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महामारी को खत्म करने के लिए टीका तैयार करने में दर्जनों कंपनियां जुटी हैं। एक अनुमान के मुताबिक अकेले अमेरिका में 30 करोड़ लोगों को इसकी जरूरत पड़ेगी। इसका मतलब है कि केक बना तो उसके लिए इतनी ही मात्रा में शीशियों और सिरिंज की जरूरत होगी। टीका दो बार लगाना पड़ा तो मात्रा दोगुनी हो जाएगी।

टीका तैयार करने केे बाद भी अमेरिका के संघीय सुरक्षा और प्रभावशीलता मानकों को पास करने व लोगों तक पहुंचाने में इसे एक साल लगेगा। फिर शीशियों और सिरींज की कमी के कारण लोगों तक पहुंचाने में बाधा बन सकती है।

वॉशिंगटन के सेंटर फॉर ग्लोबल डवलपमेंट में हेल्थ कैर सप्लाई चेन पर अध्ययन कर चुके प्रशांत यादव कहते हैं कि टीके के लिए शीशियां, उनके रबर कवर, सिरिंज की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए समय पर नंबर देना जरूरी है। 30 करोड़ जैसी बड़ी मांग पूरी करने में निर्माताओं को 18 महीने लग सकते हैं।

  • ‘ऑपरेशन वार्प स्पीड’ पर सरकार-उत्पादनकर्ता आमने-सामने

विशेषज्ञों के मुताबिक ट्रम्प प्रशासन चिकित्सा उपकरण के लिए देने में देरी कर रहा है। नंबर पूरे देश में सप्लाई करने के लिए नाकाफी हैं। दूसरी ओर वाइट हाउस का दावा है कि वार् ऑपरेशन वार्प स्पीड ’के जरिए जहां टीके की तलाश तेज की गई है, वहीं उत्पादन में वृद्धि की तैयारी की जा रही है। लेकिन जानते हैं कि शीशियों और सिरींज के संबंध में आदेश स्पष्ट नहीं है।

  • रेडी टू यूज सिरिंज की जरूरत होगी

वर्तमान में अरियन और डीएनए आधारित टीकों का क्लीनिकल ट्रायल चल रहा है। अगर ये से किसी टीके को अनुमति मिली तो उन्हें लोगों को देने के लिए कांच के रेडी-टू-यूज सिरिंज की जरूरत होगी दूसरी जरिया शीशियां हो सकती हैं, जिनमें एक या दो डोज रखने वाली प्लास्टिक की सिरिंज से लोगों को सम्भव किया जा सकता है।

अमेरिका में 115 वैक्सीन प्रोजेक्ट पर काम, ब्रिटेन में क्लीनिकल ट्रायल शुरू

  • यूरोपियन यूनियन वैक्सीन पर 8 अरब डॉलर इकट्ठा करेगा।
  • ब्रिटेन की ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी की जेनर इंस्टीट्यूट वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल शुरू हो चुका है।
  • अमेरिका में ही कम से कम 115 वैक्सीन प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। अमेरिका ने 12 से 18 महीने के भीतर वैक्सीन बनाने का लक्ष्य रखा है।
  • व्हाइट हाउस ने ऑपरेशन वार्प स्पीड को टास्क फोर्स का गठन किया है, जो इस काम में तेजी लाएगी।
महामारी को खत्म करने के लिए टीका तैयार करने में दर्जनों कंपनियां जुटी हैं। एक अनुमान के मुताबिक अकेले अमेरिका में 30 करोड़ लोगों को इसकी जरूरत पड़ेगी। इसका मतलब है कि केक बना तो उसके लिए इतनी ही मात्रा में शीशियों और सिरिंज की जरूरत होगी। टीका दो बार लगाना पड़ा तो मात्रा दोगुनी हो जाएगी।

टीका तैयार करने केे बाद भी अमेरिका के संघीय सुरक्षा और प्रभावशीलता मानकों को पास करने व लोगों तक पहुंचाने में इसे एक साल लगेगा। फिर शीशियों और सिरींज की कमी के कारण लोगों तक पहुंचाने में बाधा बन सकती है।

वॉशिंगटन के सेंटर फॉर ग्लोबल डवलपमेंट में हेल्थ कैर सप्लाई चेन पर अध्ययन कर चुके प्रशांत यादव कहते हैं कि टीके के लिए शीशियां, उनके रबर कवर, सिरिंज की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए समय पर नंबर देना जरूरी है। 30 करोड़ जैसी बड़ी मांग पूरी करने में निर्माताओं को 18 महीने लग सकते हैं।

  • ‘ऑपरेशन वार्प स्पीड’ पर सरकार-उत्पादनकर्ता आमने-सामने

विशेषज्ञों के मुताबिक ट्रम्प प्रशासन चिकित्सा उपकरण के लिए देने में देरी कर रहा है। नंबर पूरे देश में सप्लाई करने के लिए नाकाफी हैं। दूसरी ओर वाइट हाउस का दावा है कि वार् ऑपरेशन वार्प स्पीड ’के जरिए जहां टीके की तलाश तेज की गई है, वहीं उत्पादन में वृद्धि की तैयारी की जा रही है। लेकिन जानते हैं कि शीशियों और सिरींज के संबंध में आदेश स्पष्ट नहीं है।

  • रेडी टू यूज सिरिंज की जरूरत होगी

वर्तमान में अरियन और डीएनए आधारित टीकों का क्लीनिकल ट्रायल चल रहा है। अगर ये से किसी टीके को अनुमति मिली तो उन्हें लोगों को देने के लिए कांच के रेडी-टू-यूज सिरिंज की जरूरत होगी दूसरी जरिया शीशियां हो सकती हैं, जिनमें एक या दो डोज रखने वाली प्लास्टिक की सिरिंज से लोगों को सक्षम किया जा सकता है।

अमेरिका में 115 वैक्सीन प्रोजेक्ट पर काम, ब्रिटेन में क्लीनिकल ट्रायल शुरू

  • यूरोपियन यूनियन वैक्सीन पर 8 अरब डॉलर इकट्ठा करेगा।
  • ब्रिटेन की ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी की जेनर इंस्टीट्यूट वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल शुरू हो चुका है।
  • अमेरिका में ही कम से कम 115 वैक्सीन प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। अमेरिका ने 12 से 18 महीने के भीतर वैक्सीन बनाने का लक्ष्य रखा है।
  • व्हाइट हाउस ने ऑपरेशन वार्प स्पीड को टास्क फोर्स का गठन किया है, जो इस काम में तेजी लाएगी।





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