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कोरोनावायरस के कारण दुनिया में बहुत सारी चीजें बदल रही हैं। दुनिया के काम करने का तरीका बदल रहा है, लोगों का खानपान बदल रहा है, लोगों का रहन-सहन बदल रहा है या यूं कहूं तो पूरी दुनिया तेजी से बदल रही है। यदि आप अपने आसपास ही नजर डालें तो आप बदलाव नजर आने लगेंगे। हाल ही में अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा है कि दुनिया में जो बदलाव अगले दो साल में होने वाले थे, वो बदलाव कोरोना की वजह से महज दो महीने में हो गए हैं। आइए जानते हैं कोरोना के बाद दुनिया का भविष्य क्या होगा और काम करने का तौर-तरीका क्या होगा?

कोरोना के कारण तमाम कंपनियों के बीच वर्क फ्रॉम होम का ट्रेंड बड़े स्तर पर देखने को मिला है। जो कंपनियां कोरोना से पहले अपने कर्मचारियों को किसी भी सूरत में घर से काम करने की इजाजत नहीं देती थीं, उनके भी कर्मचारी अब घर से काम कर रहे हैं। वर्क फ्रॉम होम से कंपनियों को बहुत बड़ा फायदा हो रहा है। यह उदाहरण से समझें तो किसी कंपनी को एक कर्मचारी के लिए कार्यालय में एक जगह तय करनी होती है, एक कुर्सी देनी होती है, बिजली का खर्च देना होता है, बिलिंग का किराया देना होता है, कार्यालय ब्वॉय की भी जरूरत पड़ती है, लेकिन वर्क फ्रॉम होम में इस तरह की चीजों की जरूरत नहीं पड़ती।

यहां तक ​​की बिजली का खर्च भी कंपनी को नहीं देना पड़ता है। कुल मिलाकर देखा जाए तो वर्क फ्रॉम होम में कंपनियों के काफी पैसे बचेंगे और आने वाले समय में 50 फीसदी से अधिक काम ऐसे ही होंगे, हालांकि घर से सभी तरह के काम नहीं हो सकते, लेकिन प्री-सेल, पोस्ट सेल, डेटा एनालिस्ट, क्रिएटिव राइटर, कस्टर सपोर्ट, कंसलटेंसी और कंटेंट रिनिंग जैसे काम आराम से हो सकते हैं।

कोरोनावायरस के कारण लोगों के खानपान में बदलाव देखने को मिल रहा है और इसके कारण लोगों की सेहत सुधर रही है। हाल ही में महामारी विज्ञान के प्रोफेसर और हार्वर्ड टी.एच. चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ डॉ वाल्टर विललेट ने कहा था कि 40 फीसदी से अधिक व्यस्क अमेरिकी मोटापे के शिकार हैं जिनके कारण लोगों में हृदय रोग तेजी से बढ़ रहे हैं और लोगों की जान भी जा रही है, लेकिन कोरोना ने लोगों की जीवन में सुधार किया है दी है। केवल अमेरिका में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में यह परिवर्तन देखने को मिलेगा। लोग होटल में कम खाना पसंद करेंगे और लोगों की सेहत में काफी सुधार देखने को मिलेगा। लोग मांस खाना भी कम करेंगे।

जैसा कि कई देशों में बड़े स्तर पर लोग बेरोजगार हुए हैं और आने वाले समय में स्थिति और खराब होने का अनुमान लगाया जा रहा है। लॉकडाउन के कारण लोगों के खर्च में कमी देखने को मिल रही है, क्योंकि जो पैसे कपड़े खरीदने और प्रसाधन में खर्च हो रहे थे वे एकदम से बंद हो गए हैं। साथ ही लोगों के मन में नौकरी जाने का डर बैठा हुआ है। इन सभी चीजों को ध्यान में रखते हुए लोगों के दैनिक खर्च में कटौती होगी।

हाल ही में ग्लोबल बाइसाइकिल टायर (BC) की शोध में यह दावा किया गया है कि कोरोनावायरस खत्म होने के बाद बाजार में साइकिल की मांग तेजी से बढ़ेगी। साइकिल की मांग बढ़ने के पीछे सबसे बड़ा कारण सोशल डिस्टेंसिंग का है। जिन लोगों को पास के किसी बाजार या मॉल में जाना है या जो लोग शेयरिंग औटो का इस्तेमाल करते हैं, वे साइकिल का ही इस्तेमाल करेंगे, क्योंकि साइकिल पर सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन होगा और किसी के संपर्क में आने का कोई मसला नहीं रहेगा। इसके अलावा इसमें खर्च भी बहुत कम है। अमेरिका में कोरोना महामारी के दौरान साइकिल सबसे बड़ा साधन है।

कोरोनावायरस के कारण दुनिया में बहुत सारी चीजें बदल रही हैं। दुनिया के काम करने का तरीका बदल रहा है, लोगों का खानपान बदल रहा है, लोगों का रहन-सहन बदल रहा है या यूं कहूं तो पूरी दुनिया तेजी से बदल रही है। यदि आप अपने आसपास ही नजर डालें तो आप बदलाव नजर आने लगेंगे। हाल ही में अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा है कि दुनिया में जो बदलाव अगले दो साल में होने वाले थे, वो बदलाव कोरोना की वजह से महज दो महीने में हो गए हैं। आइए जानते हैं कोरोना के बाद दुनिया का भविष्य क्या होगा और काम करने का तौर-तरीका क्या होगा?


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वर्क फ्रॉम होम का चलन





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