अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Updated Mon, 04 मई 2020 06:41 AM IST

नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
– फोटो: पीटीआई

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10 राज्यों के सबसे ज्यादा संदिग्ध 20 जिलों में राज्य सरकारों की मदद के लिए केंद्र सरकार ने 20 टीमें गठित की हैं। इन टीमों में भोपाल और दिल्ली एम्स के अलावा नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (एनसीडीसी) के शीर्ष अधिकारी शामिल किए गए हैं। ये 20 टीम महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, गुजरात, मध्यप्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में राज्य सरकारों के साथ काम करेंगी।

यूपी के लखनऊ और आगरा में दो टीमें कार्य करेंगी, दिल्ली में दक्षिणी पूर्वी और मध्य जिले में टेंडमेंटमेंट जोन की योजना पर काम करती है। दिल्ली के इन दोनों जिलों में सबसे ज्यादा मरीज अब तक मिल चुके हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिन जिलों में कोरोनावायरस के नए मरीज सबसे ज्यादा सामने आ रहे हैं, वहां के लिए दो-दो विशेषज्ञों की टीमें बनाकर भीगी जा रही हैं।

ये टीमें अस्पतालों में आपातकालीन सेवाओं से लेकर संरक्षण क्षेत्र और आरटी पीसीआर जांच तक पर फोकस करती हुई योजना बनाकर काम करेंगी। साथ ही राज्य सरकारों की मदद भी करेंगी। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार ने कुछ दिन पहले मदद के लिए केंद्रीय स्तर पर टीमों को तैनात करने की मांग की थी। इसके बाद ही एनसीडीसी और दिल्ली एम्स के सामुदायिक चिकित्सा विशेषज्ञों की टीमें बनाई गई हैं।

1930 के लिए हेल्पलाइन 1930: गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन के दौरान ट्रक ड्राइवरों और रिपोर्टरों की शिकायतों का जल्द समाधान करने के लिए कंट्रोल रूम शुरू किया है। देश के किसी भी हिस्से में खाली या भरे हुए को पुलिस या किसी विभाग के अधिकारी रोकते हैं तो 1930 नंबर पर शिकायत की जा सकती है।

कंट्रोल रूम में राजमार्ग मंत्रालय के अफसर शिकायतों का निपटारा करेंगे। विशेष रूप से ऐसे स्थानों से आग को रोकने की ज्यादा शिकायतें मिल रही हैं, जहां दो राज्य या जिलों की सीमाएं मिलती हैं।

10 राज्यों के सबसे ज्यादा संदिग्ध 20 जिलों में राज्य सरकारों की मदद के लिए केंद्र सरकार ने 20 टीमें गठित की हैं। इन टीमों में भोपाल और दिल्ली एम्स के अलावा नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (एनसीडीसी) के शीर्ष अधिकारी शामिल किए गए हैं। ये 20 टीम महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, गुजरात, मध्यप्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में राज्य सरकारों के साथ काम करेंगी।

यूपी के लखनऊ और आगरा में दो टीमें कार्य करेंगी, दिल्ली में दक्षिणी पूर्वी और मध्य जिले में टेंडमेंटमेंट जोन की योजना पर काम करती है। दिल्ली के इन दोनों जिलों में सबसे ज्यादा मरीज अब तक मिल चुके हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिन जिलों में कोरोनावायरस के नए मरीज सबसे ज्यादा सामने आ रहे हैं, वहां के लिए दो-दो विशेषज्ञों की टीमें बनाकर भीगी जा रही हैं।

ये टीमें अस्पतालों में आपातकालीन सेवाओं से लेकर संरक्षण क्षेत्र और आरटी पीसीआर जांच तक पर फोकस करती हुई योजना बनाकर काम करेंगी। साथ ही राज्य सरकारों की मदद भी करेंगी। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार ने कुछ दिन पहले मदद के लिए केंद्रीय स्तर पर टीमों को तैनात करने की मांग की थी। इसके बाद ही एनसीडीसी और दिल्ली एम्स के सामुदायिक चिकित्सा विशेषज्ञों की टीमें बनाई गई हैं।

1930 के लिए हेल्पलाइन 1930: गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन के दौरान ट्रक ड्राइवरों और रिपोर्टरों की शिकायतों का जल्द समाधान करने के लिए कंट्रोल रूम शुरू किया है। देश के किसी भी हिस्से में खाली या भरे हुए को पुलिस या किसी विभाग के अधिकारी रोकते हैं तो 1930 नंबर पर शिकायत की जा सकती है।

कंट्रोल रूम में राजमार्ग मंत्रालय के अफसर शिकायतों का निपटारा करेंगे। विशेष रूप से ऐसे स्थानों से आग को रोकने की ज्यादा शिकायतें मिल रही हैं, जहां दो राज्य या जिलों की सीमाएं मिलती हैं।





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