• ब्रिटेन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा के तौर-तरीकों के डॉक्टरों में शामिल डॉ। असीम मल्होत्रा
  • कहा- पैकेज खाद्य से भारतीय, ब्रिटेन और अमेरिका में इसी कारण से ज्यादा मौतें

दैनिक भास्कर

03 मई, 2020, शाम 06:19 बजे

लंदन। भारत, अमेरिका और ब्रिटेन सहित दुनिया के कई देश इस वक्त कोरोना महामारी से जंग लड़ रहे हैं। ऐसे में भारतीय मूल के ब्रिटिश डॉक्टर (कार्ड सियोलॉजिस्ट) ने भारतीयों को तुरंत अल्ट्रा प्रोसेड फूड (अनाजवाले खाद्य) छोड़ने की सलाह दी है। उनका दावा है कि कोविड -19 से होने वाली मौतों का एक प्रमुख कारण कमजोर खानपान है। कोरोना से मोटे लोगों को ज्यादा खतरा हो सकता है।

डॉ। असीम मल्होत्रा ​​मूलरूप से दिल्ली के रहने वाले हैं। वे ब्रिटेन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) के एमलाइन डॉक्टरों में शामिल हैं। इन दिनों कोरोना से लड़ाई में जीवन शैली बदलने के बारे में जागरुकता फैल रही हैं। डॉ। असीम ने कहा, ‘में भारत में जीवनशैली से जुड़ीं बीमारियाँ ज्यादा हैं। विशेष रूप से टाइप -2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग। ये तीन तरह की बीमारी को विभाजित -19 के लिए बहुत खतरनाक हैं और ये बीमारियां ज्यादा वजन होने से आती हैं। ”

ज्यादा से अमेरिका सहित यूरोप के देशों में कोरोना से ज्यादा मौतें हुई हैं। इसका एक कारण यह भी है कि यहाँ जीवनशैली स्वस्थ रखने वाली नहीं है। यह सब जानते हैं, लेकिन कहते हैं कि कोई नहीं चाहता है। ब्रिटेन और अमेरिका में 60 प्रतिशत से अधिक वयस्क लोग ज्यादा वजन वाले हैं। अमेरिका में 8 में से एक ही आदमी मेटबॉलिकली स्वस्थ होता है। इसका मतलब यह है कि उसका बल्ड प्रेशर सामान्य है और वजन भी उचित है। केवल खानपान सुधारक कुछ हफ्तों में ही मेटबॉलिज्म सही कर सकते हैं। ”

टाइप -2 डायबिटीज के मरीजों को 10 गुना ज्यादा खतरा
साइंस जर्नल गया नेचर ’में प्रकाशित एक रिपोर्ट में बताया गया है कि टाइप -2 डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति के कोरोनाटिक होने से मौत का खतरा 10 गुना बढ़ जाता है। डॉ। असीम ने चेतावनी दी है कि टाइप -2 डायबिटीज के लिए दी जाने वाली दवाओं जीवनकाल बढ़ाने और मौत के जोखिम को कम करने में बहुत कम लाभ पहुंचाती हैं। इनका साइड इफेक्ट भी होता है, जिसके बारे में ज्यादातर लोगों को जानकारी नहीं होती है। उन्होंने कहा कि मेरे कहने का ये मतलब नहीं है कि दवाई बंद कर दी जानी चाहिए, लेकिन जीवन शैली में बदलाव कर स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डाला जा सकता है।

भारतीय लोग ऐसा भोजन तुरंत छोड़ देते हैं
डॉ। असीम ने अल्ट्रा प्रोसेड केमिकल्स (अनाजवाले खाद्य) को छोड़ने के लिए कहा है। इस तरह के खाद्य में सुगर, स्टार्च, खराब ऑयल और खाद्य को सुरक्षित बनाए रखने के लिए जब्त किए गए रसायनल से सेहत पर बुरा असर पड़ता है। ब्रिटेन में खाद्य पदार्थों का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा सब्जीवाल ही है। उन्होंने कहा कि मैं भारतीय लोगों को सलाह देना चाहता हूं कि तुरंत ही इस तरह के खाने को छोड़ देना चाहिए।

धोखे का अधिक सेवन भी खतरनाक है
डॉ। असीम ने कहा कि भारत के खाद्य पदार्थों में कार्बोहाइड्रेट का बहुत अधिक सेवन होता है। कार्बोहाइड्रेट के ज्यादा सेवन से ग्लूकोज और इंसुलिन उठता है, जिससे ब्लड प्रेशर, टाइप -2 डायबिटीज और दिल की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। गेहूं और चावल के आटे में भी बहुत ज्यादा कार्बोहाइड्रेट होता है।





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