रेलवे प्रवासी मजदूरों के लिए ट्रेनों का संचालन कर रहा है
– फोटो: पीटीआई

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लॉकडाउन की वजह से विभिन्न राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों से किराया वसूलने को लेकर रेलवे की काफी आलोचना हो रही है। अब इस प्रकार ने सफाई दी है। रेलवे का कहना है कि वह मजदूरों को टिकट नहीं बेच रही है। रेलवे ने बताया कि वह अब तक 34 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर चुका है। सूत्रों के अनुसार रेलवे ने सोमवार को कहा, ‘रेलवे राज्य सरकारों से इस वर्ग के लिए केवल मानक किराया वसूल रहा है जो रेलवे की कुल लागत का महज 15 प्रतिशत है। रेलवे किसी भी प्रवासी को टिकट नहीं बेच रहा है और राज्यों द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची के अनुसार ही यात्रियों को यात्रा करने दे रहा है। ‘

सूत्रों के अनुसार मंत्रालय ने कहा कि लॉकडाउन के बीच वह अब तक देश के विभिन्न भागों में 34 श्रमिक ट्रेनों का संचालन कर रहा है। वह सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए इस कठिन समय में गरीब लोगों को आरामदायक यात्रा मुहैया करवा रहा है।

मंत्रालय ने कहा कि वह प्रवासियों को मुफ्त भोजन और बरबलंद पानी उपलब्ध करा रहा है। सूत्रों के अनुसार रेलवे ने कहा, ‘हम श्रमिक विशेष ट्रेनों का संचालन कर रहे हैं और सामाजिक दूरी को बनाए रखते हुए हर कोच में बर्थ को खाली रख रहे हैं। लिंक से ट्रेनें खाली वापस आ रही हैं। रेलवे प्रवासियों को मुफ्त भोजन और बरबलंद पानी मुहैया करवा रहा है। ‘

सोनिया बोलीं- हमने विदेशी मजदूरों का टिकट खर्च किया
वहीं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा, ‘कांग्रेस ने मेहनतकश कार्यकर्ताओं और कामगारों की इस निशुल्क रेलयात्रा की मांग को बार-बार उठाया है। दुर्भाग्य से न सरकार ने एक सुनी और न ही रेल मंत्रालय ने। इसलिए, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने यह निर्णय लिया है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी की हर इकाई हर जरूरतमंद श्रमिक व कामगार के घर लौटने की रेल यात्रा का टिकट खर्च करने की इच्छा करेगी। ‘

राहुल बोले- गुत्थी सुलझाई
राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘एक तरफ रेलवे दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों से टिकट का भाड़ा वसूल रहा है वहीं दूसरी तरफ रेल मंत्रालय पीएम कैर फंड में 151 करोड़ रुपये का चंदा दे रहा है। जरा ये गुत्थी सुलझाई। ‘

नमस्ते ट्रम्प पर 100 करोड़ रु खर्च किए गए, फिर मजदूरों के लिए मुफ्त रेल यात्रा क्यों नहीं: प्रियंका
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सवाल किया कि जब नमस्ते ट्रम्प कार्यक्रम पर 100 करोड़ रुपये खर्च किए जा सकते हैं तो फिर संकट के समय मजदूरों को मुफ्त रेल यात्रा की सुविधा उपलब्ध क्यों नहीं कराई जा सकती है?

उन्होंने ट्वीट किया, ‘मजदूर राष्ट्र निर्माता हैं। लेकिन आज वे दर्रा की ठोकर खा रहे हैं। यह पूरे देश के लिए आत्मपीड़ा का कारण है। जब हम विदेश में फंसे भारतीय नागरिकों को हवाई जहाज से निशुल्क वापस लेकर आ सकते हैं, जब नमस्ते ट्रम्प कार्यक्रम में सरकारी खजाने से 100 करोड़ रु खर्च कर सकते हैं, जब रेल मंत्री पीएम केयर्स कोष में 151 करोड़ रु दे सकते हैं तो फिर से मानसून इस आपदा की इस घड़ी में निशुल्क रेल यात्रा की सुविधा क्यों नहीं दे सकती? भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने निर्णय लिया है कि वह घर जाने वाले मजदूरों की रेल यात्रा का पूरा खर्च उठाएगी। ‘

रेलवे ने प्रवासी कामगारों के लिए दूरी में 85 प्रतिशत तय दी: भाजपा

भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि रेलवे ने प्रवासी कामगारों को ले जाने के लिए चलाई जा रही विशेष ट्रेनों के टिकट के गंतव्य में 85 प्रतिशत की सब्सिडी दी है और शेष 15 प्रतिशत किराया राज्य सरकार को देना होगा। पार्टी की यह प्रतिक्रिया इस मुद्दे पर कांग्रेस द्वारा केंद्र सरकार पर हमला करने के बाद आई है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि संबंधित राज्य सरकार भी टिकट के लिए भुगतान कर सकती है।

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार यह कर रही है। उन्होंने राहुल गांधी से कहा कि वह कांग्रेस शासित राज्यों को भी ऐसा ही करने को कहेंगे। पात्रा ने ट्वीट किया, ‘राहुल गांधी जी ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देश संलग्न किए हैं, जिसमें साफ-साफ लिखा है कि किसी भी स्टेशन पर कोई भी टिकट नहीं बेचा जाएगा। रेलवे ने 85 प्रतिशत की सब्सिडी दी है और राज्य सरकार 15 प्रतिशत का भुगतान करेंगी। राज्य सरकार टिकट के पैसों का भुगतान कर सकती है (मध्य प्रदेश सरकार भुगतान कर रही है)। कांग्रेस शासित राज्यों से ऐसा ही करने के लिए कह रही है। ‘

सुब्रमण्यम बोले- पीएम केयर्स फंड से दिया जाना चाहिए किराया
सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्विटर पर लिखा, ‘यह भारत सरकार की कितनी नैतिकता है कि वह भूके-प्यासे प्रवासी मजदूरों से उनकी यात्रा का शुल्क वसूल कर रही है। एयर इंडिया विदेश में फंसे भारतीयों को मुक्त में वापस बारे में आई। यदि रेलवे मजदूरों का किराया देने से मना करता है तो इसे पीएम केयर्स फंड से दिया जाना चाहिए। ‘

कोटव ठाकरे ने टिकट का किराया न लेने का अनुरोध किया
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कोटव ठाकरे ने भी केंद्र से अनुरोध किया है कि वह कोरोनावायरस लॉकडाउन के दौरान ट्रेन से अपने घर के स्थान की यात्रा करने वाले प्रवासी कामगारों से किराया न लें। ठाकरे ने केंद्र को प्रेषित एक पत्र में रविवार देर रात कहा कि राज्य के विभिन्न केंद्रों में 40 दिनों तक लगभग पांच लाख प्रवासी कामगारों को खाना और रहने की जगह दी गई और अब उन्होंने मौजूदा हालात को देखते हुए अपने घर जाने की इच्छा व्यक्त की। है।

लॉकडाउन की वजह से विभिन्न राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों से किराया वसूलने को लेकर रेलवे की काफी आलोचना हो रही है। अब इस प्रकार ने सफाई दी है। रेलवे का कहना है कि वह मजदूरों को टिकट नहीं बेच रही है। रेलवे ने बताया कि वह अब तक 34 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर चुका है। सूत्रों के अनुसार रेलवे ने सोमवार को कहा, ‘रेलवे राज्य सरकारों से इस वर्ग के लिए केवल मानक किराया वसूल रहा है जो रेलवे की कुल लागत का महज 15 प्रतिशत है। रेलवे किसी भी प्रवासी को टिकट नहीं बेच रहा है और राज्यों द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची के अनुसार ही यात्रियों को यात्रा करने दे रहा है। ‘

सूत्रों के अनुसार मंत्रालय ने कहा कि लॉकडाउन के बीच वह अब तक देश के विभिन्न भागों में 34 श्रमिक ट्रेनों का संचालन कर रहा है। वह सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए इस कठिन समय में गरीब लोगों को आरामदायक यात्रा मुहैया करवा रहा है।

मंत्रालय ने कहा कि वह प्रवासियों को मुफ्त भोजन और बरबलंद पानी उपलब्ध करा रहा है। सूत्रों के अनुसार रेलवे ने कहा, ‘हम श्रमिक विशेष ट्रेनों का संचालन कर रहे हैं और सामाजिक दूरी को बनाए रखते हुए हर कोच में बर्थ को खाली रख रहे हैं। लिंक से ट्रेनें खाली वापस आ रही हैं। रेलवे प्रवासियों को मुफ्त भोजन और बरबलंद पानी मुहैया करवा रहा है। ‘

सोनिया बोलीं- हमने विदेशी मजदूरों का टिकट खर्च किया
वहीं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा, ‘कांग्रेस ने मेहनतकश कार्यकर्ताओं और कामगारों की इस निशुल्क रेलयात्रा की मांग को बार-बार उठाया है। दुर्भाग्य से न सरकार ने एक सुनी और न ही रेल मंत्रालय ने। इसलिए, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने यह निर्णय लिया है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी की हर इकाई हर जरूरतमंद श्रमिक व कामगार के घर लौटने की रेल यात्रा का टिकट खर्च करने की इच्छा करेगी। ‘

राहुल बोले- गुत्थी सुलझाई
राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘एक तरफ रेलवे दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों से टिकट का भाड़ा वसूल रहा है वहीं दूसरी तरफ रेल मंत्रालय पीएम कैर फंड में 151 करोड़ रुपये का चंदा दे रहा है। जरा ये गुत्थी सुलझाई। ‘

नमस्ते ट्रम्प पर 100 करोड़ रु खर्च किए गए, फिर मजदूरों के लिए मुफ्त रेल यात्रा क्यों नहीं: प्रियंका
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सवाल किया कि जब नमस्ते ट्रम्प कार्यक्रम पर 100 करोड़ रुपये खर्च किए जा सकते हैं तो फिर संकट के समय मजदूरों को मुफ्त रेल यात्रा की सुविधा उपलब्ध क्यों नहीं कराई जा सकती है?

उन्होंने ट्वीट किया, ‘मजदूर राष्ट्र निर्माता हैं। लेकिन आज वे दर्रा की ठोकर खा रहे हैं। यह पूरे देश के लिए आत्मपीड़ा का कारण है। जब हम विदेश में फंसे भारतीय नागरिकों को हवाई जहाज से निशुल्क वापस लेकर आ सकते हैं, जब नमस्ते ट्रम्प कार्यक्रम में सरकारी खजाने से 100 करोड़ रु खर्च कर सकते हैं, जब रेल मंत्री पीएम केयर्स कोष में 151 करोड़ रु दे सकते हैं तो फिर से मानसून इस आपदा की इस घड़ी में निशुल्क रेल यात्रा की सुविधा क्यों नहीं दे सकती? भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने निर्णय लिया है कि वह घर जाने वाले मजदूरों की रेल यात्रा का पूरा खर्च उठाएगी। ‘





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