• टैक्स प्लानिंग का मुख्य उद्देश्य वह टैक्स बचाना होता है जो आप पर बन रहा है।
  • शिशु विभाग भी बचत और बीमा के जरिए वैध तरीके से टैक्स बचाने के कई विकल्प उपलब्ध कराता है।

दैनिक भास्कर

03 मई, 2020, 02:49 अपराह्न IST

नई दिल्ली। हम हमेशा अपनी टैक्स प्लानिंग को अंतिम समय के लिए छोड़ देते हैं। लेकिन अंतिम समय में वह गलतियां जो अक्सर हो जाती हैं, इनसे हमेशा बचना चाहिए। टैक्स प्लानिंग का मुख्य उद्देश्य वह टैक्स बचाना होता है जो आप पर बन रहा है। शिशु विभाग भी आपको बचत और बीमा के जरिए वैध तरीके से टैक्स बचाने के कई विकल्प उपलब्ध कराता है।

आदर्श स्थिति तो ऐसा होता है कि आप वित्तीय वर्ष की शुरुआत में ही टैक्स प्लानिंग करें न कि अंतिम समय में जब आपके पास विचार करने के लिए बेहद कम समय हो। लेकिन हम अंतिम समय में टैक्स बचाने के लिए बचत करना शुरू करते हैं। इस दौरान हमें कई तरह की गलतियां हो जाती हैं। आइए जानें कि अंतिम समय में की गई टैक्स प्लानिंग में हमें क्या-क्या गलतियां हो जाती हैं जो हमें हासिल से भटक जाती हैं-

टैक्स कितना बेगा, पता नहीं
सबसे पहली गलती यह होती है कि आप अलग-अलग स्रोत से आपकी कुल आय इतनी है, इसकी गणना ही नहीं कर पाते हैं। वेतन, बिजनेस इनकम, कैपिटल गैप, डिविडेंट और विभिन्न डिपाजिट से मिले ब्याज की गणना द्वारा आपको अपनी कुल आयिनी की जरूरत होती है। एक बार आय तय हो जाने के बाद तय करें कि आपकी कुल कर देयता बहुत बनेगी।

मनी दैट मेटर आदिल शेट्ट, सीईओ मनी बाजार
सबसे पहली गलती यह होती है कि आप अलग-अलग स्रोत से आपकी कुल आय इतनी है, इसकी गणना ही नहीं कर पाते हैं। वेतन, बिजनेस इनकम, कैपिटल गैप, डिविडेंट और विभिन्न डिपाजिट से मिले ब्याज की गणना द्वारा आपको अपनी कुल आयिनी की जरूरत होती है। एक बार आय तय हो जाने के बाद तय करें कि आपकी कुल कर देयता बहुत बनेगी।

कर डिडक्शन का पता न होना
शिशु कानून के कई सेक्शन और सब सेक्शन हैं जिनमें डिडक्शन मिलता है जिनके जरिए आप टैक्स में छूट पा सकते हैं। जैसे चैरिटी में दिए जाने वाले धन पर शिशु कानून 80 जी के तहत डिडक्शन मिलता है।





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *