रिपोर्टर डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Updated Mon, 04 मई 2020 05:07 PM IST

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पश्चिम बंगाल में प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए कम से कम 37 राशन खरीद को गिरफ्तार किया। वहीं, पुलिस ने 42 अन्य लोगों के लाइसेंस रद्द कर दिए। इन लोगों पर पीडीएफएस वस्तुओं के दुरुपयोग में कथित रूप से शामिल होने का आरोप है।

पुलिस की तरफ से बताया गया है कि राशन के मुद्दे पर फर्जी खबर बनाने और प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पश्चिम बंगाल पुलिस ने इस मामले में एक ट्वीट कर कहा, “अप्रैल महीने में 21,200 राशन की दुकानों से 9 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त राशन दिया गया।

वास्तव में राज्य भर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएफएस) आउटलेट्स के बाहर झड़प की शिकायत मिल रही थी। स्थानीय लोगों का कहना था कि पीडीएफएस आउटलेट्स पर राशन का सही से वितरण नहीं हो रहा है।

बता दें कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सितंबर तक राज्य में 7.5 करोड़ लोगों के लिए मुफ्त खाने और राशन की घोषणा की है।

इस दौरान एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) और ‘मिड डे मील’ योजना के तहत छात्रों के घरों में अलग से 2 किलो चावल भी पहुंचाया जा रहा है।

दरअसल भाजपा लगातार पीडीएफएस में धांधली का आरोप लगा रही है। भाजपा की तरफ से दावा किया गया है कि गरीबों के एक हिस्से को न तो खाने को मिल रहा है और न उन्हें खाने का सामान दिया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि इसके चलते राज्य में कई लोग भूखे हैं।

राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने भी हाल ही में राज्य में पीडीएफएस पर चिंता व्यक्त की थी।

पश्चिम बंगाल में प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए कम से कम 37 राशन खरीद को गिरफ्तार किया। वहीं, पुलिस ने 42 अन्य लोगों के लाइसेंस रद्द कर दिए। इन लोगों पर पीडीएफएस वस्तुओं के दुरुपयोग में कथित रूप से शामिल होने का आरोप है।

पुलिस की तरफ से बताया गया है कि राशन के मुद्दे पर फर्जी खबर बनाने और प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पश्चिम बंगाल पुलिस ने इस मामले में एक ट्वीट कर कहा, “अप्रैल महीने में 21,200 राशन की दुकानों से 9 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त राशन दिया गया।

वास्तव में राज्य भर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएफएस) आउटलेट्स के बाहर झड़प की शिकायत मिल रही थी। स्थानीय लोगों का कहना था कि पीडीएफएस आउटलेट्स पर राशन का सही से वितरण नहीं हो रहा है।

बता दें कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सितंबर तक राज्य में 7.5 करोड़ लोगों के लिए मुफ्त खाने और राशन की घोषणा की है।

इस दौरान एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) और ‘मिड डे मील’ योजना के तहत छात्रों के घरों में अलग से 2 किलो चावल भी पहुंचाया जा रहा है।

दरअसल भाजपा लगातार पीडीएफएस में धांधली का आरोप लगा रही है। भाजपा की तरफ से दावा किया गया है कि गरीबों के एक हिस्से को न तो खाने को मिल रहा है और न उन्हें खाने का सामान दिया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि इसके चलते राज्य में कई लोग भूखे हैं।

राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने भी हाल ही में राज्य में पीडीएफएस पर चिंता व्यक्त की थी।





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