न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
अद्यतित Tue, 05 मई 2020 04:14 PM IST

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केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने देश के राज्य पुलिस संगठनों को नकली को विभाजित -19 परीक्षण किट के बारे में प्रकट किया है। वास्तव में इस संबंध में सीबीआई को इंटरपोल से एक सूचना थी, जिसमें आंतरिक बाजार में नकली टेस्टिंग किट की बिक्री को लेकर जानकारी दी गई थी।

सीबीआई ने बताया कि इंटरपोल ने अपने 194 सदस्य देशों को इन सख्त परीक्षण किटों के बारे में जोरत किया है, जो आंतरिक बाजार में चुपके से लाए गए हैं।

सीबीआई अंतरराष्ट्रीय आपराधिक पुलिस संगठन (इंटरपोल) के साथ तालमेल बैठाते हुए तुरंत कार्रवाई में जुट गए और सभी इंटरपोल संपर्क अधिकारियों (आईएलओ) को अपने संबंधित पुलिस संगठनों को इस तरह के बेइमान आपूर्ति के बारे में जोरदार करने के लिए कहा। ।

बता दें कि आईएलओ इंटरपोल से संबंधित मामलों पर सीबीआई के साथ संपर्क के लिए हर राज्य पुलिस संगठन में प्रतिनियुक्त अधिकारी है।

सूत्रों ने कहा, “इंटरपोल संचार में किसी भारतीय कंपनी या सरकार का जिक्र नहीं किया गया है।”

वह आगे भी कोई जानकारी देने से मना कर दिया, क्योंकि ऐसी सूचनाएं उन गुर्गों को सचेत कर सकती हैं जो देश में एक पुलिस संगठन के दायरे में हो सकते हैं।

यहाँ जानना आवश्यक है कि भारत, आयात किए हुए को विभाजित -19 परीक्षण किट्स पर बहुत अधिक निर्भर है।

इंटरपोल ने कोरोनावायरस महामारी के चपेट में आने के बाद बड़ी संख्या में आंतरिक अपराधों पर ध्यान दिया है, जिसमें नकली दवाओं की ऑफलाइन बिक्री और मेडिकल सप्लाई, अस्पतालों को निशाना बनाने वाले रैनसमवेयर ऑपरेशन, मेडिकल सप्लाई से जुड़े वित्तीय फर्निशिंग आदि शामिल हैं।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने देश के राज्य पुलिस संगठनों को नकली को विभाजित -19 परीक्षण किट के बारे में प्रकट किया है। वास्तव में इस संबंध में सीबीआई को इंटरपोल से एक सूचना थी, जिसमें आंतरिक बाजार में नकली टेस्टिंग किट की बिक्री को लेकर जानकारी दी गई थी।

सीबीआई ने बताया कि इंटरपोल ने अपने 194 सदस्य देशों को इन सख्त परीक्षण किटों के बारे में जोरत किया है, जो आंतरिक बाजार में चुपके से लाए गए हैं।

सीबीआई अंतरराष्ट्रीय आपराधिक पुलिस संगठन (इंटरपोल) के साथ तालमेल बैठाते हुए तुरंत कार्रवाई में जुट गए और सभी इंटरपोल संपर्क अधिकारियों (आईएलओ) को अपने संबंधित पुलिस संगठनों को इस तरह के बेइमान आपूर्ति के बारे में जोरदार करने के लिए कहा। ।

बता दें कि आईएलओ इंटरपोल से संबंधित मामलों पर सीबीआई के साथ संपर्क के लिए हर राज्य पुलिस संगठन में प्रतिनियुक्त अधिकारी है।

सूत्रों ने कहा, “इंटरपोल संचार में किसी भारतीय कंपनी या सरकार का जिक्र नहीं किया गया है।”

वह आगे भी कोई जानकारी देने से मना कर दिया, क्योंकि ऐसी सूचनाएं उन गुर्गों को सचेत कर सकती हैं जो देश में एक पुलिस संगठन के दायरे में हो सकते हैं।

यहाँ जानना आवश्यक है कि भारत, आयात किए हुए को विभाजित -19 परीक्षण किट्स पर बहुत अधिक निर्भर है।

इंटरपोल ने कोरोनावायरस महामारी के चपेट में आने के बाद बड़ी संख्या में आंतरिक अपराधों पर ध्यान दिया है, जिसमें नकली दवाओं की ऑफलाइन बिक्री और मेडिकल सप्लाई, अस्पतालों को निशाना बनाने वाले रैनसमवेयर ऑपरेशन, मेडिकल सप्लाई से जुड़े वित्तीय फर्निशिंग आदि शामिल हैं।





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