क पर में 25 हजार, फेफड़े और श्वसन नली के कैंसर से 36 हजार, लोअर रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन जैसे निमोनिया और ब्रोंटोइटिस से 49 हजार औसत मौतें होती हैं।

कोरोना से वीकबार में 50 हजार से ज्यादा मौतें

अप्रैल के एक सप्ताह में कोरोनावायरस से दुनिया में 50 हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई। ग्लोबल बर्डन और डिसीज स्टडी रिपोर्ट हर साल 195 देशों और 282 बीमारियों के आंकड़ों को शामिल करके तैयार की जाती है।

मानसिक सेहत पर भी असर पड़ रहा है

इस बीमारी का असर लोगों की मानसिक सेहत पर भी पड़ रहा है। जैसे रूस में मार्च के अंतिम सप्ताह में वोदका की बिक्री 31% बढ़ गई। अमेरिका में मार्च में चिली की बिक्री 85% तक बढ़ गई थी। अधिक शराब और हथियारों का उपयोग आत्महत्याओं में भी हो सकता है।

29 अप्रैल को खत्म सप्ताह में 40 हजार से कम मौतें हुईं

हालांकि, बीते कुछ सप्ताह में साप्ताहिक काेरेना से मौतों का आंकड़ा गिर रहा है। 29 अप्रैल को समाप्त सप्ताह में 40,000 से कम मौतें हुईं। अमीर देशों में बीमारी का सबसे बुरा दौर संभवत: अब जा चुका है। लेकिन चिंता इस बात की है कि गरीब देश इससे कितनी समझौता करेगा और इसका क्या असर रहेगा।





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