न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 04 मई 2020 09:43 अपराह्न IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
– फोटो: एएनआई

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को गुट निरपेक्ष (NAM) देशों के सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीएम मोदी ने कहा कि मानवता एक बड़े संकट का सामना कर रही है।

पीएम मोदी ने बिना नाम लिए पाकिस्तान की काली करतूतों को भी गिनाया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक ओर दुनिया कोरोनावायरस महामारी से जंग लड़ रही है और दूसरी तरफ कुछ लोग आतंकवाद, फेक न्यूज (झूठी खबरें) और फर्जी वीडियो जैसे वायरस फैलाने में जुटे हैं।

गुट निरपेक्ष देशों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “इस संकट के दौरान हमने दिखाया है कि एक वास्तविक जन आंदोलन बनाने के लिए लोकतंत्र, अनुशासन और निर्णायकता एक साथ कैसे आ सकते हैं। भारतीय सभ्यता पूरी दुनिया को एक परिवार के रूप में। देखती है। जब हम अपने नागरिकों की देखभाल करते हैं, तो हम अन्य देशों को भी मदद दे रहे हैं। “

उन्होंने कहा, “कोरोनावायरस का मुकाबला करने के लिए, हमने अपने निकटवर्ती इलाके में समन्वयमेल को बढ़ावा दिया है और हम कई अन्य लोगों के साथ भारत की चिकित्सा तकनीक को साझा करने के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण का आयोजन कर रहे हैं। अपनी जरूरतों के बावजूद हमने 123 सहयोगी देशों को चिकित्सा आपूर्ति सुनिश्चित की है। ”

अजेरबानजान के राष्ट्रपति इल्हाम अली की पहल के बाद यह बैठक बुलाई गई थी। बता दें कि इल्हाम अलियेव गुट निरपेक्ष आंदोलन के मौजूदा चेयरमैन हैं। यहाँ यह जानना भी आवश्यक है कि मौजूदा समय में संयुक्त राष्ट्र के बाद गुट निरपेक्ष आंदोलन दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक समन्वय और परामर्श का मंच है। इस समूह में 120 देश शामिल हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को गुट निरपेक्ष (NAM) देशों के सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीएम मोदी ने कहा कि मानवता एक बड़े संकट का सामना कर रही है।

पीएम मोदी ने बिना नाम लिए पाकिस्तान की काली करतूतों को भी गिनाया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक ओर दुनिया कोरोनावायरस महामारी से जंग लड़ रही है और दूसरी तरफ कुछ लोग आतंकवाद, फेक न्यूज (झूठी खबरें) और फर्जी वीडियो जैसे वायरस फैलाने में जुटे हैं।

गुट निरपेक्ष देशों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “इस संकट के दौरान हमने दिखाया है कि एक वास्तविक जन आंदोलन बनाने के लिए लोकतंत्र, अनुशासन और निर्णायकता एक साथ कैसे आ सकते हैं। भारतीय सभ्यता पूरी दुनिया को एक परिवार के रूप में। देखती है। जब हम अपने नागरिकों की देखभाल करते हैं, तो हम अन्य देशों को भी मदद दे रहे हैं। ”

उन्होंने कहा, “कोरोनावायरस का मुकाबला करने के लिए, हमने अपने निकटवर्ती इलाके में समन्वयमेल को बढ़ावा दिया है और हम कई अन्य लोगों के साथ भारत की चिकित्सा तकनीक को साझा करने के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण का आयोजन कर रहे हैं। अपनी जरूरतों के बावजूद हमने 123 सहयोगी देशों को चिकित्सा आपूर्ति सुनिश्चित की है। ”

अजेरबानजान के राष्ट्रपति इल्हाम अली की पहल के बाद यह बैठक बुलाई गई थी। बता दें कि इल्हाम अलियेव गुट निरपेक्ष आंदोलन के मौजूदा चेयरमैन हैं। यहाँ यह जानना भी आवश्यक है कि मौजूदा समय में संयुक्त राष्ट्र के बाद गुट निरपेक्ष आंदोलन दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक समन्वय और परामर्श का मंच है। इस समूह में 120 देश शामिल हैं।





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