ख़बर सुनता है

कोरोनावायरस से सामना में नाकामी को लेकर चीन व वहाँ की कम्युनिस्ट पार्टी पर सवाल उठाने वाले ब्रिटिश सांसदों और पत्रकारों ने दावा किया है कि उन्हें बदली का शिकार बनाया जा रहा है। में उसने वास्तव में चीन पर आरोप लगाया था कि उसने लाखों लोगों के लाखों लोगों को धमकाया और अर्थव्यवस्था में रोकव ला दिया है।

ब्रिटेन की टोरी सांसद एलीसिया कर्न्स के हवाले से डेली मेल की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वह पिछले सप्ताह चीन के शोध समूह में शामिल हुई थीं। इस सप्ताह अचानक उन्हें फर्जी मेल का सामना करना पड़ा। एक अन्य सांसद ने कहा कि उन्हें इंटरनेट पर विदेश मामलों की समिति के चेयरमैन टॉम टगेंडहैट की जानकारी निकलवाने की कोशिश की गई, जो कोरोनावायरस पर चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की काफी खिंचाई की थी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि एक तेजतर्रार हैकर ने रिपोर्ट लिखने वाले पत्रकार के नाम पर एक ईमेल संदेश भेजा, जो कथित तौर पर टगेंडहैट द्वारा टोरी पार्टी के बेनेडिक्ट रोजर्स को लिखा गया था। उस पर टोरी सांसद के असली संकेत और चीन के राजदूत से पूछताछ करने का ब्योरा था।

इसमें यह भी कहा गया था कि टागेंदत इस योजना पर प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के साथ काम कर रहे हैं, लेकिन दोनों में अच्छा तालमेल नहीं है। इस तरह से भ्रम फैलाने की कोशिश की गई। एक फोन कॉल से साबित हो गया कि पूरा मामला एक फेक न्यूज था। उन्होंने कहा कि यह चीन सरकार की गलत सूचना फैलाने की चाल है।

कोरोनावायरस से सामना में नाकामी को लेकर चीन व वहाँ की कम्युनिस्ट पार्टी पर सवाल उठाने वाले ब्रिटिश सांसदों और पत्रकारों ने दावा किया है कि उन्हें बदली का शिकार बनाया जा रहा है। में उसने वास्तव में चीन पर आरोप लगाया था कि उसने लाखों लोगों के लाखों लोगों को धमकाया और अर्थव्यवस्था में रोकव ला दिया है।

ब्रिटेन की टोरी सांसद एलीसिया कर्न्स के हवाले से डेली मेल की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वह पिछले सप्ताह चीन के शोध समूह में शामिल हुई थीं। इस सप्ताह अचानक उन्हें फर्जी मेल का सामना करना पड़ा। एक अन्य सांसद ने कहा कि उन्हें इंटरनेट पर विदेश मामलों की समिति के चेयरमैन टॉम टगेंडहैट की जानकारी निकलवाने की कोशिश की गई, जो कोरोनावायरस पर चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की काफी खिंचाई की थी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि एक तेजतर्रार हैकर ने रिपोर्ट लिखने वाले पत्रकार के नाम पर एक ईमेल संदेश भेजा, जो कथित तौर पर टगेंडहैट द्वारा टोरी पार्टी के बेनेडिक्ट रोजर्स को लिखा गया था। उस पर टोरी सांसद के असली संकेत और चीन के राजदूत से पूछताछ करने का ब्योरा था।

इसमें यह भी कहा गया था कि टागेंदत इस योजना पर प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के साथ काम कर रहे हैं, लेकिन दोनों में अच्छा तालमेल नहीं है। इस तरह से भ्रम फैलाने की कोशिश की गई। एक फोन कॉल से साबित हो गया कि पूरा मामला एक फेक न्यूज था। उन्होंने कहा कि यह चीन सरकार की गलत सूचना फैलाने की चाल है।





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *