• इसके लिए कंपनियां Google हैंगआउट काल्स, माइक्रोसाफ्ट टीम और जूम ऐप की सहायता ले रही हैं।
  • वीडियो इंटरव्यू के लिए कॉल क्वालिटी, बैंडविड्थ, डिवाइस क्वालिटी, लाइटिंग, एंबियंट नॉइज़ और बैकग्राउंड डिस्ट्रैक्शन कठिनाइयों सामने आ रही है।

दैनिक भास्कर

04 मई, 2020, 03:22 बजे IST

नई दिल्ली। कोरोनावायरस महामारी के कारण इस समय जीवन में लोग घरों में बंद हैं। करोड़ों की संख्या में कर्मचारी वर्क फ्राॅम होम कर रहे हैं। लॉकडाउन के कारण इन दिनों हायरिंग प्रक्रिया में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। कंपनियां वर्ग हायरिंग पर फोकस कर रही हैं। वीडियो काॅनफ्रेस के जरिए इंटरव्यू हो रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया का भले ही यह शुरुआती चरण हो लेकिन कंपनियां इसे लंबे समय तक लागू करने पर विचार कर रही हैं।

आईटी सेक्टर में वर्ग हायरिंग को प्राथमिकता
विशेषज्ञों का मानना ​​है कि भविष्य में आईटी सेक्टर में वर्ग हायरिंग को प्राथमिकता दी जाएगी। हालाँकि, इस दौरान मराठ की भूमिका महत्वपूर्ण है। पेगासिस्टम इंडिया के एमडी सुमन रेड्डी का कहना है कि महामारी से पहले कभी सोचा भी नहीं था कि वर्ग हायरिंग करना जरूरी होगा। अब इंटरव्यू ही नहीं हर तरह की ऑन-बोर्डिंग प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से संचालित किया जा रहा है।

कंपनियों का वीडियो कालिंग ऐप पर हुआ निर्भर
भर्ती फॉर्म इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग एंड कंपनी एंड जनरल स्टाफिंग, टीमलीज दिशा लिमिटेड के बिजनेस हेड, सुदीप सेन ने कहा कि लाकडाउन के दौरान कक्षा इंटरव्यू में 75 फीसदी से अधिक वृद्धि हुई है। इससे पहले तक सिर्फ कुछ ही केस में वर्ग इंटरव्यू होते थे लेकिन अब सोशल डिस्टेंसिंग के चलते अन्य कोई विकल्प नहीं रह गया है, ऐसे में डिजिटल जाब इंटरव्यू पर फोकस किया जा रहा है। वर्ग हायरिंग के लिए कंपनियां Google हैंगआउट काॅल्स, माइक्रोसाफ्ट टीम और जूम ऐप की सहायता ले रही हैं।

कॉल क्वालिटी, बैंडविड्थ, डिवाइस क्वालिटी बनीं चुनौती
एक विशेषज्ञ स्टाफिंग कंपनी, एक्सफेनो के सह-संस्थापक, कमल करंत के कहते हैं, लाकडाउन के बाद भर्ती के लिए कंपनी के पास वीडियो इंटरव्यू ही एकमात्र विकल्प रह गया है। यहां तक ​​की इन दिनों संपर्कों इंटरव्यू भी कम हो गए हैं। बता दें कि इस बार कंपनियां पूरी तरह से वीडियो कालिंग ऐप पर निर्भर हैं। हालांकि, इंटरव्यू के लिए कॉल क्वालिटी, बैंडविड्थ, डिवाइस क्वालिटी, लाइटिंग, एंबियंट नॉइज़ और बैकग्राउंड डिस्ट्रैक्शन वीडियो कठिनाइयों सामने आ रही है।

वेतन कटौती के बावजूद जारी किया गया है
कोविद -19 महामारी के दौरान जहां एक तरफ लाखों लोग चिप पर हैं। वहीं, दूसरी तरफ कई कंपनियां हायरिंग पर भी जोर दे रही हैं। पूरी तरह से हायरिंग बंद नहीं है, नुकसान के बावजूद कंपनियों को जरूरत के अनुसार भर्ती कर रहे हैं। गोल्डमैन सैक्स, वेदांता और कैपजेमिनी सहित कंपनियां भारत में विशेष रूप से तकनीकी, डिजिटल और कोर डोमेन विशेषज्ञों में प्रतिभा की तलाश कर रही हैं। जॉब पोर्टल्स, लिंक्डइन और कंपनी साइटों के डेटा के अनुसार, पिछले सप्ताह में 200 से अधिक नौकरी सिर्फ डायरेक्टर-लेवल और अन्य शीर्ष पदों के लिए थीं।

क्या कहना है कंपनियों का

  • भारत में गोल्डमैन सैक्स के बारे में प्रमुख गुंजन सामतानी का कहना है कि कोविड -19 महामारी में भी हम भर्ती कर रहे हैं। इस बार कंपनी का ध्यान अपनी टीम में प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं को शामिल करने पर है।
  • वेदांता भी तकनीकी पदों के लिए लोगों को हायर कर रही है। वेदांता ग्रुप के मुख्य मानव संसाधन अधिकारी मधु श्रीवास्तव ने कहा, ‘हम तकनीकी विशेषज्ञों की तलाश कर रहे हैं। इस समय कंपनी के कई शीर्ष पदों पर भर्ती कर रहे हैं।





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *